
नई दिल्ली: विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (Special Summary Revision–SSR/SIR) को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची की पवित्रता दांव पर है और चुनाव आयोग की भूमिका लोकतांत्रिक संस्थाओं पर जनता के भरोसे को कमजोर कर रही है।
खड़गे ने कहा कि कांग्रेस मतदाता सूची की अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन एसआईआर की मौजूदा प्रक्रिया में कई अनियमितताएं देखने को मिली हैं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खतरा हैं।
‘कांग्रेस मतदाता सूची की अखंडता की रक्षा को प्रतिबद्ध’ – खड़गे
खड़गे ने अपने बयान में कहा:
“कांग्रेस पार्टी मतदाता सूचियों की अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ऐसे समय में, जब लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास पहले से ही कमजोर है, एसआईआर प्रक्रिया के दौरान चुनाव आयोग का आचरण बेहद निराशाजनक रहा है।”
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि पार्टी को लगातार फील्ड लेवल से शिकायतें मिल रही हैं—जिनमें वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जाने और संदेहास्पद नए नाम जोड़े जाने की आशंका जताई गई है।
‘भाजपा वोट चोरी के लिए एसआईआर को हथियार बना रही’
खड़गे ने भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए कहा:
“हमारा दृढ़ विश्वास है कि भाजपा वोट चोरी के लिए एसआईआर प्रक्रिया को हथियार बनाने की कोशिश कर रही है। अगर चुनाव आयोग इस पर ध्यान नहीं देता है, तो यह विफलता केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि एक तरह की मिलीभगत बन जाती है।”
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की छेड़छाड़ चुनावी प्रक्रिया को कमजोर करती है, और यदि आयोग निष्पक्ष निगरानी नहीं रखता तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने का निर्देश
कांग्रेस नेता ने बताया कि पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं, बूथ लेवल अधिकारियों (BLO), और जिला–शहर–ब्लॉक अध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे मतदाता सूची पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखें।
पार्टी का दावा है कि एसआईआर के दौरान कई राज्यों में मतदाता सूची में गलत तरीके से कटौती और नए नाम जोड़ने की कोशिशें देखने में आई हैं।
‘हर गड़बड़ी का करेंगे पर्दाफाश’
खड़गे ने कहा कि पार्टी किसी भी तरह की हेराफेरी को उजागर करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा:
“हम असली मतदाताओं को हटाने या फर्जी मतदाताओं को शामिल करने की हर कोशिश का पर्दाफाश करेंगे, चाहे वह कितनी भी सूक्ष्म क्यों न हो। कांग्रेस संस्थाओं के पक्षपातपूर्ण दुरुपयोग से लोकतांत्रिक सुरक्षा उपायों को कम नहीं होने देगी।”
पृष्ठभूमि: मतदाता सूची को लेकर बढ़ रही हैं आशंकाएँ
एसआईआर यानी विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण हर वर्ष चुनाव आयोग द्वारा कराया जाने वाला कार्यक्रम है, जिसके तहत नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं और पुराने, दुहराए गए या निष्क्रिय प्रविष्टियों का सत्यापन होता है।
हालांकि हाल ही में कई विपक्षी दलों ने दावा किया है कि कई राज्यों में मतदाता सूची में मनमानी कटौती या संदिग्ध जोड़ किए जा रहे हैं—जो आगामी चुनावों पर असर डाल सकते हैं।
चुनाव आयोग की भूमिका पर उठते सवाल
खड़गे के आरोप ऐसे समय आए हैं जब विभिन्न विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की तटस्थता पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का दावा है कि आयोग कई संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रहा है, जबकि भाजपा इन आरोपों को बेबुनियाद बताती है और मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया का हिस्सा बताती है।
आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक गरमाहट तेज
चूंकि आने वाले महीनों में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव और फिर लोकसभा चुनाव होने वाले हैं, इसलिए मतदाता सूची को लेकर विवाद राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील मुद्दा बन चुका है। कांग्रेस के आरोपों से विपक्ष और सत्ताधारी दल के बीच संघर्ष और तीव्र होने की संभावना है।



