
श्रीनगर: दिल्ली धमाके के बाद जांच एजेंसियां एक्टिव मोड में आ चुकी हैं। जम्मू-कश्मीर में बुधवार और गुरुवार को कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर छापेमार कार्रवाई की गई। जांच एजेंसियां संभावित टेरर मॉड्यूल की परतें खोलने में जुटी हैं। इसी क्रम में कश्मीर टाइम्स के जम्मू स्थित मुख्यालय पर भी एसआईए (State Investigation Agency) ने तलाशी अभियान चलाया, जिसमें हथियार और गोला-बारूद बरामद होने का दावा किया गया है।
कश्मीर टाइम्स दफ़्तर से हथियार बरामद—एसआईए का दावा
एसआईए की ओर से जारी बयान में कहा गया कि जम्मू के रेजीडेंसी रोड स्थित कश्मीर टाइम्स कार्यालय से तलाशी के दौरान एक रिवॉल्वर, AK-सीरीज़ के कई कारतूस और खोखे, चार ग्रेनेड सेफ्टी लीवर और पिस्तौल के तीन कारतूस बरामद किए गए।
एजेंसी का कहना है कि यह कार्रवाई उन इनपुट्स के आधार पर की गई, जिनमें प्रकाशन पर “देश-विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने” के आरोप लगे थे। एसआईए ने बताया कि तलाशी से जुड़े मिले सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।
उधर कश्मीर टाइम्स के प्रबंधन ने इस छापेमारी की कड़ी आलोचना की है और इसे “स्वतंत्र मीडिया संस्थान को दबाने की कोशिश” करार दिया है। प्रबंधन का कहना है कि आरोप आधारहीन हैं और यह कदम प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है।
मेडिकल कॉलेजों में भी जांच—लॉकरों की तलाशी
दिल्ली धमाके और ‘व्हाइट कॉलर’ टेरर मॉड्यूल के खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने श्रीनगर और अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में भी चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ के लॉकरों की जांच की। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई सतर्कता बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर शिकंजा कसने की दिशा में एक एहतियाती कदम है।
भारत-पाक सीमा के नज़दीक सुरक्षा अभ्यास तेज
जम्मू, कठुआ और सांबा जिलों में सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक सर्च ऑपरेशन और कॉम्बिंग ड्रिल्स चलाए।
कठुआ के मारहीन और कोरेपन्नू, सांबा के सादोह–अरंगल क्षेत्र और जम्मू के चौकी चौरा इलाके में एसओजी, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीमा पुलिस और बीएसएफ की संयुक्त टीमें उतारी गईं।
अधिकारियों के अनुसार इन अभियानों का उद्देश्य सीमा के पास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना, संदिग्ध गतिविधियों को रोकना और मौजूदा खतरे को देखते हुए हाई अलर्ट बनाए रखना है।



