By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: डिजिटल क्रांति की ओर देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल की ‘प्रोजेक्ट उत्कर्ष’ पहल से सरकारी स्कूलों को मिली नई रफ्तार
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देहरादून > डिजिटल क्रांति की ओर देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल की ‘प्रोजेक्ट उत्कर्ष’ पहल से सरकारी स्कूलों को मिली नई रफ्तार
देहरादूनफीचर्ड

डिजिटल क्रांति की ओर देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल की ‘प्रोजेक्ट उत्कर्ष’ पहल से सरकारी स्कूलों को मिली नई रफ्तार

The Hill India News
Last updated: February 7, 2026 1:29 pm
The Hill India News
Published: February 7, 2026
Share
SHARE

देहरादून, 07 फरवरी 2026: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शिक्षा के आधुनिकीकरण और तकनीक-सक्षम शिक्षण वातावरण विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ी छलांग लगाई है। माननीय मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और जिलाधिकारी सविन बंसल के दूरदर्शी नेतृत्व में जनपद के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को स्मार्ट क्लासरूम में तब्दील करने की ऐतिहासिक शुरुआत हो गई है। ‘प्रोजेक्ट उत्कर्ष’ के तहत जिला प्रशासन ने निजी और सरकारी स्कूलों के बीच की डिजिटल खाई को पाटने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।

Contents
प्रोजेक्ट उत्कर्ष: हर कक्षा में अब होगी स्मार्ट तकनीकनिवेश और बुनियादी ढांचा: फर्नीचर से लेकर स्मार्ट स्क्रीन तकपारदर्शी चयन प्रक्रिया: जैम पोर्टल के जरिए हुआ फर्म का चयनकैसे बदलेगा शिक्षण का अनुभव?जिलाधिकारी का संदेश: “शिक्षा ही भविष्य की नींव है”उत्तराखंड के लिए एक नया ‘दून मॉडल’

प्रोजेक्ट उत्कर्ष: हर कक्षा में अब होगी स्मार्ट तकनीक

शिक्षा के क्षेत्र में यह आधुनिकीकरण का एक ऐसा मॉडल है, जो आने वाले समय में पूरे प्रदेश के लिए नजीर बनेगा। जिलाधिकारी सविन बंसल के व्यक्तिगत निर्देशन में जनपद के 168 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के लिए 884 स्मार्ट टीवी की स्थापना हेतु वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है। इस परियोजना पर कुल 3.67 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसका प्रावधान विशेष रूप से ‘जिला खनन न्यास’ (District Mineral Foundation) से किया गया है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संसाधनों के अभाव में सरकारी स्कूल का कोई भी बच्चा आधुनिक शिक्षा से वंचित न रहे। जिलाधिकारी का विजन स्पष्ट है—तकनीक केवल खास वर्ग तक सीमित न रहे, बल्कि यह समाज के अंतिम छोर पर खड़े छात्र तक भी पहुंचे।


निवेश और बुनियादी ढांचा: फर्नीचर से लेकर स्मार्ट स्क्रीन तक

देहरादून जिला प्रशासन केवल डिजिटल उपकरणों तक ही सीमित नहीं रहा है, बल्कि स्कूलों के बुनियादी ढांचे को भी पूरी तरह से बदल दिया गया है।

  • फर्नीचर युक्त विद्यालय: इससे पूर्व जिला प्रशासन ने लगभग 5 करोड़ रुपये के सीएसआर (CSR) फंड का उपयोग कर जिले के सभी सरकारी स्कूलों को आधुनिक फर्नीचर से सुसज्जित किया था।

  • स्मार्ट टीवी का वितरण: वर्तमान योजना के तहत स्कूलों में दो अलग-अलग आकारों के स्मार्ट टीवी लगाए जा रहे हैं। छोटे और मध्यम कमरों के लिए 43 इंच और बड़े कक्षा-कक्षों के लिए 55 इंच के हाई-डेफिनिशन स्मार्ट टीवी का चयन किया गया है।


पारदर्शी चयन प्रक्रिया: जैम पोर्टल के जरिए हुआ फर्म का चयन

इस महत्त्वपूर्ण परियोजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी खरीद प्रक्रिया ‘जैम’ (GeM) पोर्टल के माध्यम से ई-टेंडर प्रणाली द्वारा संपन्न की गई।

  1. प्रतिस्पर्धा: निविदा प्रक्रिया में देश भर की कुल 12 प्रतिष्ठित फर्मों ने हिस्सा लिया।

  2. टेंडर समिति: मुख्य विकास अधिकारी (CDO) की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया, जिसमें NIC, कोषागार और तकनीकी विभागों के विशेषज्ञ शामिल थे।

  3. मानक: तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन के बाद न्यूनतम दर वाली पात्र फर्म को कार्यादेश (Work Order) निर्गत किया गया है।


कैसे बदलेगा शिक्षण का अनुभव?

स्मार्ट टीवी की स्थापना केवल एक उपकरण मात्र नहीं है, बल्कि यह सीखने-सिखाने की पूरी प्रक्रिया को बदलने वाला कदम है। इसके माध्यम से शिक्षक अब:

  • दिक्षा (DIKSHA) पोर्टल और पीएम ई-विद्या जैसे राष्ट्रीय प्लेटफार्मों का सीधे उपयोग कर सकेंगे।

  • ऑडियो-वीडियो कंटेंट और ई-लर्निंग मॉड्यूल्स के जरिए कठिन विषयों को रोचक ढंग से समझा सकेंगे।

  • वर्चुअल कक्षाओं के माध्यम से छात्र विशेषज्ञों से जुड़ सकेंगे, जिससे उनकी अवधारणात्मक समझ (Conceptual Understanding) में उल्लेखनीय सुधार होगा।

यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के उन उद्देश्यों को भी पूरा करता है, जो तकनीक-आधारित और इंटरएक्टिव लर्निंग पर जोर देते हैं।


जिलाधिकारी का संदेश: “शिक्षा ही भविष्य की नींव है”

परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा, “प्रशासन विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। सरकारी विद्यालयों में डिजिटल अंतर को खत्म करना हमारी प्राथमिकता है। स्मार्ट टीवी की स्थापना से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना का भी विकास होगा।”

उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि आपूर्ति और स्थापना का कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए ताकि नए सत्र तक सभी छात्र इस डिजिटल सुविधा का लाभ उठा सकें।


उत्तराखंड के लिए एक नया ‘दून मॉडल’

देहरादून जिला प्रशासन की यह पहल राज्य के अन्य जनपदों के लिए एक प्रेरणा है। जिला खनन निधि और सीएसआर फंड का सही दिशा में उपयोग कैसे किया जा सकता है, सविन बंसल ने इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। स्मार्ट टीवी, डिजिटल कंटेंट और बेहतर फर्नीचर के साथ अब देहरादून के सरकारी स्कूल निजी स्कूलों को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार हैं।

यह वास्तव में एक ‘डिजिटल क्रांति’ है जो आने वाली पीढ़ी को सशक्त बनाने और उत्तराखंड को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

You Might Also Like

जम्मू कश्मीर : डीजी जेल हेमंत लोहिया की हत्या के मामले में उनका नौकर गिरफ़्तार
इस्लाम में शादी एक कॉन्ट्रैक्ट, हिंदुओं में जन्मों तक का साथ…, जानें और क्या बोले ओवैसी?
पाकिस्तान में जमकर टैक्स वसूलेंगे शहबाज, 4.67 लाख की आमदनी पर लगेगा 45 फीसदी कर
Uttarakhand: देहरादून में PM मोदी करेंगे निवेशकों के विशालकाय महाकुंभ का उद्घाटन
Uttarakhand: मॉक ड्रिल से परखीं चारधाम यात्रा की तैयारियां, सभी विभागों के बीच तालमेल जरूरीः सिन्हा
TAGGED:Dehradun District AdministrationDigital Education UttarakhandDistrict Magistrate Savin BansalDistrict Mining TrustProject UtkarshSmart Education System
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर नैनीताल जिला प्रशासन का बड़ा प्रहार; डीएम का सख्त आदेश- अतिरिक्त शुल्क लौटाएं या एडजस्ट करें, उल्लंघन पर 5 लाख तक जुर्माना

The Hill India News
The Hill India News
June 27, 2026
अंगदान मानव सेवा का सर्वोच्च व पुनीत कार्य, जनभागीदारी से इसे राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन बनाना आवश्यक: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा
फीफा वर्ल्ड कप 2026: डेम्बेले की खौफनाक हैट्रिक से फ्रांस ने नॉर्वे को उड़ाया, सेनेगल ने इराक को 5-0 से रौंदकर जिंदा रखीं उम्मीदें
अलीगढ़ में AIMIM नेता का खौफनाक एलान, BJP नेता नाजिया इलाही की जुबान काटने वाले को 1 लाख का इनाम
रुड़की में मामा की बेटी से लव मैरिज की खौफनाक सजा, सगे मामा ने बीच बाजार भांजे को चाकुओं से गोदकर मार डाला
मध्य भारत को पार कर यूपी-उत्तराखंड की ओर बढ़ा मानसून, मुंबई में भारी आफत का ‘ऑरेंज अलर्ट’, दिल्ली-NCR में भी बदलेगा मौसम
वेनेजुएला में कुछ ही मिनटों में आए दो शक्तिशाली भूकंप, राजधानी काराकास में इमारतें जमींदोज, सुनामी का हाई अलर्ट
हरिद्वार में बड़ा हादसा टला: BHEL क्षेत्र में नर्सिंग छात्राओं से भरी कॉलेज बस का CNG सिलेंडर लीक, मची अफरा-तफरी
डिजिटल गवर्नेंस की ओर देहरादून के बढ़ते कदम: सरकारी दफ्तरों को पूरी तरह ‘पेपरलेस’ बनाने की तैयारी, अफसरों को मिला ई-ऑफिस का व्यावहारिक पाठ
उत्तराखंड में हाई अलर्ट: चारधाम समेत धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी, अभेद्य किले में तब्दील हुए केदारनाथ-बदरीनाथ; सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैद
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?