उत्तर प्रदेश: 24 साल बाद यूपी विधानसभा पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, आधुनिक व्यवस्थाओं और नवाचारों की जमकर की सराहना

लखनऊ: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ के दौरे के दौरान उत्तर प्रदेश विधानसभा का भ्रमण किया। लगभग 24 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद विधानसभा पहुंचे रक्षा मंत्री ने यहां किए गए व्यापक बदलावों, आधुनिक व्यवस्थाओं और तकनीकी नवाचारों को करीब से देखा और उनकी खुलकर सराहना की। उनके आगमन पर विधानसभा अध्यक्ष Satish Mahana ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।
विधानसभा पहुंचते ही रक्षा मंत्री ने सबसे पहले डिजिटल गैलरी का अवलोकन किया। यहां उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा के गौरवशाली इतिहास पर आधारित एक विशेष फिल्म देखी, जिसमें प्रदेश की लोकतांत्रिक परंपराओं, ऐतिहासिक निर्णयों और विधायी विकास यात्रा को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया था। इस प्रस्तुति से प्रभावित होकर राजनाथ सिंह ने कहा कि इस तरह की पहलें नई पीढ़ी को लोकतंत्र की जड़ों से जोड़ने का काम करती हैं। उन्होंने इसे ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि इससे जनप्रतिनिधियों को भी अपने कर्तव्यों को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी।
इसके बाद रक्षा मंत्री ने विधानसभा परिसर में विकसित विभिन्न आधुनिक सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने हेलिकॉप्टर अनुभव केंद्र, आधुनिक गलियारों और अन्य नवीन व्यवस्थाओं को देखा। इन सभी व्यवस्थाओं के सुव्यवस्थित संचालन और तकनीकी सुदृढ़ता की उन्होंने विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आधुनिक बदलाव विधानसभा की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनोन्मुख बनाते हैं।
भ्रमण के दौरान राजनाथ सिंह ने समिति कक्ष, टंडन हॉल, दर्शक दीर्घा, मंडप कक्ष और गैलरी में प्रदर्शित महान विभूतियों के चित्रों का भी अवलोकन किया। उन्होंने नवीनीकृत मीडिया कक्ष और ऐतिहासिक भित्ति चित्रों को देखकर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन सभी व्यवस्थाओं से न केवल विधानसभा की गरिमा बढ़ी है, बल्कि इसकी कार्यक्षमता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। परिसर के भव्य प्रवेश द्वार और समग्र सौंदर्यीकरण को देखकर उन्होंने इसे अत्यंत आकर्षक और व्यवस्थित बताया।
इस अवसर पर रक्षा मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने एक डिजिटल आत्म-चित्र (सेल्फी) भी लिया, जो इस खास मौके की यादगार बन गया। कार्यक्रम के अंत में Rajnath Singh को उत्तर प्रदेश विधानसभा के महत्वपूर्ण भाषणों के संकलन पर आधारित एक विशेष पुस्तक भेंट की गई। इस पुस्तक में प्रदेश की विधायी परंपराओं, ऐतिहासिक बहसों और महत्वपूर्ण निर्णयों का विस्तृत विवरण शामिल है। रक्षा मंत्री ने इस पुस्तक को बेहद उपयोगी बताते हुए इसकी सराहना की।
राजनाथ सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष Satish Mahana की विशेष रूप से प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विधानसभा ने परंपरा और आधुनिकता का उत्कृष्ट संतुलन स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि आज विधानसभा केवल एक विधायी संस्था ही नहीं, बल्कि एक आधुनिक और तकनीकी रूप से सशक्त मंच के रूप में उभर रही है, जो जनहित के कार्यों को गति देने में सक्षम है।
अपने लखनऊ दौरे के दौरान रक्षा मंत्री ने गोमतीनगर स्थित Indira Gandhi Pratishthan में आयोजित एक कार्यक्रम में भी भाग लिया। यहां उन्होंने लाल जी टंडन फाउंडेशन द्वारा आयोजित समारोह में पूर्व राज्यपाल Lalji Tandon की पुस्तक ‘स्मृति नाद’ का लोकार्पण किया। इस पुस्तक में लखनऊ की कला, संस्कृति और सामाजिक जीवन के विभिन्न पहलुओं का विस्तृत वर्णन किया गया है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने Lalji Tandon को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया। उन्होंने कहा कि टंडन जी का जीवन ‘सर्व धर्म समभाव’ के सिद्धांत पर आधारित था और उन्होंने समाज में समरसता और भाईचारे को बढ़ावा देने का काम किया। उन्होंने बताया कि इस पुस्तक में पूर्व प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee से जुड़े कई रोचक प्रसंगों का भी उल्लेख है, जो पाठकों को प्रेरित करेंगे।
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि टंडन जी न केवल एक कुशल राजनेता थे, बल्कि एक संवेदनशील और दूरदर्शी व्यक्तित्व भी थे। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक के माध्यम से नई पीढ़ी को न केवल इतिहास की जानकारी मिलेगी, बल्कि उन्हें समाज के प्रति अपने दायित्वों का भी बोध होगा।
कार्यक्रम में कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक सहित कई सांसद, विधायक और पार्टी पदाधिकारी शामिल थे। इस अवसर पर सांस्कृतिक और सामाजिक विषयों पर भी चर्चा हुई, जिससे कार्यक्रम और अधिक सार्थक बन गया।
कुल मिलाकर, रक्षा मंत्री का यह दौरा न केवल विधानसभा के लिए गौरव का विषय रहा, बल्कि इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि उत्तर प्रदेश विधानसभा आधुनिकता और परंपरा के संतुलन के साथ लगातार प्रगति की ओर अग्रसर है।



