Cristiano Ronaldo Retirement: फुटबॉल जगत के महान खिलाड़ियों में शुमार पुर्तगाल के दिग्गज खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। नवंबर में होने वाले मुकाबलों के बाद वह पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम की जर्सी में नजर नहीं आएंगे। उनके इस फैसले के साथ ही अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में उनका 23 साल लंबा शानदार सफर समाप्त हो जाएगा।
फुटबॉल प्रेमियों के लिए यह एक भावुक कर देने वाली खबर है। दुनिया भर में अपनी अलग पहचान बनाने वाले क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने आखिरकार राष्ट्रीय टीम से विदाई लेने का फैसला कर लिया है। 41 वर्षीय रोनाल्डो ने अपने करियर में कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए हैं, जिन्हें तोड़ना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होगा। उन्होंने पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम के लिए न सिर्फ शानदार प्रदर्शन किया, बल्कि देश को कई ऐतिहासिक जीत दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रोनाल्डो ने अपने संन्यास की घोषणा करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि वह पुर्तगाल की नंबर-7 जर्सी अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को सौंप दें। उनका यह फैसला नवंबर के अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के बाद प्रभावी होगा। यानी पुर्तगाल के लिए उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी अध्याय अब करीब आ गया है।
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23 साल का शानदार सफर, रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बनाए
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 20 अगस्त 2003 को पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम के लिए अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। उस समय शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह युवा खिलाड़ी आने वाले वर्षों में फुटबॉल की दुनिया का सबसे बड़ा नाम बन जाएगा।
अपने लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में रोनाल्डो ने पुर्तगाल के लिए कुल 234 मुकाबले खेले और 146 गोल किए। वह पुरुष अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय मैचों में सबसे ज्यादा उपस्थिति दर्ज कराने वाले खिलाड़ियों में भी उनका नाम शीर्ष पर है।
रोनाल्डो की कप्तानी में पुर्तगाल ने साल 2016 में पहली बार यूरो कप का खिताब जीतकर इतिहास रचा था। इसके बाद टीम ने 2019 और 2025 में यूईएफए नेशंस लीग का खिताब भी अपने नाम किया। इन उपलब्धियों ने रोनाल्डो को पुर्तगाल के सबसे सफल और लोकप्रिय खिलाड़ियों में शामिल कर दिया।
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कोच से विवाद और 30 दिन का प्रतिबंध भी रहा चर्चा में
रोनाल्डो का संन्यास ऐसे समय में सामने आया है, जब पिछले कुछ समय से वह पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम में विवादों को लेकर सुर्खियों में थे। दरअसल, सितंबर में डेनमार्क में टीम के ट्रेनिंग कैंप के दौरान उनका कोच जॉर्ज जीसस के साथ खेलने के समय और टीम में उनकी भूमिका को लेकर विवाद हो गया था।
इसके बाद 30 सितंबर को रोनाल्डो टीम का कैंप छोड़कर चले गए थे। इस मामले में पुर्तगाल फुटबॉल महासंघ ने 19 अक्टूबर को उन पर 30 दिनों का प्रतिबंध लगाया और 255 यूरो का जुर्माना भी लगाया था। हालांकि, रोनाल्डो प्रतिबंध की अवधि पूरी कर चुके थे और नवंबर में होने वाले मुकाबलों के लिए उनकी वापसी का रास्ता खुला था।
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फुटबॉल के इतिहास में हमेशा याद किए जाएंगे रोनाल्डो
क्रिस्टियानो रोनाल्डो का नाम सिर्फ गोल और रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है। उनकी मेहनत, फिटनेस, खेल के प्रति जुनून और मैदान पर आखिरी मिनट तक जीतने का जज्बा दुनिया भर के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा रहा है।
उनके संन्यास के साथ पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम एक ऐसे खिलाड़ी को विदाई देने जा रही है, जिसने दो दशक से अधिक समय तक देश का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि, उनका अंतरराष्ट्रीय सफर समाप्त होने जा रहा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उन्होंने क्लब फुटबॉल से भी संन्यास ले लिया है। रोनाल्डो अभी क्लब स्तर पर खेलना जारी रख सकते हैं।
अब पूरी दुनिया की नजर नवंबर में होने वाले मुकाबलों पर रहेगी, जहां फुटबॉल प्रशंसक अपने चहेते खिलाड़ी को आखिरी बार पुर्तगाल की जर्सी में खेलते हुए देखना चाहेंगे।
