
नई दिल्ली: देश में एलपीजी (LPG) आपूर्ति पर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण पहले से ही दबाव बना हुआ है, और इसी बीच साइबर ठगों ने आम उपभोक्ताओं को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। हाल ही में सामने आए मामलों के अनुसार, गैस सिलेंडर बुकिंग के बहाने ‘Gas Bill Update APK’ नाम की फाइल भेजकर लोगों से ठगी की जा रही है। सरकार ने इस बढ़ते खतरे को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार, कई राज्यों से शिकायतें मिली हैं कि जालसाज WhatsApp और अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को फर्जी APK फाइल भेज रहे हैं। इन फाइलों को डाउनलोड करने पर मोबाइल फोन का एक्सेस ठगों के हाथ में चला जाता है, जिससे वे बैंकिंग जानकारी, OTP और अन्य निजी डेटा चुरा लेते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि APK फाइलें आमतौर पर एंड्रॉइड ऐप इंस्टॉल करने के लिए उपयोग होती हैं, लेकिन अनजान स्रोत से आई ऐसी फाइलें बेहद खतरनाक हो सकती हैं। ‘Gas Bill Update’ या ‘LPG Subsidy Update’ जैसे नाम देकर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है ताकि वे बिना सोचे-समझे फाइल डाउनलोड कर लें।
इस साइबर ठगी का समय भी काफी संवेदनशील है। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के चलते भारत की LPG आपूर्ति प्रभावित हो रही है। देश अपनी कुल जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत LPG आयात करता है, जिसमें से करीब 90 प्रतिशत सप्लाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के रास्ते आती है। पिछले कुछ हफ्तों से यह इलाका संघर्ष का केंद्र बना हुआ है, जिससे सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ गया है। ऐसे माहौल में गैस से जुड़ी किसी भी सूचना को लेकर लोग अधिक सतर्क रहते हैं, और इसी का फायदा ठग उठा रहे हैं।
सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि उपभोक्ता केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म जैसे सरकारी ऑयल कंपनियों की वेबसाइट, मोबाइल ऐप या अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर के माध्यम से ही गैस बुकिंग करें। किसी भी अनजान लिंक या फाइल पर क्लिक करने से बचें, खासकर यदि वह WhatsApp, SMS या ईमेल के जरिए भेजी गई हो।
इसके अलावा, हाल ही में देशभर में अवैध गैस सिलेंडरों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई भी की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 6,000 से अधिक छापेमारी अभियानों में लगभग 11,000 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। यह कार्रवाई गैस की कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर रोक लगाने के लिए की गई।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने कुछ जरूरी सावधानियां भी सुझाई हैं। सबसे पहले, किसी भी APK फाइल को डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता जांचें। फोन में ‘Unknown Sources’ से इंस्टॉल की अनुमति बंद रखें। अपने बैंकिंग ऐप्स और OTP को किसी के साथ साझा न करें। यदि गलती से कोई संदिग्ध ऐप इंस्टॉल हो जाए, तो तुरंत उसे हटाकर फोन को रीसेट करें और अपने बैंक से संपर्क करें।
सरकार और एजेंसियां लगातार लोगों को जागरूक करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाते रहते हैं। ऐसे में नागरिकों की सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। गैस बुकिंग जैसी रोजमर्रा की सेवाओं के नाम पर हो रही इस ठगी से बचने के लिए जरूरी है कि हम केवल विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
अंततः, यह मामला केवल साइबर सुरक्षा का नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर आपूर्ति और उपभोक्ता सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। इसलिए हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह जागरूक रहे और दूसरों को भी सतर्क करे।



