
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1,03,700 करोड़ का भारी-भरकम बजट पेश किया। इस बजट की सबसे बड़ी और चमकदार घोषणा एलपीजी गैस सिलेंडरों को लेकर रही, जिसने दिल्ली के मध्यम और निम्न आय वर्ग के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। सरकार ने ‘त्योहार उपहार’ के रूप में दिल्लीवासियों को साल में दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने का क्रांतिकारी निर्णय लिया है।
होली और दिवाली पर ‘मुफ्त सिलेंडर’: मध्यम वर्ग को बड़ी राहत
बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि दिल्ली सरकार अपने नागरिकों के त्योहारों को और अधिक खुशहाल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष दो एलपीजी सिलेंडर मुफ्त दिए जाएंगे—एक होली के अवसर पर और दूसरा दिवाली पर।
इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए दिल्ली सरकार ने बजट में ₹260 करोड़ का विशेष प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “महंगाई के इस दौर में त्योहारों का खर्च आम आदमी की जेब पर भारी पड़ता है। हमारी सरकार चाहती है कि दिल्ली का कोई भी परिवार ईंधन की चिंता किए बिना अपने त्योहार मना सके।” यह योजना सीधे तौर पर दिल्ली के लाखों परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी।
ग्रीन बजट: 35 लाख स्वदेशी पौधों से सजेगी दिल्ली
सरकार ने इस बार के बजट को ‘ग्रीन बजट’ की संज्ञा दी है। प्रदूषण की समस्या से जूझ रही दिल्ली के लिए पर्यावरण संरक्षण को केंद्र में रखा गया है। सीएम रेखा गुप्ता ने आगामी चार वर्षों का रोडमैप पेश करते हुए कहा कि दिल्ली के फेफड़ों को मजबूत करने के लिए 35 लाख स्वदेशी पौधे लगाए जाएंगे।
इनमें पीपल, आम और नीम जैसे पारंपरिक और ऑक्सीजन से भरपूर पेड़ों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही नए वन क्षेत्रों (Forest Zones) के विकास के लिए ₹130 करोड़ और वन्यजीव संरक्षण के लिए ₹44 करोड़ आवंटित किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य दिल्ली के हरित आवरण (Green Cover) को रिकॉर्ड स्तर तक पहुँचाना है।
विकास और राहत का संतुलन: ₹1.03 लाख करोड़ का विजन
दिल्ली का यह बजट केवल लोकलुभावन घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर भी विशेष जोर दिया गया है। कुल ₹1,03,700 करोड़ के बजट में सामाजिक कल्याण योजनाओं के साथ-साथ सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए पर्याप्त धन रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दिल्ली की आर्थिक सेहत को बनाए रखते हुए विकास और राहत के बीच एक आदर्श संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली बजट 2026-27 मुफ्त एलपीजी योजना और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश से दिल्ली की जीडीपी में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिल सकती है।
सामाजिक कल्याण और महिला सशक्तिकरण
रेखा गुप्ता सरकार ने अपने बजट में महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को आगे बढ़ाने का संकेत दिया है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में दिल्ली के मॉडल को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं वाले नए स्कूलों और मोहल्ला क्लीनिकों के विस्तार की बात कही गई है। सरकार का मानना है कि जब बुनियादी सुविधाएं मुफ्त या सस्ती होंगी, तभी नागरिक अपनी आय का उपयोग बेहतर जीवन स्तर के लिए कर पाएंगे।
विपक्ष की प्रतिक्रिया और जनता का रुख
जहाँ एक ओर सत्ता पक्ष इस बजट को ‘जनता का बजट’ बता रहा है, वहीं विपक्षी खेमों में भी मुफ्त सिलेंडर की घोषणा को लेकर चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, दिल्ली की सड़कों और बाजारों में आम जनता ने इस फैसले का स्वागत किया है। विशेष रूप से गृहणियों का कहना है कि साल में दो सिलेंडर मुफ्त मिलने से उनके घरेलू बजट को बड़ी मदद मिलेगी।
एक भविष्यवादी बजट
कुल मिलाकर, दिल्ली का 2026-27 का बजट एक ऐसी सरकार की तस्वीर पेश करता है जो पर्यावरण के प्रति सजग है और अपने नागरिकों की जेब के प्रति संवेदनशील भी। मुफ्त एलपीजी सिलेंडर और 35 लाख वृक्षारोपण जैसे कदम यह सुनिश्चित करेंगे कि दिल्ली न केवल आर्थिक रूप से समृद्ध हो, बल्कि रहने के लिए एक स्वच्छ और हरा-भरा शहर भी बने।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने बजट भाषण का समापन करते हुए कहा, “यह बजट दिल्ली के हर नागरिक का बजट है। इसमें विकास की गति भी है और आम आदमी के लिए मरहम भी।“



