हल्द्वानी (नैनीताल): उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में पिछले कुछ दिनों से सक्रिय शातिर चोरों और झपटमारों के खिलाफ नैनीताल पुलिस ने एक निर्णायक जीत हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मंजूनाथ टीसी के कड़े निर्देशों पर संचालित ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत मुखानी पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम ने दो बड़ी चोरी की घटनाओं का न केवल पर्दाफाश किया, बल्कि एक ऐसे अंतरराज्यीय शातिर अपराधी को भी दबोचा है जो पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। इस हल्द्वानी पुलिस चोरी का खुलासा अभियान के तहत लाखों के जेवरात और नकदी बरामद कर अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
राजमिस्त्री की आड़ में रेकी और फिर बड़ी सेंधमारी
मुखानी थाना क्षेत्र में हाल ही में हुई दो बड़ी चोरी की घटनाओं ने स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया था। पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुंशी राम, निवासी सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, मुंशी राम पेशे से एक राजमिस्त्री है। वह काम के बहाने पॉश कॉलोनियों के घरों में घुसता था और वहां की सुरक्षा व्यवस्था व परिवार की गतिविधियों की सूक्ष्मता से रेकी करता था। जैसे ही घर खाली मिलता, वह अपने हुनर का इस्तेमाल ताले तोड़ने और सेंधमारी में करता था।
200 सीसीटीवी कैमरों और तकनीकी सर्विलांस का जाल
एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि इस ब्लाइंड केस को सुलझाना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी। पुलिस टीम ने मुखानी और आसपास के इलाकों के लगभग 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाला। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर मुंशी राम को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से चोरी की गई लगभग 9 लाख रुपये की सोने-चांदी की ज्वेलरी और भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई है।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कबूला कि वह केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में भी सक्रिय रहा है। उसने हिमाचल प्रदेश में हुई 9 बड़ी चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात भी स्वीकार की है। पुलिस अब इन राज्यों की पुलिस से संपर्क कर उसके आपराधिक इतिहास का कच्चा चिट्ठा तैयार कर रही है।
झपटमार गिरोह का अंत: मोबाइल और बाइक बरामद
चोरी के इस बड़े खुलासे के साथ ही हल्द्वानी पुलिस ने बनभूलपुरा क्षेत्र में सक्रिय झपटमार गिरोह पर भी प्रहार किया है। यह गिरोह विशेष रूप से रोडवेज बस स्टैंड और व्यस्त बाजार क्षेत्रों में राहगीरों से मोबाइल और पर्स लूटने के लिए कुख्यात था। पुलिस ने इस मामले में एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह में शामिल दो नाबालिगों को भी संरक्षण में लिया गया है।
पकड़े गए आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और विभिन्न स्थानों से लूटे गए 6 महंगे मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि यह गिरोह रात के सन्नाटे का फायदा उठाकर गैंग के रूप में सक्रिय होता था और मौका मिलते ही झपट्टा मारकर फरार हो जाता था।
एसएसपी ने पुलिस टीम की थपथपाई पीठ
इस दोहरे खुलासे पर संतोष व्यक्त करते हुए एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने कहा कि अपराधियों के लिए देवभूमि में कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा, “हमारी टीम ने जिस तरह से तकनीकी साक्ष्यों का उपयोग कर इस अंतरराज्यीय चोर को पकड़ा है, वह सराहनीय है। ऑपरेशन प्रहार के तहत नशे और अपराध के गठजोड़ पर हमला जारी रहेगा।” पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।
जनता के लिए पुलिस की सलाह
हल्द्वानी पुलिस चोरी का खुलासा होने के बाद प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे अपने घरों में काम करने वाले बाहरी व्यक्तियों, जैसे राजमिस्त्री, प्लंबर या पेंटर का अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन (Verification) करवाएं। साथ ही, घरों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और लंबी अवधि के लिए बाहर जाने पर नजदीकी थाने को सूचना देने का आग्रह किया गया है।



