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देहरादून जनता दर्शन: DM सविन बंसल का ‘ऑन द स्पॉट’ न्याय; बुजुर्गों को घर से निकालने वाले बेटों पर केस, भ्रष्टाचार और प्रताड़ना पर कड़ा प्रहार

देहरादून। राजधानी देहरादून के कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में सोमवार को आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम जन-विश्वास का केंद्र बना रहा। जिलाधिकारी (DM) सविन बंसल की अध्यक्षता में आयोजित इस जनसुनवाई में न केवल जन समस्याओं को सुना गया, बल्कि कई गंभीर मामलों में ‘कड़े और बड़े’ फैसले मौके पर ही लिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट संदेश दिया कि जन सुरक्षा और न्याय की गारंटी जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। बैठक में कुल 163 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से अधिकांश का निस्तारण त्वरित गति से किया गया।

विधवा सुनीता को मिला सहारा: मौके पर पेंशन और आर्थिक मदद स्वीकृत

जनता दर्शन में डकाल चौक, इंद्रानगर की निवासी सुनीता की व्यथा सुनकर हर कोई भावुक हो गया। सुनीता ने बताया कि पति की मृत्यु के बाद तीन बच्चों के पालन-पोषण के लिए उसके पास कोई साधन नहीं है और आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय है।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने तत्काल प्रभावी निर्णय लिया। उन्होंने प्रभारी अधिकारी शस्त्र को ‘रायफल क्लब फंड’ से आर्थिक सहायता जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही, जिला समाज कल्याण अधिकारी को मौके पर ही सुनीता की विधवा पेंशन स्वीकृत करने का आदेश दिया। डीएम ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि कृत कार्यवाही की रिपोर्ट जल्द पेश की जाए।

बुजुर्गों के सम्मान पर आंच नहीं: बेटों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

समाज के गिरते मूल्यों की एक दुखद तस्वीर तब सामने आई जब रेसकोर्स निवासी एक बुजुर्ग महिला ने अपने दो बेटों की शिकायत की। बुजुर्ग दंपत्ति ने रोते हुए बताया कि उनके सगे बेटों ने उन्हें न केवल मारपीट कर घर से निकाल दिया है, बल्कि उन्हें अपने ही मकान में घुसने नहीं दिया जा रहा है।

इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए मौके पर ही भरणपोषण अधिनियम (Maintenance Act) के तहत वाद दर्ज करने के आदेश दिए। इतना ही नहीं, आज की जनसुनवाई में भरणपोषण से संबंधित कुल 5 मामले दर्ज किए गए, जो यह दर्शाता है कि प्रशासन बुजुर्गों के अधिकारों के प्रति गंभीर है।

संपत्ति हड़पने वाले नातिन के पति पर गिरेगी गाज

दौड़वाला निवासी 81 वर्षीय कांता देवी ने अपनी आपबीती सुनाई, जिसे सुनकर जिलाधिकारी ने तत्काल जांच के आदेश दिए। बुजुर्ग महिला ने आरोप लगाया कि उनकी नातिन के पति ने धोखे से उनकी संपत्ति हड़प ली और बैंक खाते से सारी जमा पूंजी ऑनलाइन ट्रांसफर कर ली। नातिन की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु के बाद बुजुर्ग महिला अब बेसहारा हैं। डीएम ने उप जिलाधिकारी (न्याय) को इस धोखाधड़ी के मामले में कड़ी विधिक कार्यवाही के निर्देश दिए।

शिक्षा के मंदिर में उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं: स्कूल प्रिंसिपल से जवाब तलब

जनता दर्शन में पुलिस पब्लिक स्कूल की एक सेवानिवृत्त शिक्षिका सुशीला नेगी ने प्रधानाध्यापक पर अनावश्यक मानसिक उत्पीड़न और परेशान करने का आरोप लगाया। जिलाधिकारी ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) को जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने 20 फरवरी तक ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ (ATR) तलब की है, जिससे स्कूल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

विकास कार्यों में लापरवाही पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

जनता दर्शन में बुनियादी ढांचे और भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें भी प्रमुखता से आईं:

  • घटिया सड़क निर्माण: मोथोरोवाला निवासी आनंदमणी डिमरी ने एडीबी द्वारा बनाई गई सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। डीएम ने प्रोजेक्ट निदेशक यूयूएसडीए को जांच कर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए।

  • अवैध अतिक्रमण: विकासनगर के छरबा में ट्रस्ट और तालाब की भूमि पर हो रहे अवैध कब्जे की जांच के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है, जिसे 10 दिन में रिपोर्ट देनी होगी।

  • बिजली और सीवर की समस्या: सीवर लाइन और पोल शिफ्टिंग में देरी करने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों को डीएम ने कड़ी फटकार लगाते हुए समयबद्ध निस्तारण की चेतावनी दी।

बिना कागजात लोन देने वाली कंपनियों पर होगी विधिक राय

एक रोचक मामले में एक बुजुर्ग पिता ने शिकायत की कि ‘राम फाइनेंस’ नामक कंपनी ने उनके पुत्र को, जो नशामुक्ति केंद्र में है, केवल बिजली के बिल पर पर्सनल लोन दे दिया और अब वसूली के लिए घर पर नोटिस चस्पा कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने इस प्रक्रिया को संदिग्ध मानते हुए डीजीसी सिविल से विधिक राय मांगी है कि बिना पर्याप्त दस्तावेजों के लोन देने वाली ऐसी कंपनियों पर क्या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

मजदूरों का हक मारने वालों की खैर नहीं

सुद्धोवाला के एक श्रमिक मुन्ना सिंह और राजकीय सेवा के पूर्व दैनिक वेतनभोगी हरिराम दुबे की मजदूरी और देयकों के भुगतान संबंधी शिकायतों पर जिलाधिकारी ने सहायक श्रम आयुक्त को तुरंत कार्रवाई कर भुगतान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

निष्कर्ष: देहरादून जिलाधिकारी सविन बंसल की यह ‘जनता दर्शन‘ शैली प्रदेश में सुशासन का एक नया मॉडल पेश कर रही है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन का यह सीधा संवाद न केवल फाइलों का बोझ कम कर रहा है, बल्कि आम आदमी के मन में व्यवस्था के प्रति विश्वास भी पैदा कर रहा है।

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