By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: 25 जून को “संविधान हत्या दिवस” के रूप में मनाने का अमित शाह का प्रस्ताव, आपातकाल की 50वीं बरसी पर बोले – लोकतंत्र पर सबसे क्रूर प्रहार था आपातकाल
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > 25 जून को “संविधान हत्या दिवस” के रूप में मनाने का अमित शाह का प्रस्ताव, आपातकाल की 50वीं बरसी पर बोले – लोकतंत्र पर सबसे क्रूर प्रहार था आपातकाल
देशफीचर्ड

25 जून को “संविधान हत्या दिवस” के रूप में मनाने का अमित शाह का प्रस्ताव, आपातकाल की 50वीं बरसी पर बोले – लोकतंत्र पर सबसे क्रूर प्रहार था आपातकाल

The Hill India News
Last updated: June 25, 2025 3:15 am
The Hill India News
Published: June 25, 2025
Share
SHARE

नई दिल्ली : भारत में आपातकाल लगाए जाने की 50वीं वर्षगांठ पर आयोजित एक स्मृति कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 25 जून को “संविधान हत्या दिवस” के रूप में मनाने का औपचारिक प्रस्ताव रखा। यह आयोजन श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन द्वारा दिल्ली में किया गया था, जिसमें देश के लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे अंधेरे अध्याय पर चिंतन किया गया।

अमित शाह ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र की आत्मा पर सबसे क्रूरतम आघात बताया और कहा कि 25 जून 1975 की रात को केवल संवैधानिक अधिकार ही नहीं, बल्कि देश की जनता की आवाज भी कुचली गई थी। उन्होंने कहा कि यह दिन हजारों साहसी नागरिकों के बलिदान को याद करने का दिन होना चाहिए, जिन्होंने तानाशाही के खिलाफ मोर्चा लिया।

अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि भारत प्राचीन काल से लोकतंत्र की परंपरा में रचा-बसा देश है। वैशाली और लिच्छवी जैसे प्राचीन गणराज्यों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भारत की संविधान और स्वतंत्रता में आस्था उसकी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है।

अमित शाह ने आपातकाल के दौरान लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में हुए जेपी आंदोलन को लोकतंत्र का पुनर्जागरण बताया। उन्होंने याद किया कि किस प्रकार प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया, न्यायपालिका को दबाया गया और विपक्षी नेताओं को जेलों में ठूंस दिया गया।

अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए शाह ने बताया कि उनके गांव से 184 लोग बिना कारण गिरफ्तार किए गए थे। उन्होंने कहा कि “सरकारी कर्मचारी, पत्रकार, छात्र, किसान, गृहिणियां – कोई भी इस दमन से नहीं बचा था।”

कार्यक्रम में शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आपातकाल पर लिखी गई पुस्तक की भी सराहना की, जिसमें आपातकाल की त्रासदी और जनबलिदान का वर्णन किया गया है। उन्होंने इसे “भारत की लोकतांत्रिक चेतना और साहस को समर्पित” बताया।

अपने भाषण के अंत में अमित शाह ने देश के युवाओं से आह्वान किया कि वे संविधान की आत्मा को समझें और उसे अपने जीवन में उतारें। उन्होंने कहा कि,

“सरकारें आती जाती रहेंगी, लेकिन भारत के संविधान की आत्मा हर नागरिक के भीतर जीवित रहनी चाहिए। लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमें हर समय सतर्क रहना होगा।”

  • यह प्रस्ताव आपातकाल के ऐतिहासिक अन्याय को याद रखने, और भावी पीढ़ियों को सतर्क करने की दृष्टि से लाया गया है।

  • यदि स्वीकार किया जाता है, तो 25 जून को हर वर्ष “संविधान हत्या दिवस” के रूप में आधिकारिक पहचान मिल सकती है।

  • यह दिवस उन हजारों राजनीतिक बंदियों और नागरिकों को सम्मान देने का अवसर होगा, जिन्होंने लोकतंत्र की बहाली के लिए संघर्ष किया।

यह कार्यक्रम सिर्फ अतीत की एक घटना की याद नहीं थी, बल्कि यह एक लोकतांत्रिक संकल्प का मंच बना। अमित शाह का यह प्रस्ताव न केवल राजनीतिक चर्चा को नई दिशा देगा, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की जड़ों को और गहरा करने का अवसर भी बन सकता है।

You Might Also Like

रुद्रपुर में मानवता शर्मसार: किश्त लेने आए फाइनेंस कंपनी के वसूली एजेंट ने महिला से किया रेप, पुलिस ने शुरू की जांच
चेन्नई से लंदन जा रहा था विमान अचानक लौटा वापस, जानिए क्या रही वजह?
बड़ी खबर: देहरादून पुलिस विभाग में बंपर Transfer! List…
Uttarakhand: सीमांत क्षेत्रों के विकास को नई दिशा देगा उत्तराखंड — मुख्यमंत्री धामी ने गुप्तकाशी से की सीमांत क्षेत्र विकास परिषद के गठन की घोषणा
अंकिता भंडारी हत्याकांड: गणेश गोदियाल का भाजपा पर तीखा हमला, कहा- ‘VIP को बचाने में जुटी है सरकार, CBI जांच तक नहीं थमेगी जंग’
TAGGED:50th anniversary of EmergencyAmit Shahcelebrate 25th JuneConstitution Murder Daydemocracyemergency
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
दिल्लीफीचर्ड

दिल्ली-NCR में दिवाली पर पटाखे जलेंगे या रहेगा प्रतिबंध? सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, विराट कोहली का नाम लेकर दिया बड़ा संदेश

The Hill India News
The Hill India News
October 29, 2026
उत्तराखंड में अवैध इंटरनेशनल कॉल सेंटर का बड़ा खुलासा! 21 दिन में 45,453 कॉल, SIP कनेक्शन से ILD गेटवे बाईपास का शक; STF ने आरोपी नईमुद्दीन को किया गिरफ्तार
उत्तराखंड में अर्नब साइक्लोन के असर से बदलेगा मौसम! 30 अक्टूबर को 4 जिलों में भारी बारिश, आंधी-बिजली और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट
रेखा आर्या–गिरधारी लाल विवाद में नया मोड़! गिरफ्तारी पर रोक और मुकदमा रद्द कराने पहुंचे हाईकोर्ट, फिलहाल नहीं मिली राहत
2027 चुनाव से पहले हरीश रावत का बड़ा सियासी संकेत! खानपुर सीट से चुनाव लड़ने की जताई इच्छा, बोले- पार्टी जहां कहेगी, वहीं से उतरूंगा मैदान में
गैरसैंण विधानसभा सत्र में धामी सरकार ने पेश किया ₹7,844 करोड़ का अनुपूरक बजट, बर्तनों के साथ कांग्रेस का प्रदर्शन; बैरिकेडिंग तोड़ विधानसभा गेट तक पहुंचे UKD कार्यकर्ता
देहरादून में प्राथमिक शिक्षकों का शक्ति प्रदर्शन! 9 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास कूच, बैरिकेडिंग पर रोकी गई रैली
एम्स ऋषिकेश में इलाज के लिए आने वालों को झटका! अब पार्किंग के भी देने होंगे पैसे, दोपहिया के ₹20 और कार के ₹40 शुल्क; व्यापार मंडल ने जताई नाराजगी
बदरी-केदार धाम पहुंचे राज्यपाल ढाल सिंह बिसेन, परिवार संग किए दर्शन; स्वच्छ और नशामुक्त देवभूमि बनाने का दिया संदेश
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक साकेत बडोला का बड़ा फैसला, रिटायरमेंट से 11 साल पहले छोड़ेंगे IFS सेवा! VRS की घोषणा से वन विभाग में हलचल, जानिए क्या है पूरा मामला
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?