जहानाबाद। बिहार के जहानाबाद जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ एक 5 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी की घटना ने न केवल जिले को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि कानून-व्यवस्था और सामाजिक नैतिकता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव व्याप्त है और आक्रोशित जनता सड़कों पर उतर आई है। शनिवार को उस वक्त स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई जब पुलिस आरोपी मोहम्मद राजू को मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुँची।
सदर अस्पताल बना ‘रणक्षेत्र’, आरोपी को देखते ही भड़की भीड़
नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सदर अस्पताल में शनिवार को हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। जैसे ही पुलिस की गाड़ी आरोपी मोहम्मद राजू को लेकर अस्पताल परिसर में दाखिल हुई, वहां पहले से मौजूद सैकड़ों लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आरोपी को देखते ही भीड़ बेकाबू हो गई और ‘आरोपी को हमारे हवाले करो’ के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
उग्र भीड़ की मांग थी कि मासूम के गुनहगार को अदालत के बजाय मौके पर ही सजा दी जाए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दर्जनों प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश की और आरोपी तक पहुँचने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। जहानाबाद मासूम से दरिंदगी की इस घटना ने लोगों के भीतर इतना लावा भर दिया है कि पुलिस के लिए कानून का राज स्थापित करना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
पुलिस का कड़ा एक्शन: 3 प्रदर्शनकारी हिरासत में
बढ़ते हंगामे और कानून-व्यवस्था के बिगड़ने के खतरे को देखते हुए पुलिस को कड़ा रुख अख्तियार करना पड़ा। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए तीन युवकों को हिरासत में ले लिया। काफी मशक्कत और भारी सुरक्षा घेरे के बीच डॉक्टरों की टीम ने आरोपी का मेडिकल परीक्षण संपन्न किया। इसके तुरंत बाद, पुलिस की टीम उसे सुरक्षित तरीके से थाने ले गई, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।
आरोपी के घर पर तोड़फोड़, इलाके में पुलिस छावनी
घटना का असर केवल अस्पताल तक ही सीमित नहीं रहा। जैसे ही मासूम के साथ हुई इस क्रूरता की खबर फैली, आक्रोशित लोगों के एक समूह ने आरोपी के घर पर धावा बोल दिया। भीड़ ने वहां जमकर तोड़फोड़ की, जिसे देख इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
सदर एसडीपीओ मनीष चंद्र चौधरी ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मोर्चा संभाला। उन्होंने बताया, “5 वर्षीय बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म की घटना अत्यंत दुखद है। आक्रोशित भीड़ ने आरोपी के घर में तोड़फोड़ की थी, लेकिन पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया। अस्पताल में भी कुछ लोगों द्वारा अनावश्यक भीड़ जमा की गई थी, जिन्हें हटा दिया गया है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।”
प्रशासन की अपील: कानून को हाथ में न लें
प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों और सदर अस्पताल में अतिरिक्त पुलिस बल (Extra Police Force) की तैनाती कर दी है। खुफिया विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह न फैले। पुलिस का कहना है कि जहानाबाद मासूम से दरिंदगी के मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने इस घटना की पुरजोर निंदा करते हुए पीड़ित परिवार के लिए न्याय और आर्थिक सहायता की मांग की है। लोगों का कहना है कि जब तक इस तरह के दरिंदों को नज़ीर बनने वाली सजा नहीं मिलती, तब तक मासूमों के खिलाफ ऐसे अपराध रुकने वाले नहीं हैं।


