बंगाल TMC विधायक मोनिरुल इस्लाम के बिगड़े बोल से मचा बवाल, कहा- “हर जगह आग ही आग लगेगी”

कोलकाता/मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग ने हिंसक मोड़ ले लिया है। अपने विवादित बयानों के लिए चर्चित तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक मोनिरुल इस्लाम ने मतदाता सूची (Voter List) की समीक्षा प्रक्रिया को लेकर बेहद भड़काऊ बयान दिया है। इस्लाम ने खुलेआम चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि समीक्षा के बाद आने वाली सूची उनके अनुसार “ठीक” नहीं रही, तो राज्य में हर जगह ‘आग’ लगेगी। इस बयान के बाद बंगाल की सियासत में उबाल आ गया है और भाजपा ने इसे ‘देशविरोधी मंशा’ करार दिया है।
“लड़ते हुए मरना बेहतर”: मोनिरुल इस्लाम की खुली चेतावनी
मुर्शिदाबाद के फरक्का से विधायक मोनिरुल इस्लाम का यह बयान उस समय आया जब पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची संशोधन (Voter List Revision) की प्रक्रिया चल रही है। इस्लाम ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, “वोटर लिस्ट की गहन समीक्षा के बाद जो सूची आएगी, अगर वह सही रही तो ठीक, वरना आप हर जगह आग लगती देखेंगे। मेरा मानना है कि तड़पते हुए धीरे-धीरे मरने की बजाय लड़ते हुए मरना कहीं अधिक सही है।”
विधायक के इस बयान को सीधे तौर पर संवैधानिक प्रक्रिया को चुनौती देने और हिंसा भड़काने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
मुर्शिदाबाद में भारी हंगामा: 200 बीएलओ का सामूहिक इस्तीफा
विधायक की बयानबाजी का असर जमीनी स्तर पर भी देखने को मिला। बुधवार को फरक्का इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिस में भारी हंगामा हुआ। विधायक मोनिरुल इस्लाम अपने बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ वहां पहुंचे थे। आरोप है कि समर्थकों ने कार्यालय के भीतर घुसकर तोड़फोड़ की और नारेबाजी की।
इस घटना से डरे और सहमे 200 बूथ लेवल अफसरों (BLO) ने सुरक्षा का हवाला देते हुए सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। बीएलओ का कहना है कि वे अत्यधिक मानसिक तनाव और भय के माहौल में काम कर रहे हैं, जहां उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं है। उपद्रवियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे एसआईआर (SIR) प्रक्रिया में सहयोग नहीं करेंगे।
[Image: Protests and chaotic scenes at a government office in West Bengal]
TMC विधायक की सफाई: “यह आम जनता का आक्रोश है”
कार्यालय में हुई तोड़फोड़ और हंगामे पर सफाई देते हुए मोनिरुल इस्लाम ने टीएमसी की संलिप्तता से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वहां पार्टी का कोई झंडा नहीं था और यह केवल “परेशान नागरिकों की स्वाभाविक प्रतिक्रिया” थी। इस्लाम ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में मुस्लिम समुदाय के साथ भेदभाव किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे किसी भी पुलिस कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं।
सियासी घमासान: भाजपा ने बताया ‘देशविरोधी’
मोनिरुल इस्लाम के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा विधायक शंकर घोष ने कहा कि विधायक द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा न केवल भड़काऊ है, बल्कि यह एक “देशविरोधी मंशा” को दर्शाती है। उन्होंने मांग की है कि चुनाव आयोग और राज्य प्रशासन को ऐसे बयानों पर तुरंत संज्ञान लेकर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
TMC नेतृत्व की संतुलित प्रतिक्रिया: “कानून हाथ में न लें”
बढ़ते विवाद को देखते हुए तृणमूल कांग्रेस के राज्य महासचिव ने मोर्चा संभाला। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांति की अपील करते हुए कहा, “कानून अपने हाथ में न लें। हम समझते हैं कि आपको गुमराह किया जा रहा है और आप उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी आपके साथ हैं। राज्य सरकार आपके हितों की रक्षा करेगी, कृपया शांति बनाए रखें।”
संवैधानिक संस्थानों पर बढ़ता दबाव
पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर हिंसा और धमकियों का इतिहास पुराना रहा है, लेकिन एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि द्वारा ‘आग लगाने’ जैसे शब्दों का प्रयोग लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना चुनाव आयोग का वैधानिक कार्य है, जिसमें राजनीतिक हस्तक्षेप और अधिकारियों को डराना-धमकाना स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की राह में बड़ा रोड़ा साबित हो सकता है।



