
नैनीताल: केंद्रीय लघु, कुटीर एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री जीतन राम मांझी ने अपने नैनीताल प्रवास के दौरान देश की राजनीति से लेकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति तक के विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर बेबाक राय रखी। बोट हाउस क्लब में मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने जहाँ आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा की प्रचंड जीत का दावा किया, वहीं मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच भारत की मजबूत विदेश नीति और ऊर्जा सुरक्षा पर भी केंद्र सरकार का पक्ष मजबूती से रखा।
आगामी विधानसभा चुनावों पर बड़ा राजनीतिक दावा
राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा करते हुए मांझी ने आगामी विधानसभा चुनावों के परिणामों को लेकर बड़ी भविष्यवाणी की। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, असम और केरल जैसे राज्यों में होने वाले चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी। विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, “विपक्ष ने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी इसी तरह का नैरेटिव सेट किया था कि भाजपा सत्ता में नहीं आएगी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भाजपा ने न केवल शानदार प्रदर्शन किया बल्कि सरकार भी बनाई।“
उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार की अंत्योदय आधारित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँच रहा है। मांझी के अनुसार, जनता विकास और सुशासन के नाम पर वोट देगी, जिसका सकारात्मक परिणाम जल्द ही चुनावी नतीजों में देखने को मिलेगा।
वैश्विक तनाव और ‘बुद्ध के देश’ का संदेश
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और मध्य-पूर्व के बिगड़ते हालातों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जीतन राम मांझी ने भारत की शांतिप्रिय छवि को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह स्पष्ट कर दिया है कि ‘भारत युद्ध का नहीं, बुद्ध का देश है’।” भारत हमेशा से शांति, संवाद और कूटनीति के माध्यम से विवादों के समाधान का पक्षधर रहा है।
मांझी ने प्रधानमंत्री की प्रभावी कूटनीति की सराहना करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर युद्ध जैसी स्थिति होने के बावजूद भारत की तेल और गैस आपूर्ति पर कोई बड़ा संकट नहीं आया है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्ची तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर आम जनता को राहत पहुँचाने का हरसंभव प्रयास किया है।
संतुलित विदेश नीति और ऊर्जा सुरक्षा
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बढ़ते तनाव का जिक्र करते हुए मांझी ने इसे भारत की कूटनीतिक सफलता बताया कि आज भी भारतीय जहाजों को सुरक्षित आवाजाही की अनुमति मिल रही है। उन्होंने कहा कि भारत ने इजरायल और ईरान दोनों के साथ अपने संबंधों को संतुलित रखा है। देश में ईंधन की उपलब्धता पर आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा, “भारत में तेल और गैस की कोई कमी नहीं है। सरकार जमाखोरों पर सख्त नजर रख रही है और आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सामान्य है।”
अर्थव्यवस्था की रीढ़: MSME क्षेत्र की प्रगति
अपने विभागीय कार्यों का ब्यौरा देते हुए एमएसएमई मंत्री ने कहा कि लघु और मध्यम उद्योग देश की अर्थव्यवस्था की वास्तविक रीढ़ हैं। उन्होंने एक महत्वपूर्ण तथ्य साझा करते हुए बताया कि इस क्षेत्र के माध्यम से देश में लगभग 33 करोड़ लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है। उनके अनुसार, यह एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ ऊर्जा संसाधनों से कहीं अधिक मानव संसाधन की आवश्यकता होती है, जो भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश के लिए वरदान है।
मांझी ने बताया कि उनके कार्यभार संभालने के बाद से अब तक देश भर में लगभग 8,000 नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की जा चुकी है। उत्तराखंड के संदर्भ में उन्होंने जानकारी दी कि हल्द्वानी में विस्तार केंद्र और रामनगर में प्रस्तावित तकनीकी केंद्र पर तेजी से काम चल रहा है, जिसका विस्तृत डेटा जल्द ही साझा किया जाएगा।



