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सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और आधुनिक विकास का संगम: यमकेश्वर में बोले योगी आदित्यनाथ- ‘उत्तराखंड बन रहा है देश के लिए प्रेरणा’

यमकेश्वर (पौड़ी गढ़वाल): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने उत्तराखंड प्रवास के दौरान आज पौड़ी जिले के यमकेश्वर पहुंचे। यहाँ उन्होंने न केवल शिक्षा के एक नए मंदिर यानी नवनिर्मित इंटर कॉलेज भवन का लोकार्पण किया, बल्कि देवभूमि की धरती से पूरे देश को ‘विकास और विरासत’ के संतुलन का एक मजबूत संदेश भी दिया। कार्यक्रम के दौरान योगी आदित्यनाथ का संबोधन पूरी तरह से उत्तराखंड सरकार की नीतियों, सनातन संस्कृति के संरक्षण और ग्रामीण सशक्तिकरण पर केंद्रित रहा।

शिक्षा और संस्कारों का नया केंद्र: इंटर कॉलेज का लोकार्पण

योगी आदित्यनाथ ने नवनिर्मित इंटर कॉलेज भवन का उद्घाटन करते हुए इसे क्षेत्र के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि यमकेश्वर महादेव की इस पावन भूमि पर आधुनिक शैक्षणिक बुनियादी ढांचे का निर्माण यह सिद्ध करता है कि प्रदेश की धामी सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन रोकने और शिक्षा को सुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का विशेष उल्लेख करते हुए कहा, “आज भारत की शिक्षा व्यवस्था किताबी ज्ञान से बाहर निकलकर कौशल और संस्कारों की ओर बढ़ रही है। हमारी गुरुकुल परंपरा ने हमेशा आत्मनिर्भरता सिखाई है, और आज आधुनिक भारत उसी प्राचीन ज्ञान को नई तकनीक के साथ जोड़कर आगे बढ़ रहा है।”

धामी सरकार के ‘कड़े फैसलों’ की जमकर सराहना

अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से धार्मिक स्थलों के संरक्षण और सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे ‘बुल्डोजर एक्शन’ और सख्त कानूनों का समर्थन किया।

योगी ने कहा, “आज उत्तराखंड सरकार न केवल धार्मिक स्थलों का कायाकल्प कर रही है, बल्कि उन तत्वों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई कर रही है जिन्होंने अवैध रूप से देवभूमि की शुचिता को बिगाड़ने का प्रयास किया है। विकास का वास्तविक अर्थ केवल सड़कों और बिजली तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी संस्कृति और सामाजिक मूल्यों को सुरक्षित रखते हुए आगे बढ़ना ही सच्चा ‘अंत्योदय’ है।”

ग्राम स्वराज और सशक्त ग्रामीण बुनियादी ढांचा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांवों को विकास की ‘जड़’ बताते हुए कहा कि जब तक गांव मजबूत नहीं होंगे, राष्ट्र की प्रगति अधूरी है। उन्होंने धामी सरकार द्वारा गांवों में डिजिटल कनेक्टिविटी, सड़क और बिजली के विस्तार की सराहना की।

उन्होंने जोर देकर कहा, “उत्तराखंड का मॉडल आज ‘ग्राम स्वराज’ की परिकल्पना को धरातल पर उतार रहा है। गांवों को तकनीक और नवाचार (Innovation) से जोड़कर ही हम पर्वतीय क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं। शिक्षा के केंद्रों का गांवों तक पहुँचना इस दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।”

राष्ट्रीय गौरव और सनातन का संरक्षण

योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में इस बात पर जोर दिया कि उत्तराखंड आज केवल एक पर्यटन राज्य नहीं रह गया है, बल्कि यह सनातन संस्कृति के संरक्षण का एक ‘ग्लोबल मॉडल’ बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से राज्य में आध्यात्मिक चेतना को जागृत किया जा रहा है, वह अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

समारोह में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, साथ ही शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। योगी आदित्यनाथ ने इन सभी के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि एक एकजुट नेतृत्व ही राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है।

विकास की नई राह पर देवभूमि

योगी आदित्यनाथ का यह उत्तराखंड दौरा न केवल राजनैतिक लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक और प्रशासनिक तालमेल को भी दर्शाता है। यमकेश्वर की धरती से योगी ने स्पष्ट कर दिया कि आगामी वर्षों में उत्तराखंड की पहचान एक ऐसे राज्य के रूप में होगी जहाँ आधुनिकता के साथ-साथ अपनी जड़ों के प्रति सम्मान भी उतना ही गहरा होगा।

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