हरिद्वार में आस्था के सबसे बड़े आयोजनों में शामिल कांवड़ मेला 2026 अब शुरू होने जा रहा है। 30 जुलाई से शुरू होने वाले इस विशाल धार्मिक आयोजन को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम और अन्य विभागों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार करीब 5 करोड़ कांवड़ियों के हरिद्वार पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, सफाई, स्वास्थ्य और खाद्य व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं।
कांवड़ मेले को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने के लिए हरिद्वार नगर निगम ने बड़े स्तर पर तैयारी की है। मेले के दौरान सफाई व्यवस्था संभालने के लिए 1000 सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 300 अस्थाई शौचालय बनाए गए हैं। हरकी पैड़ी क्षेत्र में कूड़े के त्वरित निस्तारण के लिए दो अत्याधुनिक सफाई मशीनें भी लगाई गई हैं।
5 करोड़ श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए विशेष इंतजाम
कांवड़ मेले में हर साल देशभर से लाखों श्रद्धालु गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंचते हैं। इस बार प्रशासन ने अनुमान लगाया है कि करीब 5 करोड़ कांवड़िए हरिद्वार पहुंच सकते हैं। इतनी विशाल संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती सफाई और व्यवस्था बनाए रखना है।
नगर निगम ने इस चुनौती से निपटने के लिए पहले से ही व्यापक योजना तैयार की है। कांवड़ मार्ग, गंगा घाटों, पार्किंग स्थलों और प्रमुख स्थानों पर विशेष सफाई व्यवस्था लागू की गई है। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए दिन-रात काम किया जाएगा।
1000 सफाई कर्मचारी संभालेंगे स्वच्छता की जिम्मेदारी
कांवड़ मेले के दौरान सबसे ज्यादा दबाव सफाई व्यवस्था पर पड़ता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने से शहर में कूड़े की मात्रा कई गुना बढ़ जाती है।
सामान्य दिनों में हरिद्वार शहर से प्रतिदिन करीब 250 टन कूड़ा निकलता है, लेकिन कांवड़ मेले के दौरान यह मात्रा काफी बढ़ जाती है। इसे देखते हुए नगर निगम ने अतिरिक्त संसाधनों की व्यवस्था की है।
मेले के दौरान करीब 1000 सफाई कर्मचारी अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात रहेंगे। ये कर्मचारी कांवड़ मार्ग, घाटों, पार्किंग क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगातार सफाई करेंगे। नगर निगम की योजना है कि कहीं भी कूड़े के ढेर जमा न हों और श्रद्धालुओं को साफ-सुथरा वातावरण मिले।
इसके अलावा 24 घंटे कूड़ा उठाने की व्यवस्था भी की गई है। एकत्रित कूड़े को तुरंत कूड़ा निस्तारण प्लांट भेजा जाएगा, जिससे शहर की स्वच्छता बनी रहे।
हरकी पैड़ी पर लगाई गईं अत्याधुनिक सफाई मशीनें
हरिद्वार के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल हरकी पैड़ी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए दो आधुनिक मशीनें लगाई गई हैं।
इन मशीनों की मदद से बड़ी मात्रा में जमा होने वाले कूड़े को तेजी से हटाया जा सकेगा। प्रशासन का मानना है कि अत्याधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से सफाई कर्मचारियों का काम आसान होगा और कम समय में बेहतर परिणाम मिलेंगे।
नगर निगम ने आने वाले कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए भी सफाई व्यवस्था को मजबूत करने की योजना बनाई है। अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में 15 आधुनिक सफाई मशीनें लगाने की तैयारी है।
300 अस्थाई शौचालयों से मिलेगी श्रद्धालुओं को सुविधा
कांवड़ मेले में लाखों श्रद्धालुओं के आने से शौचालयों की व्यवस्था भी बड़ी चुनौती होती है। इसी को देखते हुए नगर निगम ने मेला क्षेत्र में 300 अस्थाई शौचालय स्थापित किए हैं।
इन शौचालयों की व्यवस्था कांवड़ मार्ग, पार्किंग क्षेत्रों और प्रमुख स्थानों पर की गई है। प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को खुले में शौच जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े और स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित न हो।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर प्रशासन की पैनी नजर
कांवड़ मेले के दौरान श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है।
विभाग की टीमें लगातार कांवड़ यात्रा मार्ग, होटल, ढाबों, भंडारों और खाद्य सामग्री बेचने वाली दुकानों का निरीक्षण करेंगी। इस दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और निर्धारित मूल्य सूची की जांच की जाएगी।
पिछले 15 दिनों में खाद्य सुरक्षा विभाग ने 40 से ज्यादा खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे हैं। इसके अलावा नियमों के उल्लंघन के मामलों में 7 वाद न्यायालय में भी तैयार किए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। मिलावट या ओवररेटिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मिलावटी पनीर मिलने पर डेयरी पर कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने हाल ही में हरिद्वार के श्यामपुर थाना क्षेत्र में एक डेयरी पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के दौरान करीब 50 किलो मिलावटी पनीर बरामद किया गया।
विभाग ने पनीर के सैंपल लेकर जांच के लिए रुद्रपुर लैब भेजे हैं। वहीं डेयरी संचालक को लाइसेंस नहीं दिखाने पर नोटिस भी जारी किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि कांवड़ मेले के दौरान किसी भी तरह की मिलावट और मनमानी कीमत वसूलने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
अधिकारियों ने बताया- स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार ने कहा कि कांवड़ मेले के दौरान स्वच्छता व्यवस्था नगर निगम की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है और आधुनिक मशीनों का उपयोग भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पूरे मेला क्षेत्र से लगातार कूड़ा उठाया जाएगा और उसे तुरंत निस्तारण प्लांट भेजा जाएगा। कोशिश रहेगी कि दिन और रात लगातार सफाई अभियान चलता रहे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
वहीं, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी एमएन जोशी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर 15 जुलाई से ही निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 40 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जा चुके हैं और 7 मामलों में न्यायालय में कार्रवाई शुरू की गई है।
उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और कीमतों पर लगातार नजर रखी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
आस्था के महापर्व के लिए हरिद्वार पूरी तरह तैयार
कांवड़ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि प्रशासनिक क्षमता की भी बड़ी परीक्षा होता है। करोड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच व्यवस्था बनाए रखना किसी चुनौती से कम नहीं है।
हरिद्वार प्रशासन ने इस बार सफाई, सुरक्षा, स्वास्थ्य और खाद्य व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की है। 1000 सफाई कर्मचारियों, 300 अस्थाई शौचालयों और आधुनिक मशीनों के जरिए प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और कांवड़ मेला शांतिपूर्ण, सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में संपन्न हो।
अब सभी की नजर 30 जुलाई से शुरू होने वाले कांवड़ मेले पर है, जहां देशभर से आने वाले श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचकर गंगा जल लेकर अपने-अपने गंतव्यों की ओर रवाना होंगे।
