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हल्द्वानी: नशे के सौदागरों पर उत्तराखंड पुलिस का सर्जिकल स्ट्राइक, 62 लाख की स्मैक के साथ दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

हल्द्वानी (नैनीताल)। उत्तराखंड को वर्ष 2025 तक नशा मुक्त बनाने के संकल्प के साथ नैनीताल पुलिस ने नशे के काले कारोबार पर प्रहार तेज कर दिया है। इसी क्रम में हल्द्वानी की मुखानी थाना पुलिस और एसओजी (Special Operations Group) की संयुक्त टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो शातिर स्मैक तस्करों को दबोचा है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 207 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली स्मैक बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 62 लाख रुपये आंकी जा रही है।

चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़े तस्कर

नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. मंजूनाथ टीसी ने मामले का आधिकारिक खुलासा करते हुए बताया कि जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में मुखानी पुलिस और एसओजी की टीम क्षेत्र में संदिग्धों पर नजर रखे हुए थी। तभी टीम को दो युवक संदिग्ध अवस्था में आते दिखाई दिए। पुलिस की मौजूदगी देख दोनों युवकों ने घबराकर भागने का प्रयास किया, जिसके बाद घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया।

तलाशी लेने पर पुलिस टीम के होश उड़ गए जब उनके पास से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद हुआ। तस्करों के पास से कुल 207 ग्राम स्मैक मिली, जो हल्द्वानी क्षेत्र में हाल के दिनों में पकड़ी गई सबसे बड़ी खेपों में से एक है।

उत्तर प्रदेश से जुड़ा तस्करी का नेटवर्क

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नैनीताल और उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर निवासी के रूप में हुई है। पकड़े गए अभियुक्तों का विवरण इस प्रकार है:

  1. धनपाल: पुत्र रामसहाय, निवासी जवाहर ज्योति दमुवाढूंगा, थाना काठगोदाम (नैनीताल)।

  2. रामचंद्र: पुत्र लीलाधर, निवासी भेटाखास, थाना कटरा, तहसील तिलहर, जिला शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश)।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे स्वयं भी स्मैक के आदी हैं और अपने नशे के खर्च को पूरा करने के साथ-साथ मोटा मुनाफा कमाने के लिए तस्करी के इस जाल में फंसे हैं। रामचंद्र का संबंध शाहजहांपुर से होना इस बात की पुष्टि करता है कि स्मैक की यह खेप उत्तर प्रदेश के रास्ते उत्तराखंड के पहाड़ों तक पहुंचाई जा रही थी।

एसएसपी का सख्त रुख: “जेल ही होगा तस्करों का ठिकाना”

खुलासे के दौरान एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने कहा कि पुलिस अब इन आरोपियों के आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हल्द्वानी में इनके मुख्य खरीदार कौन थे और यह नेटवर्क कितना बड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के व्यापार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपियों के विरुद्ध NDPS एक्ट (स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम) के तहत कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

चोरगलिया में भी पुलिस का एक्शन: अवैध शराब के साथ एक गिरफ्तार

नशे के विरुद्ध छिड़ी इस जंग में केवल स्मैक ही नहीं, बल्कि अवैध शराब के कारोबारियों पर भी पुलिस का डंडा चल रहा है। एसएसपी के निर्देशों पर चोरगलिया पुलिस ने भी एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है।

चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने प्रिंस सिंह (23 वर्ष), निवासी ग्राम परसरामपुर को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 62 पाउच कच्ची शराब बरामद की है। चोरगलिया थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 60(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की इस सक्रियता से अवैध शराब माफियाओं में भी हड़कंप मचा हुआ है।

नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान को मिल रही धार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025’ को सफल बनाने के लिए नैनीताल पुलिस की यह कार्रवाई एक बड़ा कदम मानी जा रही है। हल्द्वानी, जो कुमाऊं का प्रवेश द्वार है, तस्करी के लिहाज से एक संवेदनशील केंद्र रहा है। ऐसे में हल्द्वानी स्मैक तस्करी पर लगाम लगाने के लिए एसओजी और स्थानीय पुलिस का यह तालमेल सराहनीय है।

पुलिस टीम को इनाम की घोषणा: एसएसपी ने इस बड़ी कामयाबी के लिए मुखानी थाना पुलिस और एसओजी टीम की पीठ थपथपाई है। सूत्रों के अनुसार, टीम के उत्साहवर्धन के लिए नकद पुरस्कार की घोषणा भी की जा सकती है।

समाज को भी बनना होगा प्रहरी

यद्यपि पुलिस प्रशासन लगातार नशे के सौदागरों को सलाखों के पीछे भेज रहा है, लेकिन 62 लाख की स्मैक का पकड़ा जाना यह भी संकेत देता है कि नशे के तस्कर अब भी युवाओं को अपना शिकार बनाने की फिराक में हैं। पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि उनके आस-पास कोई भी व्यक्ति नशे की बिक्री या तस्करी में संलिप्त दिखाई दे, तो तत्काल उसकी सूचना पुलिस को दें ताकि देवभूमि के भविष्य को सुरक्षित रखा जा सके।

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