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Reading: नई दिल्ली : प्रधानमंत्री मोदी ने किया भारत में 5जी सेवाओं का शुभारंभ किया
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The Hill India > Blog > देश > नई दिल्ली : प्रधानमंत्री मोदी ने किया भारत में 5जी सेवाओं का शुभारंभ किया
देशफीचर्ड

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री मोदी ने किया भारत में 5जी सेवाओं का शुभारंभ किया

Rajesh Dabral
Last updated: October 2, 2022 5:49 am
Rajesh Dabral
Published: October 1, 2022
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PM addressing the gathering at the inauguration of the 6th edition of India Mobile Congress and launching of 5G Services, in New Delhi on October 01, 2022.
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प्रधानमंत्री ने छठी इंडिया मोबाइल कांग्रेस का उद्घाटन किया

“5जी, देश के द्वार पर नए दौर की दस्तक है। 5जी, अवसरों के अनंत आकाश की शुरुआत है”

“नया भारत, टेक्नॉलजी का सिर्फ कंज्यूमर बनकर नहीं रहेगा, बल्कि भारत उस टेक्नॉलजी के विकास में, उसके इंप्लीमेंटेशन में एक्टिव भूमिका निभाएगा”

“5जी के साथ भारत पहली बार टेलीकॉम टेक्नॉलजी में ग्लोबल स्टैंडर्ड तय कर रहा है”

“2014 में जीरो मोबाइल फोन निर्यात करने से लेकर आज हम हजारों करोड़ के मोबाइल फोन निर्यात करने वाले देश बन चुके हैं”

“मुझे देश के सामान्य मानवी की समझ पर, उसके विवेक पर, उसके जिज्ञासु मन पर हमेशा भरोसा रहा है”

“आज हमारे छोटे व्यापारी हों, छोटे उद्यमी हों, लोकल कलाकार और कारीगर हों, डिजिटल इंडिया ने सबको मंच दिया है, बाजार दिया है”

“5जी टेक्नॉलजी तेज इंटरनेट एक्सेस तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसमें जीवन बदलने की क्षमता है”

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक नए तकनीकी युग की शुरुआत करते हुए, आज नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 5जी सेवाओं का शुभारंभ किया।  प्रधानमंत्री ने छठी इंडिया मोबाइल कांग्रेस का भी उद्घाटन किया और इस अवसर पर आईएमसी प्रदर्शनी भी आयोजित की गई।

इस ऐतिहासिक अवसर पर उद्योगजगत के दिग्गजों ने अपने विचार व्यक्त किए।

रिलायंस के चेयरमैन श्री मुकेश अंबानी ने 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के विजन को प्रेरित करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “सरकार के प्रत्येक कार्य और नीति को भारत को लक्ष्य की ओर ले जाने के लिए कुशलता से तैयार किया गया है। भारत के 5जी युग में तेजी से आगे बढ़ने के लिए उठाए गए कदम हमारे प्रधानमंत्री के दृढ़ संकल्प का सशक्त प्रमाण प्रस्तुत करते हैं।” उन्होंने शिक्षा, शिक्षा और जलवायु आदि जैसे प्रमुख क्षेत्रों में 5जी की संभावनाओं के बारे में बताया।  श्री अंबानी ने कहा,“आपके नेतृत्व ने भारत की प्रतिष्ठा, प्रोफाइल और शक्ति को वैश्विक स्तर पर इतना बढ़ाया है, जितना पहले कभी नहीं। आज की तेजी से बदलती दुनिया में एक पुनरुत्थानशील भारत को शीर्ष पर चढ़ने से कोई रोक नहीं सकता।”

भारती इंटरप्राइजेज के चेयरमैन श्री सुनील भारती मित्तल ने कहा कि  5जी का शुभारंभ एक नए युग की शुरुआत है और चूंकि यह आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान हो रहा है, इसलिए यह इसे और भी खास बनाता है। उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री के प्रयासों से देश में नई ऊर्जा का संचार होगा। हम भाग्यशाली हैं कि हमारे पास प्रधानमंत्री के रूप में एक ऐसा नेता है, जो तकनीक को बहुत बारीकी से समझता है और देश के विकास के लिए बेजोड़ तरीके से उसका इस्तेमाल सुनिश्चित करता है।” श्री मित्तल ने कहा कि यह विशेष रूप से हमारे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के लिए एक वृहद अवसर खोलेगा। उन्होंने आधारभूत संरचना और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में गुजरात के  मुख्यमंत्री रहने के समय से लेकर प्रधानमंत्री की पहल को याद किया। उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान गांवों और घरों तक यातायात सीमित हो गया था, किंतु देश की धड़कन एक पल के लिए भी नहीं रुकी। इसका श्रेय डिजिटल विजन को जाता है। उन्होंने मेक इन इंडिया के विजन की दृढ़ता और उपलब्धि की भी सराहना की। श्री मित्तल ने कहा, “डिजिटल इंडिया के साथ, प्रधानमंत्री ने स्टार्ट-अप इंडिया अभियान को भी आगे बढ़ाया और जल्द ही, भारत में यूनिकॉर्न की संख्‍या में वृद्धि होने लगी।” उन्होंने कहा, “5जी के आगमन के बाद, मुझे विश्वास है कि भारत विश्व में कई और यूनिकॉर्न जोड़ेगा।”

आदित्य बिड़ला समूह के अध्यक्ष श्री कुमार मंगलम बिड़ला ने 5जी के आगमन को एक परिवर्तनकारी घटना बताया,  जो वैश्विक मंच पर भारत के कौशल को साबित करती है और भारत के विकास के आधार के रूप में दूरसंचार प्रौद्योगिकी की भूमिका सुनिश्चित करती है। उन्होंने प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक पीढ़ीगत छलांग के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को उनके दृष्टिकोण और नेतृत्व के लिए धन्यवाद दिया, जिसके परिणामस्वरूप भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने महामारी के दौरान दूरसंचार उद्योग का समर्थन करने और उद्योग में पथ-प्रदर्शक दूरसंचार सुधारों के लिए प्रधानमंत्री को उनकी प्रेरणादायक भूमिका के लिए भी धन्यवाद दिया। श्री बिड़ला ने कहा कि 5जी का शुभारंभ भारत के लिए एक रोमांचक यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने कहा, “हम आने वाले वर्षों में 5जी विकास और इस्तेमाल के मामलों के लिए असीमित संभावनाएं देखेंगे।”

देश के तीन प्रमुख दूरसंचार ऑपरेटरों ने भारत में 5जी तकनीक की क्षमता दिखाने के लिए प्रधानमंत्री के सामने एक- एक यूज केस का प्रदर्शन किया।

रिलायंस जियो ने मुंबई के एक स्कूल के एक शिक्षक को महाराष्ट्र, गुजरात और ओडिशा में तीन अलग-अलग स्थानों के छात्रों से जोड़ा। इसने प्रदर्शित किया कि कैसे 5जी शिक्षकों को छात्रों के करीब लाकर,  उनके बीच की भौतिक दूरी को मिटाकर शिक्षा की सुविधा प्रदान करेगा। इसने स्क्रीन पर ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) की शक्ति का प्रदर्शन किया और यह भी दिखाया कि कैसे एआर डिवाइस की आवश्यकता के बिना, देश भर में बच्चों को दूरस्थ रूप से पढ़ाने के लिए इसका उपयोग किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में ज्ञानज्योति सावित्रीबाई फुले स्कूल, रायगढ़, महाराष्ट्र के छात्रों के साथ बातचीत की। गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल की उपस्थिति में रोपडा प्राइमरी स्कूल, गांधीनगर, गुजरात के छात्र जुड़े। प्रधानमंत्री ने ओडिशा के मुख्यमंत्री श्री नवीन पटनायक की उपस्थिति में एसएलएस मेमोरियल स्कूल, मयूरभंज, ओडिशा के छात्रों से भी बातचीत की। धीरूभाई अंबानी इंटर स्कूल, बीकेसी, मुंबई के श्री अभिमन्यु बसु ने भी 5जी प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को प्रदर्शित किया। प्रधानमंत्री ने शिक्षा में प्रौद्योगिकी के प्रति छात्रों के उत्साह के बारे में बताया। लेखक अमीश त्रिपाठी ने इस हिस्से की शुरुआत की।

वोडाफोन आइडिया परीक्षण मामले ने डायस पर यह दर्शाया की कैसे सुरंग के डिजिटल ट्विन के निर्माण के माध्यम से दिल्ली मेट्रो की एक निर्माणाधीन सुरंग में श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई।  डिजिटल ट्विन दूरस्थ स्थान से तत्काल श्रमिकों को सुरक्षा अलर्ट देने में मदद करेगा। प्रधानमंत्री ने वीआर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके तत्काल काम की निगरानी के लिए डायस से लाइव डेमो लिया। प्रधानमंत्री ने दिल्ली के उपराज्यपाल श्री विनय सक्सेना की उपस्थिति में दिल्ली मेट्रो टनल द्वारका, नई दिल्ली में कार्यरत श्री रिंकू कुमार के साथ बातचीत की। प्रधानमंत्री ने प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए उपयोगकर्ताओं के आवश्यक अनुभव और शिक्षण की स्थिति के बारे में पूछताछ की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के प्रति श्रमिकों का विश्वास नई तकनीक का सबसे बड़ा योगदान है। उन्होंने देश के विकास में योगदान के लिए भारत के श्रमिकों की सराहना की।

एयरटेल डेमो में, उत्तर प्रदेश के दनकौर के छात्रों ने वर्चुअल रियलिटी और ऑगमेंटेड रियलिटी की मदद से सौरमंडल के बारे में जानने के लिए एक जीवंत और इमर्सिव शिक्षण को प्रदर्शित किया।  एक छात्रा खुशी ने होलोग्राम के माध्यम से मंच पर उपस्थित होकर शिक्षण के अपने अनुभव को प्रधानमंत्री के साथ साझा किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर, वाराणसी से जुड़े। प्रधानमंत्री ने पूछा कि क्या वीआर शिक्षण के अनुभव ने उन्हें अवधारणाओं को व्यापक रूप से समझने में मदद की है। छात्रा ने कहा कि इस अनुभव के बाद उसका रुझान नई चीजें सीखने की ओर ज्यादा है।

सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का शिखरसम्मेलन भले ही वैश्विक हो,  किंतु इसके प्रभाव और निर्देश स्थानीय हैं। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी के तेजी से विकसित हो रहे भारत के लिए आज का दिन विशेष है। प्रधानमंत्री ने कहा, “आज देश की ओर से, देश की टेलीकॉम इंडस्ट्री की ओर से, 130 करोड़ भारतवासियों को 5जी के तौर पर एक शानदार उपहार मिल रहा है। 5जी, देश के द्वार पर नए दौर की दस्तक है। 5जी, अवसरों के अनंत आकाश की शुरुआत है। मैं प्रत्येक भारतवासी को इसके लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।” उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि 5जी के इस लॉन्च और प्रौद्योगिकी की शुरुआत में, ग्रामीण क्षेत्र और कामगार समान भागीदार हैं।

5जी के शुभारंभ पर एक और संदेश पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा, “नया भारत, टेक्नॉलजी का सिर्फ कंज्यूमर बनकर नहीं रहेगा, बल्कि भारत उस टेक्नॉलजी के विकास में, उसके इंप्लीमेंटेशन में एक्टिव भूमिका निभाएगा।  भविष्य की वायरलेस टेक्नोलॉजी को डिजाइन करने में, उससे जुड़ी मैन्युफैक्चरिंग में भारत की बड़ी भूमिका होगी।” प्रधानमंत्री ने कहा कि 2जी, 3जी, 4जी के समय भारत टेक्नॉलजी के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहा। लेकिन 5जी के साथ भारत ने नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने कहा, “5जी के साथ भारत पहली बार टेलीकॉम टेक्नॉलजी में ग्लोबल स्टैंडर्ड तय कर रहा है।”

डिजिटल इंडिया के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “डिजिटल इंडिया की बात करते हैं तो कुछ लोग समझते हैं ये सिर्फ एक सरकारी योजना है। लेकिन डिजिटल इंडिया सिर्फ एक नाम नहीं है, ये देश के विकास का बहुत बड़ा विजन है।  इस विजन का लक्ष्य है उस टेक्नोलॉजी को आम लोगों तक पहुंचाना जो लोगों के लिए काम करे, लोगों के साथ जुड़कर काम करे।”

डिजिटल इंडिया के लिए एक समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित करते हुए, प्रधानमंत्री ने विस्तार से बताया कि “हमने 4 पिलर्स पर, चार दिशाओं में एक साथ फोकस किया। पहला – डिवाइस की कीमत, दूसरा – डिजिटल कनेक्टिविटी, तीसरा – डेटा की कीमत, चौथा, और सबसे जरूरी – ‘डिजिटल फर्स्ट’ की सोच।”

पहले पिलर के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भरता के माध्यम से ही उपकरणों की कम लागत हो सकती है। प्रधानमंत्री ने याद करते हुए कहा कि आठ साल पहले तक भारत में केवल दो मोबाइल निर्माण इकाइयां थीं। श्री मोदी ने कहा, “ये संख्या अब 200 हो गई है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014  में जीरो मोबाइल फोन निर्यात करने से लेकर आज हम हजारों करोड़ के मोबाइल फोन निर्यात करने वाले देश बन चुके हैं। उन्होंने कहा, “स्वाभाविक है इन सारे प्रयासों का प्रभाव डिवाइस की कीमत पर पड़ा है। अब कम कीमत पर हमें ज्यादा फीचर्स भी मिलने लगे हैं।”

डिजिटल कनेक्टिविटी के दूसरे पिलर के बारे में, प्रधानमंत्री ने कहा कि इंटरनेट उपयोगकर्ता 2014 में 6 करोड़ थे, जो अब बढ़कर 80 करोड़ हो गए हैं। 2014 में 100 से भी कम पंचायत ऑप्टिकल फाइबर से जुड़े थे किंतु अब इनकी संख्या बढ़कर 1.7  लाख पंचायतों तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा, “जैसे सरकार ने घर-घर बिजली पहुंचाने की मुहिम शुरू की। जैसे हर घर जल अभियान के जरिए हर किसी तक साफ पानी पहुंचाने के मिशन पर काम किया। जैसे उज्‍ज्‍वला योजना के जरिए गरीब से गरीब आदमी के घर में भी गैस सिलेंडर पहुंचाया। वैसे ही हमारी सरकार इंटरनेट फॉर ऑल के लक्ष्य पर काम कर रही है।”

तीसरे पिलर, डेटा की लागत के बारे में, प्रधानमंत्री ने कहा कि उद्योग को कई प्रोत्साहन दिए गए थे और 4जी जैसी तकनीकों को नीतिगत समर्थन प्राप्त हुआ था। इससे डेटा की कीमत में कमी आई और देश में डेटा क्रांति की शुरुआत हुई। उन्होंने कहा कि इन तीन पिलरों ने हर जगह अपना कई गुना प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया।

चौथे स्तंभ यानी ‘डिजिटल फर्स्ट’  की सोच के बारे में प्रधानमंत्री ने उस समय को याद करते हुए कहा कि एक वक्त था जब इलीट क्लास के कुछ मुट्ठी भर लोग गरीब लोगों की क्षमता पर संदेह करते थे। उन्हें शक था कि गरीब लोग डिजिटल का मतलब भी नहीं समझ पाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें देश के सामान्य मानवी की समझ पर, उसके विवेक पर, उसके जिज्ञासु मन पर हमेशा भरोसा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने हमेशा देश के गरीबों को नई तकनीक अपनाने के लिए तैयार पाया।

डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए,  प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने खुद आगे बढ़कर डिजिटल पेमेंट का रास्ता आसान बनाया। श्री मोदी ने कहा, “सरकार ने खुद ऐप के जरिए सिटिजन सेंट्रिक डिलीवरी सर्विस को बढ़ावा दिया। बात चाहे किसानों की हो, या छोटे दुकानदारों की, हमने उन्हें ऐप के जरिए रोज की जरूरतें पूरी करने का रास्ता दिया।” उन्होंने महामारी के दौरान डीबीटी, शिक्षा, टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाओं और वर्क फ्रॉम होम की निर्बाध निरंतरता को याद किया, जब कई देशों को इन सेवाओं को जारी रखना मुश्किल हो रहा था।

यह कहते हुए कि डिजिटल इंडिया ने एक मंच दिया है, प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हमारे छोटे व्यापारी हों, छोटे उद्यमी हों,  लोकल कलाकार और कारीगर हों, डिजिटल इंडिया ने सबको मंच दिया है, बाजार दिया है। श्री मोदी ने कहा, “आज आप किसी लोकल मार्केट में या सब्जी मंडी में जाकर देखिए, रेहड़ी-पटरी वाला छोटा दुकानदार भी आपसे कहेगा, कैश नहीं ‘यूपीआई’ कर दीजिए।” प्रधानमंत्री ने कहा, “यह दिखाता है कि जब कोई सुविधा उपलब्ध होती है, तो सोच भी बढ़ जाती है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि जब सरकार साफ नीयत से काम करती है तो नागरिकों के इरादे भी बदल जाते हैं। उन्होंने कहा, “2 जी और 5 जी के इरादे (नियात) में यह महत्वपूर्ण अंतर है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश में डेटा की लागत दुनिया में सबसे कम है। यह 300 रुपये प्रति जीबी से घटकर करीब 10  रुपये प्रति जीबी हो गई है। सरकार के उपभोक्ता केंद्रित प्रयासों के बारे में चर्चा करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के प्रयासों से भारत में डेटा की कीमत बहुत कम बनी हुई है। प्रधानमंत्री ने बीच में कहा, “ये बात अलग है कि हमने इसका हल्ला नहीं मचाया, बड़े-बड़े विज्ञापन नहीं दिए। हमने फोकस किया कि कैसे देश के लोगों की सहूलियत बढ़े, ईज ऑफ लिविंग बढ़े।” उन्होंने कहा, “भारत को पहली तीन औद्योगिक क्रांतियों से भले ही लाभ न हुआ हो, लेकिन मुझे विश्वास है कि भारत चौथी औद्योगिक क्रांति का पूरा लाभ उठाएगा और वास्तव में इसका नेतृत्व करेगा।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि 5जी तकनीक का इस्तेमाल तेज इंटरनेट एक्सेस तक सीमित नहीं होगा,  बल्कि यह लोगों की जिंदगी बदलने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि हम अपने जीवनकाल में प्रौद्योगिकी के वादों को साकार होते देखेंगे। श्री मोदी ने दूरसंचार उद्योग संघ के दिग्गजों से देश के स्कूलों और कॉलेजों का दौरा करने और इस नई तकनीक के हर पहलू को उजागर करने का आग्रह किया। उन्होंने उन्हें इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण के लिए स्पेयर पार्ट्स तैयार करने के लिए एमएसएमई के लिए एक सक्षम इको-सिस्टम बनाने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि देश में क्रांति लाने के लिए 5जी तकनीक का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने ड्रोन प्रौद्योगिकी के उपयोग पर प्रकाश डाला जो कि नई शुरू की गई ड्रोन नीति के बाद संभव हुआ है। उन्होंने बताया कि कई किसानों ने ड्रोन उड़ाना सीख लिया है और खेतों में कीटनाशकों का छिड़काव करने के लिए उनका उपयोग करना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री ने सभी को आश्वासन दिया कि भविष्य का भारत आगामी प्रौद्योगिकी क्षेत्र में दुनिया का मार्गदर्शन करेगा और भारत को विश्वगुरु बनाएगा।

केंद्रीय संचार मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय संचार राज्य मंत्री श्री देवुसिंह चौहान, रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष श्री मुकेश अंबानी,  भारती एंटरप्राइजेज के अध्यक्ष श्री सुनील मित्तल, आदित्य बिड़ला समूह के अध्यक्ष श्री कुमार मंगलम बिड़ला और दूरसंचार विभाग के सचिव श्री के. राजारमन इस अवसर पर उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

5जी तकनीक आम लोगों को व्यापक लाभ प्रदान करेगी। यह निर्बाध कवरेज, उच्च डेटा दर,  कम विलंबता और अत्यधिक विश्वसनीय संचार प्रदान करने में मदद करेगी। साथ ही, यह ऊर्जा की खपत में कमी, स्पेक्ट्रम दक्षता और नेटवर्क दक्षता में वृद्धि करेगी। 5जी तकनीक अरबों की संख्या में इंटरनेट ऑफ थिंग्स उपकरणों को जोड़ने में मदद करेगी, उच्च गति पर गतिशीलता के साथ उच्च गुणवत्ता वाली वीडियो सेवाओं की अनुमति देगी, और अन्य लोगों के बीच टेलीसर्जरी और ऑटोमेटिक कारों जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं की डिलीवरी करेगी। 5जी आपदाओं की तत्काल निगरानी, ​​सटीक कृषि, और खतरनाक औद्योगिक कार्यों जैसे कि गहरी खदानों, अपतटीय गतिविधियों आदि में मनुष्यों की भूमिका को कम करने में मदद करेगी। मौजूदा मोबाइल संचार नेटवर्क के विपरीत, 5जी नेटवर्क एक ही नेटवर्क के भीतर ये अलग-अलग उपयोग के संदर्भ में प्रत्येक के लिए आवश्यकताओं को आसानी से पूरा करेगी।

“न्यू डिजिटल यूनिवर्स” की थीम के साथ, 1 से 4 अक्टूबर तक इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2022 आयोजित की जा रही है।  यह प्रमुख विचारकों, उद्यमियों, नवोन्मेषकों और सरकारी अधिकारियों को एक साथ लाएगी और डिजिटल प्रौद्योगिकी को तेजी से अपनाने और इसके प्रसार से प्रसार से उत्पन्न होने वाले अद्वितीय अवसरों पर चर्चा करने के साथ-साथ उसे प्रदर्शित करेगी।

PM at the inauguration of 6th edition of India Mobile Congress and launch of 5G Services, in New Delhi on October 01, 2022.

PM at the inauguration of 6th edition of India Mobile Congress and launch of 5G Services, in New Delhi on October 01, 2022.

PM at the inauguration of 6th edition of India Mobile Congress and launch of 5G Services, in New Delhi on October 01, 2022.

PM inaugurates 6th edition of India Mobile Congress and launches 5G Services, in New Delhi on October 01, 2022.

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