
चंपावत: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को चंपावत जिले का दौरा कर विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने करोड़ों की लागत से निर्माणाधीन अत्याधुनिक साइंस सेंटर का स्थलीय निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इस प्रोजेक्ट को राज्य के भविष्य के वैज्ञानिकों के लिए एक बड़ा कदम बताया और कहा कि यह केंद्र शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार का प्रमुख हब बनेगा।
करीब ₹55.52 करोड़ की लागत से बन रहा यह साइंस सेंटर प्रदेश में विज्ञान और तकनीकी शिक्षा को नई दिशा देने वाला है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और समयसीमा को लेकर विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजना को तय समय के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, साथ ही पर्यावरणीय मानकों और श्रमिकों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा साइंस सेंटर
यह अत्याधुनिक साइंस सेंटर कई विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित होगा, जो छात्रों को विज्ञान के व्यावहारिक और आधुनिक स्वरूप से जोड़ने में मदद करेगा। सेंटर में प्रस्तावित प्रमुख सुविधाओं में शामिल हैं:
- 40 विद्यार्थियों के लिए आवासीय छात्रावास
- स्टाफ क्वार्टर और अन्य आवासीय व्यवस्थाएं
- फन साइंस गैलरी और विज्ञान एवं कृषि गैलरी
- प्रशिक्षण हॉल और प्रदर्शनी कक्ष
- अत्याधुनिक एस्ट्रोनॉमी गैलरी
- 120 सीटों का ऑडिटोरियम
- 71 सीटों वाला आधुनिक प्लैनेटेरियम (इनर और आउटर डोम सहित)
विशेषज्ञों के अनुसार, यह सेंटर न केवल स्कूली छात्रों बल्कि शोधकर्ताओं और विज्ञान में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
बाल वैज्ञानिकों से संवाद
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने नन्हे वैज्ञानिकों से भी संवाद किया। उन्होंने बच्चों को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और कहा कि आज का युग विज्ञान और तकनीक का है, जिसमें नवाचार ही विकास की कुंजी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों के बच्चों को भी आधुनिक विज्ञान से जोड़ना है, ताकि वे भी देश और दुनिया में अपनी पहचान बना सकें। उन्होंने बच्चों के सवालों का जवाब देते हुए उन्हें प्रयोग और जिज्ञासा की भावना बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रदेश के लिए बनेगा नया वैज्ञानिक हब
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह साइंस सेंटर भविष्य में उत्तराखंड के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा, रिसर्च और इनोवेशन का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “विज्ञान के बिना विकास संभव नहीं है”, और इस तरह के संस्थान राज्य को ज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
यूकॉस्ट (UCOST) के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत के अनुसार, यह सेंटर छात्रों को विज्ञान के प्रायोगिक पहलुओं से जोड़ने में मदद करेगा और उन्हें नई तकनीकों से परिचित कराएगा। इससे प्रदेश में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को नए अवसर मिलेंगे।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी
इस मौके पर कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सिंह सामंत, प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडे, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, जिलाधिकारी मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक रेखा यादव शामिल रहे।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami का यह दौरा न केवल विकास कार्यों की समीक्षा तक सीमित रहा, बल्कि उन्होंने प्रदेश के बच्चों और युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए विज्ञान और नवाचार को बढ़ावा देने का स्पष्ट संदेश भी दिया। चंपावत में बन रहा यह साइंस सेंटर आने वाले समय में उत्तराखंड के लिए एक बड़ा शैक्षणिक और वैज्ञानिक केंद्र बनकर उभरेगा, जो राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होगा।



