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दिल्ली में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ बड़ा एक्शन: बवाना नहर के पास मुठभेड़, पैर में गोली लगने के बाद 3 शूटर दबोचे

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में अपराध और गैंगस्टरों के खिलाफ दिल्ली पुलिस का ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान जारी है। रविवार सुबह दिल्ली पुलिस की आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट टीम और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खूंखार शार्पशूटरों के बीच बवाना इलाके में जबरदस्त मुठभेड़ हुई। इस दौरान पुलिस ने जवाबी फायरिंग करते हुए तीन वांटेड शूटर्स को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। मुठभेड़ के दौरान एक शूटर के पैर में गोली लगी है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बवाना मुल्क नहर के पास बिछाया गया था जाल

दिल्ली पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बवाना इलाके में एक कारोबारी की हत्या में शामिल शूटर मुल्क नहर के पास से गुजरने वाले हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की बवाना थाना टीम ने इलाके की घेराबंदी की। जैसे ही पुलिस ने संदिग्धों को रुकने का इशारा किया, बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, दोनों तरफ से कुल चार राउंड गोलियां चलीं। आत्मरक्षा में की गई पुलिस फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने तीनों को मौके पर ही दबोच लिया। घायल बदमाश को कड़ी सुरक्षा के बीच नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है।

तीन दिन पहले कारोबारी की हत्या का बदला

गिरफ्तार किए गए ये तीनों शूटर दिल्ली के बवाना इलाके में तीन दिन पहले हुई एक सनसनीखेज वारदात में शामिल थे। इन बदमाशों ने एक स्थानीय कारोबारी को सड़क पर दौड़ा-दौड़कर गोलियों से भून दिया था। इस हत्या ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया था।

हैरानी की बात यह है कि इस हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े रणदीप मलिक और अनिल पंडित ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर ली थी। पुलिस तभी से इन शूटर्स की तलाश में दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी।


लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नेटवर्क को खंगाल रही पुलिस

गिरफ्तारी के बाद अब दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच के अधिकारी इन शूटर्स से लंबी पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस की तफ्तीश मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर केंद्रित है:

  • सुपारी का स्रोत: कारोबारी की हत्या के लिए सुपारी किसने दी थी और इसके पीछे का मुख्य मकसद क्या था?

  • अगला टारगेट: क्या गैंग ने दिल्ली-एनसीआर के अन्य व्यापारियों या हस्तियों को भी अपने निशाने पर रखा है?

  • हथियारों की सप्लाई: इन शूटर्स को स्वचालित हथियार और कारतूस कहाँ से उपलब्ध कराए गए?

  • डिजिटल लिंक: सोशल मीडिया पर हत्या की जिम्मेदारी लेने वाले रणदीप मलिक और अनिल पंडित के साथ इनके सीधे संपर्क के सबूत जुटाए जा रहे हैं।


पिछले महीने भी हुआ था बड़ा एनकाउंटर

यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गों पर नकेल कसी हो। पिछले महीने भी उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी इलाके में एक भीषण मुठभेड़ हुई थी, जिसमें दो शार्पशूटरों को गिरफ्तार किया गया था। वे आरोपी बाहरी और पूर्वी दिल्ली में हुई फायरिंग और रंगदारी (Extortion) के मामलों में वांछित थे।

उन आरोपियों के पास से पुलिस ने:

  1. दो स्वचालित पिस्तौल (Automatic Pistols)

  2. भारी मात्रा में जिंदा कारतूस

  3. चोरी की स्कूटी और कई मोबाइल फोन बरामद किए थे।

पूछताछ में खुलासा हुआ था कि ये गुर्गे विदेश में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर दिल्ली के व्यापारियों से करोड़ों की रंगदारी मांग रहे थे और बात न मानने पर उनके घरों या दफ्तरों के बाहर फायरिंग कर दहशत फैला रहे थे।

दिल्ली में गैंगवार और पुलिस की चुनौती

दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ समय से लॉरेंस बिश्नोई गैंग, बंबीहा गैंग और हिमांशु भाऊ जैसे गिरोहों के बीच वर्चस्व की जंग छिड़ी हुई है। विदेश में बैठे गैंगस्टर जैसे गोल्डी बराड़ और लॉरेंस के करीबी सहयोगी स्थानीय युवाओं को सोशल मीडिया और पैसों का लालच देकर अपराध की दुनिया में धकेल रहे हैं।

बवाना में हुई आज की मुठभेड़ पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है क्योंकि इन शूटर्स की गिरफ्तारी से गैंग के ‘हिट मॉड्यूल’ को तगड़ा झटका लगा है। थाना प्रभारी और उनकी टीम की इस बहादुरी की वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहना की है।

कानूनी प्रक्रिया और आगामी कार्रवाई

पिरान कलियर और बवाना जैसे संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है। गिरफ्तार किए गए तीनों बदमाशों पर हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस इन्हें अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है ताकि इस पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया जा सके।

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