
हल्द्वानी: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सर्किट हाउस, हल्द्वानी में शासन और प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ एक मैराथन समीक्षा बैठक की। नैनीताल जनपद के विकास कार्यों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आयोजित इस सीएम धामी हल्द्वानी समीक्षा बैठक 2026 में मुख्यमंत्री का रुख काफी सख्त नजर आया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनहित के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अधिकारियों को उनकी कार्यप्रणाली के लिए जवाबदेह बनाया जाएगा।
मानव-वन्यजीव संघर्ष: अब तय होगी जवाबदेही
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु नैनीताल जनपद में बढ़ती मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं रहीं। मुख्यमंत्री ने इन घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि केवल मुआवजे से समस्या हल नहीं होगी, इसके लिए ‘स्थायी समाधान’ (Permanent Solution) आवश्यक है।
उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में तत्काल सोलर फेंसिंग और अर्ट सिस्टम लगाए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा, “वन विभाग और पुलिस की संयुक्त ‘क्विक रिस्पॉन्स टीम’ (QRT) को 24×7 मोड पर सक्रिय रखा जाए। हर घटना के लिए विभाग के संबंधित स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।” उन्होंने आधुनिक तकनीक के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि ड्रोन और थर्मल कैमरों के जरिए वन्यजीवों की निगरानी बढ़ाई जाए ताकि आबादी क्षेत्रों में घुसपैठ को समय रहते रोका जा सके।
पर्यटन सीजन: हुड़दंगियों पर ‘ऑपरेशन प्रहार’
आगामी ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने पुलिस प्रशासन को ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत नशाखोरी, सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग और पर्यटकों से ओवरचार्जिंग करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने को कहा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि:
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पर्यटन स्थलों पर पुलिस की 24×7 गश्त और सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई जाए।
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हल्द्वानी-नैनीताल मार्ग पर ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए शटल सेवा और वैकल्पिक पार्किंग को प्रभावी बनाया जाए।
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सड़कों को तत्काल गड्ढा-मुक्त किया जाए ताकि पर्यटकों का सफर सुगम रहे।
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कैंचीधाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निर्माणाधीन बाईपास को 30 मई तक हर हाल में चालू किया जाए।
जमरानी बांध और बिंदुखत्ता: विकास की बड़ी लकीर
तराई और भावर की जीवनरेखा मानी जाने वाली जमरानी बांध परियोजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल पेयजल और सिंचाई की समस्या सुलझाएगी, बल्कि क्षेत्र के भूजल स्तर को सुधारने में भी मील का पत्थर साबित होगी।
वहीं, बिंदुखत्ता के निवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी देते हुए मुख्यमंत्री ने बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत और जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि इससे संबंधित सभी तकनीकी बाधाओं को दूर कर प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजा जाए।
आदि कैलाश यात्रा और बुनियादी ढांचा
बैठक में कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने जानकारी साझा की कि आगामी आदि कैलाश यात्रा के लिए 1 मई से इनर लाइन पास जारी किए जाएंगे। मार्ग की स्थिति सुचारू है और यात्रियों की सुरक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। साथ ही, नैनीताल की मेट्रोपोल पार्किंग का निर्माण कार्य भी अगले 10 दिनों में शुरू हो जाएगा, जिससे नैनीताल शहर में पार्किंग की समस्या काफी हद तक कम होगी।
ग्रीष्मकाल और मानसून की पूर्व तैयारी
मुख्यमंत्री ने पेयजल और विद्युत विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि गर्मियों में पानी और बिजली का संकट पैदा न होने दिया जाए।
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पेयजल: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जहां पानी की कमी है, वहां टैंकरों और वैकल्पिक स्रोतों की व्यवस्था अभी से कर ली जाए।
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विद्युत: मानसून से पहले ट्रांसफार्मरों की मरम्मत और लाइनों के रखरखाव का कार्य पूर्ण कर लिया जाए ताकि आपदा के समय आपूर्ति बाधित न हो।
जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने उपस्थित विधायकों और जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद किया और उनके क्षेत्रों की समस्याओं को सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों का त्वरित समाधान कर उन्हें सूचित किया जाए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दर्मवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सीएम धामी हल्द्वानी समीक्षा बैठक 2026 यह संकेत देती है कि सरकार इस बार पर्यटन सीजन और आपदा प्रबंधन को लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। मुख्यमंत्री का ‘जवाबदेही’ पर दिया गया जोर शासन के गलियारों में एक नया कार्य-संस्कृति विकसित करने की ओर इशारा करता है। अगर ये निर्देश धरातल पर उतरते हैं, तो नैनीताल जनपद के लिए आने वाले महीने विकास और सुरक्षा के दृष्टिकोण से काफी सकारात्मक रहेंगे।



