By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: यूपी पहुंचा 308 पहियों वाला ‘बाहुबली ट्रक’, 200 टन के वेसल को लेकर निकला महाकाफिला; वाराणसी में 3 फुटओवर ब्रिज के हिस्से हटेंगे
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तर प्रदेश > यूपी पहुंचा 308 पहियों वाला ‘बाहुबली ट्रक’, 200 टन के वेसल को लेकर निकला महाकाफिला; वाराणसी में 3 फुटओवर ब्रिज के हिस्से हटेंगे
उत्तर प्रदेशफीचर्ड

यूपी पहुंचा 308 पहियों वाला ‘बाहुबली ट्रक’, 200 टन के वेसल को लेकर निकला महाकाफिला; वाराणसी में 3 फुटओवर ब्रिज के हिस्से हटेंगे

The Hill India News
Last updated: September 25, 2026 5:42 am
The Hill India News
Published: September 25, 2026
Share
SHARE

100 फीट लंबे मल्टी-एक्सल ट्रक को निकालने के लिए प्रशासन की खास तैयारी, पुलों से लेकर बिजली के तारों तक की हो रही इंजीनियरिंग जांच; काशी में ट्रैफिक प्रबंधन के साथ आगे बढ़ेगा भारी-भरकम काफिला

वाराणसी: उत्तर प्रदेश की सड़कों पर इन दिनों एक ऐसा विशालकाय ट्रक लोगों का ध्यान खींच रहा है, जिसे देखकर हर कोई कुछ देर के लिए रुककर उसे देखने को मजबूर हो रहा है। 308 पहियों वाला यह ‘बाहुबली ट्रक’ करीब 200 टन वजनी एक विशाल वेसल को लेकर उत्तर प्रदेश पहुंच चुका है। बेल्जियम से मंगाए गए इस भारी उपकरण को सड़क मार्ग से बलरामपुर स्थित चीनी मिल और एथेनॉल प्लांट तक पहुंचाया जा रहा है। इसकी विशाल लंबाई, वजन और आकार को देखते हुए पूरे रास्ते में विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

Contents
100 फीट लंबे मल्टी-एक्सल ट्रक को निकालने के लिए प्रशासन की खास तैयारी, पुलों से लेकर बिजली के तारों तक की हो रही इंजीनियरिंग जांच; काशी में ट्रैफिक प्रबंधन के साथ आगे बढ़ेगा भारी-भरकम काफिलाबेल्जियम से आया वेसल, समुद्र से सड़क तक का लंबा सफरसोशल मीडिया पर ‘बाहुबली ट्रक’ नाम से वायरलवाराणसी में हटेंगे 3 फुटओवर ब्रिज के हिस्सेबिहार में भी आसान नहीं था रास्ताकछुए की चाल से आगे बढ़ रहा महाकाफिलापुलिस और तकनीकी टीमों की निगरानी में सफरबलरामपुर तक पहुंचाना है वेसल

यह महाकाफिला अब चंदौली के रास्ते उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने के बाद वाराणसी की ओर बढ़ रहा है। वाराणसी में इस भारी-भरकम कंसाइनमेंट के सामने सबसे बड़ी चुनौती कुछ फुटओवर ब्रिज बताए जा रहे हैं। प्रशासन और NHAI की संयुक्त जांच में सामने आया कि रास्ते में आने वाले तीन फुटओवर ब्रिज वाहन की ऊंचाई और आकार के कारण बाधा बन सकते हैं। ऐसे में वेसल को सुरक्षित निकालने के लिए इन फुटओवर ब्रिज के कुछ हिस्सों को अस्थायी रूप से हटाने की तैयारी की जा रही है। काफिला गुजर जाने के बाद इन हिस्सों को दोबारा बनाया जाएगा।

बेल्जियम से आया वेसल, समुद्र से सड़क तक का लंबा सफर

इस पूरे ऑपरेशन की शुरुआत बेल्जियम से हुई। करीब 200 टन वजन वाले इस विशाल वेसल को समुद्री मार्ग से भारत लाया गया और ओडिशा के पारादीप पोर्ट तक पहुंचाया गया। इसके बाद इसे सड़क मार्ग के जरिए उत्तर प्रदेश के बलरामपुर तक ले जाने का अभियान शुरू हुआ।

पारादीप से निकलने के बाद यह भारी-भरकम काफिला झारखंड होते हुए बिहार के रोहतास, गया, औरंगाबाद और कैमूर तक पहुंचा। इसके बाद चंदौली के रास्ते अब उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर चुका है। इतने बड़े कंसाइनमेंट को सड़क से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना अपने आप में बेहद जटिल लॉजिस्टिक्स ऑपरेशन है।

ट्रक की लंबाई करीब 100 फीट बताई जा रही है। भारी वजन को कई एक्सल में बांटने के लिए इसमें 308 पहियों का इस्तेमाल किया गया है। इतनी बड़ी संख्या में पहियों का उद्देश्य केवल आकार बढ़ाना नहीं, बल्कि वजन को अलग-अलग हिस्सों में वितरित कर सड़क और वाहन पर पड़ने वाले दबाव को नियंत्रित करना भी है।

सोशल मीडिया पर ‘बाहुबली ट्रक’ नाम से वायरल

विशाल आकार और 308 पहियों की वजह से यह ट्रक सोशल मीडिया पर ‘बाहुबली ट्रक’ के नाम से चर्चा में है। इसकी तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद लोग इसके आकार और इसे चलाने के तरीके को लेकर उत्सुक नजर आ रहे हैं।

आमतौर पर सड़कों पर दिखाई देने वाले भारी वाहनों से कई गुना बड़े इस काफिले को नियंत्रित गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। रास्ते में आने वाले पुल, मोड़, बिजली के तार, सड़क की चौड़ाई और अन्य बाधाओं की पहले से जांच की जा रही है।

काफिले के साथ सुरक्षा और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भी मौजूद रहती है, ताकि रास्ते में किसी तरह की समस्या आने पर तुरंत आवश्यक कदम उठाया जा सके।

वाराणसी में हटेंगे 3 फुटओवर ब्रिज के हिस्से

अब इस पूरे अभियान का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा वाराणसी में सामने आने वाला है। प्रशासन और NHAI की टीम ने जिस रूट का निरीक्षण किया, उसमें तीन फुटओवर ब्रिज भारी कंसाइनमेंट के रास्ते में बाधा बनते पाए गए।

इन ब्रिजों को पूरी तरह हटाने के बजाय उनके जरूरी हिस्सों को अस्थायी रूप से हटाने की योजना बनाई गई है, ताकि विशाल वेसल को सुरक्षित तरीके से वहां से निकाला जा सके। काफिले के गुजर जाने के बाद फुटओवर ब्रिज के हटाए गए हिस्सों को दोबारा स्थापित किए जाने की योजना है।

इस दौरान ट्रैफिक को नियंत्रित करना भी बड़ी चुनौती होगी। विशाल ट्रक को मोड़ने और आगे बढ़ाने के लिए सड़क पर पर्याप्त जगह की जरूरत होगी। इसलिए संबंधित विभागों की टीमें पूरे रूट पर नजर बनाए हुए हैं।

बिहार में भी आसान नहीं था रास्ता

उत्तर प्रदेश पहुंचने से पहले इस विशाल काफिले को बिहार में भी कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद के रास्ते इसे निकालने के दौरान कई जगह विशेष इंतजाम करने पड़े।

औरंगाबाद के बारुण क्षेत्र में रेलवे ओवरब्रिज के नीचे से इस भारी कंसाइनमेंट को निकालना चुनौतीपूर्ण था। रिपोर्ट के अनुसार, ऊंचाई को देखते हुए रेलवे ट्रैक के ऊपर मौजूद हाईटेंशन बिजली आपूर्ति को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। सुरक्षा के लिहाज से कुछ समय के लिए ट्रेनों का संचालन भी रोका गया और विशेष सर्विस लेन तैयार कर काफिले को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया गया।

यह पूरा घटनाक्रम बताता है कि इतने बड़े कंसाइनमेंट को सड़क मार्ग से ले जाना केवल ट्रक चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए रेलवे, बिजली, हाईवे, पुलिस और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत होती है।

कछुए की चाल से आगे बढ़ रहा महाकाफिला

308 पहियों वाला यह ट्रक भले ही देखने में बेहद शक्तिशाली नजर आता हो, लेकिन इसकी रफ्तार काफी धीमी है। 200 टन से ज्यादा के कुल वजन के कारण काफिले को नियंत्रित गति से आगे बढ़ाया जा रहा है।

रिपोर्टों के मुताबिक, यह महाकाफिला एक दिन में लगभग 5 से 10 किलोमीटर की दूरी ही तय कर पा रहा है। इसकी धीमी रफ्तार का कारण सिर्फ भारी वजन नहीं, बल्कि पूरे रास्ते की सुरक्षा जांच और सड़क की परिस्थितियां भी हैं।

हर पुल की भार क्षमता, सड़क की चौड़ाई, तीखे मोड़, ढलान, बिजली के तार और अन्य संभावित बाधाओं की पहले से जांच की जाती है। जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक रोककर या डायवर्ट करके काफिले को आगे बढ़ाया जाता है।

पुलिस और तकनीकी टीमों की निगरानी में सफर

इस विशाल काफिले की सुरक्षा और सुचारु आवाजाही के लिए पुलिस, हाईवे पेट्रोलिंग टीम और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार निगरानी कर रहे हैं। लॉजिस्टिक्स कंपनी जेएम बक्सी हैवी की निगरानी में यह विशेष परिवहन अभियान आगे बढ़ रहा है।

काफिले के रास्ते में आने वाले संवेदनशील स्थानों पर पहले से तैयारी की जा रही है। जहां सड़क संकरी है, वहां यातायात को नियंत्रित किया जा रहा है। पुलों की भार क्षमता और ऊंचाई की जांच की जा रही है। वहीं, ओवरहेड बिजली लाइनों और अन्य संरचनाओं को भी ध्यान में रखा जा रहा है।

बलरामपुर तक पहुंचाना है वेसल

इस पूरे अभियान का अंतिम उद्देश्य इस विशाल वेसल को बलरामपुर की चीनी मिल और एथेनॉल प्लांट तक सुरक्षित पहुंचाना है। समुद्र के रास्ते हजारों किलोमीटर की यात्रा करने के बाद अब यह उपकरण सड़क मार्ग से अपने अंतिम गंतव्य की ओर बढ़ रहा है।

वाराणसी से गुजरना इस सफर का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है, क्योंकि यहां शहरी क्षेत्र, यातायात और सड़क पर मौजूद संरचनाओं के कारण विशेष सावधानी की जरूरत होगी।

फिलहाल 308 पहियों वाला यह ‘बाहुबली ट्रक’ अपनी धीमी लेकिन बेहद खास यात्रा पर है। एक तरफ 200 टन के वेसल को सुरक्षित मंजिल तक पहुंचाने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ रास्ते में आने वाले पुलों, बिजली लाइनों, ट्रैफिक और सड़क संरचनाओं को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी प्रशासन और तकनीकी टीमों के सामने है। वाराणसी में तीन फुटओवर ब्रिज के हिस्सों को अस्थायी रूप से हटाने की तैयारी इस बात का संकेत है कि इस विशाल काफिले को मंजिल तक पहुंचाने के लिए किस स्तर की इंजीनियरिंग और प्रशासनिक तैयारी की जा रही है।

You Might Also Like

उत्तराखंड : वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट
उत्तराखण्ड: देहरादून DM सोनिका ने आज तहसील सदर का औचक निरीक्षण किया
नई दिल्ली :कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव ने ड्रैगन फ्रूट पर राष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता की
उत्तराखण्ड: लोक सेवा आयोग ने प्रथम चरण की परीक्षाओं का कैलेण्डर निर्धारित किया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग जनपद के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा
TAGGED:Bahubali TruckUttar PradeshVaranasi
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

देहरादून पुलिस में बड़ा फेरबदल: 22 दरोगाओं के तबादले, कई थानों और चौकियों में बदली जिम्मेदारी; देखें पूरी लिस्ट

The Hill India News
The Hill India News
September 25, 2026
UPI Payment पर 18% GST का क्या होगा? 7 अक्टूबर को हो सकता है बड़ा फैसला, जानिए MDR से जुड़ा पूरा मामला
Bank Strike 2026: 28 से 30 सितंबर तक बैंक हड़ताल का असर, SBI-PNB-BOB समेत ग्राहकों के लिए बड़ी एडवायजरी; 27 सितंबर रविवार को भी खुलेंगी बैंक शाखाएं
यूपी पहुंचा 308 पहियों वाला ‘बाहुबली ट्रक’, 200 टन के वेसल को लेकर निकला महाकाफिला; वाराणसी में 3 फुटओवर ब्रिज के हिस्से हटेंगे
मोहब्बेवाला में फिर बड़ा सड़क हादसा, गर्ल्स हॉस्टल की दीवार तोड़कर अंदर घुसा ईंटों से लदा ट्रक; बाल-बाल बचीं छात्राएं
मुश्ताक खान के निधन से बॉलीवुड में शोक, संजय मिश्रा बोले- ‘मेरी जिंदगी में एक समय वह अभिभावक बन गए थे, उन्हें वो क्रेडिट नहीं मिला जिसके हकदार थे’
SIR विवाद पर सियासी संग्राम तेज, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का देशव्यापी मार्च आज; गिरफ्तारी और हटाने की मांग
एशियन गेम्स 2026 में भारत का शानदार धमाका, कमलजीत-सुरुचि की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम में जीता गोल्ड
उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण पर हाईकोर्ट सख्त, 7 अक्टूबर को होगी अंतिम सुनवाई; सरकार से पूछा—अब तक आदेश पर क्यों नहीं हुआ अमल?
उत्तराखंड में बिजली संकट गहराया, ₹10 यूनिट में भी पूरी सप्लाई नहीं; 12.4 मिलियन यूनिट की रोस्टरिंग, इन इलाकों में पहले कटौती
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?