
देहरादून/मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी अब न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता बल्कि आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था के लिए भी पहचानी जाएगी। पर्यटन नगरी को ट्रैफिक जाम की समस्या से स्थायी निजात दिलाने और पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से देहरादून जिला प्रशासन ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के प्रयासों के चलते इसी माह जिला प्रशासन और भारत सरकार की नवरत्न कंपनी ‘आरईसी फाउंडेशन’ (REC Foundation) के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर होने जा रहे हैं।
इस एमओयू के तहत मसूरी को 40 अतिरिक्त गोल्फ कार्ट की सौगात मिलेगी, जो माल रोड और कैमलबैक रोड जैसे प्रमुख क्षेत्रों में परिवहन के स्वरूप को पूरी तरह बदल देगी।
सीएसआर फंड से 3.36 करोड़ की संजीवनी
जिलाधिकारी सविन बंसल की दूरदर्शी सोच और सतत पैरवी के परिणामस्वरूप, रूरल इलेक्ट्रीफिकेशन कॉर्पोरेशन (REC) फाउंडेशन ने अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड से 3.36 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि इस परियोजना के लिए स्वीकृत की है। जिलाधिकारी के विशेष आग्रह पर आरईसी के प्रबंध निदेशक एवं भारत सरकार के अपर सचिव इसी महीने देहरादून पहुंच रहे हैं, जहां स्थानीय विधायक, कैबिनेट मंत्री और रिक्शा यूनियन के पदाधिकारियों की उपस्थिति में इस एमओयू का औपचारिक आदान-प्रदान किया जाएगा।
‘ई-मोबिलिटी’ से सुधरेगी मसूरी की सेहत
मसूरी में गोल्फ कार्ट संचालन केवल एक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि एक बहुआयामी सुधार योजना है। इसके प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
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ट्रैफिक जाम से मुक्ति: माल रोड पर निजी वाहनों के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए प्रशासन ने जो योजना बनाई है, उसमें गोल्फ कार्ट एक गेम-चेंजर साबित होगी।
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पर्यावरण संरक्षण: शून्य कार्बन उत्सर्जन वाली ये इलेक्ट्रिक कार्ट मसूरी की शुद्ध हवा को सुरक्षित रखेंगी और ध्वनि प्रदूषण को न्यूनतम करेंगी।
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रिक्शा चालकों का सशक्तिकरण: यह परियोजना पारंपरिक रिक्शा चालकों के लिए वरदान साबित होगी। शारीरिक मेहनत वाले काम से हटकर वे अब आधुनिक गोल्फ कार्ट के पायलट बनेंगे, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और मासिक आय दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
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दिव्यांगजन और बुजुर्गों का सहारा: पहाड़ी रास्तों पर पैदल चलना वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। गोल्फ कार्ट उन्हें सुरक्षित और आरामदायक सफर का अहसास कराएगी।
4 से 54 तक का सफर: ऐतिहासिक विस्तार
मसूरी में गोल्फ कार्ट के सफर की शुरुआत दिसंबर 2024 में एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हुई थी। तब मात्र 4 गोल्फ कार्ट के साथ जिला प्रशासन ने यह साहसिक कदम उठाया था। इसकी सफलता और जनता की भारी मांग को देखते हुए वर्तमान में इनकी संख्या 14 तक पहुँच चुकी है। अब, 40 नई गोल्फ कार्ट शामिल होने के बाद मसूरी में कुल 54 गोल्फ कार्ट का बेड़ा तैयार हो जाएगा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इन 40 नई कार्ट के आने से माल रोड पर निजी वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने में मदद मिलेगी, जिससे यह क्षेत्र पूरी तरह ‘पैदल यात्री अनुकूल’ (Pedestrian Friendly) बन सकेगा।
तकनीकी तैयारी और बुनियादी ढांचा
सिर्फ गाड़ियां मंगवाना ही प्रशासन का लक्ष्य नहीं है, बल्कि इनके सुचारू संचालन के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम भी तैयार किया जा रहा है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने संबंधित विभागों को निम्नलिखित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं:
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मार्ग निर्धारण: गोल्फ कार्ट के लिए विशेष कॉरिडोर और पिक-अप पॉइंट्स।
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चार्जिंग स्टेशन: माल रोड के आसपास अत्याधुनिक ई-चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण।
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प्रशिक्षण: स्थानीय रिक्शा चालकों को कंपनी के विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी और सुरक्षा प्रशिक्षण।
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सुरक्षा मानक: पर्यटकों की सुरक्षा के लिए सभी कार्ट में आधुनिक जीपीएस और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता।
प्रशासनिक विजन: पर्यटन के लिए ‘नया सवेरा’
जिला प्रशासन का मानना है कि यह पहल मसूरी को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक आधुनिक और स्वच्छ शहर के रूप में स्थापित करेगी। स्थानीय व्यापारियों और स्टेकहोल्डर्स ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है, क्योंकि जाम मुक्त सड़कें और बेहतर सुविधाएं पर्यटकों की संख्या और उनके रुकने की अवधि (Stay Duration) को बढ़ाती हैं।
जिलाधिकारी सविन बंसल के अनुसार, “हमारा उद्देश्य मसूरी को केवल आधुनिक बनाना ही नहीं, बल्कि यहां के पारंपरिक रोजगार को तकनीक के साथ जोड़कर उसे सम्मानजनक बनाना है। 40 नई गोल्फ कार्ट न केवल पर्यटकों का अनुभव सुधारेंगी, बल्कि स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव लाएंगी।”
देहरादून जिला प्रशासन और आरईसी फाउंडेशन के बीच होने वाला यह एमओयू उत्तराखंड में ‘सस्टेनेबल टूरिज्म‘ (सतत पर्यटन) का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश करेगा। 20 फरवरी 2026 की यह घोषणा मसूरी के इतिहास में परिवहन क्रांति के रूप में दर्ज होगी।


