By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: अमृतसर में ASI की हत्या के बाद ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ का नाम सुर्खियों में! कौन है TTH और शहजाद भट्टी से क्या है कनेक्शन?
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > अमृतसर में ASI की हत्या के बाद ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ का नाम सुर्खियों में! कौन है TTH और शहजाद भट्टी से क्या है कनेक्शन?
देशफीचर्ड

अमृतसर में ASI की हत्या के बाद ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ का नाम सुर्खियों में! कौन है TTH और शहजाद भट्टी से क्या है कनेक्शन?

The Hill India News
Last updated: September 18, 2026 7:28 am
The Hill India News
Published: September 18, 2026
Share
SHARE

अमृतसर में ड्यूटी के दौरान ASI हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या से पंजाब में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ यानी TTH ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। हालांकि पुलिस ने इस दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की है। इसी बीच जांच एजेंसियों की नजर पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क और उससे जुड़े कथित मॉड्यूल पर भी है।

Contents
क्या है तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान?शहजाद भट्टी का नाम क्यों सामने आ रहा है?सोशल मीडिया के जरिए भर्ती का आरोपपंजाब में पहले भी सामने आया TTH का नामशहजाद भट्टी नेटवर्क पर केंद्र की बड़ी कार्रवाईपंजाब पुलिस ने बढ़ाई सक्रियतापरिवार को एक करोड़ रुपये की सहायताजांच के बाद ही साफ होगी TTH की असली भूमिका

पंजाब के अमृतसर में शुक्रवार तड़के पुलिस के एक अधिकारी की हत्या ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ड्यूटी के दौरान असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) हरजीत सिंह को गोली मार दी गई। रिपोर्टों के मुताबिक हमला रात करीब 2:30 बजे के आसपास हुआ, जब वह अमृतसर के गेट हकीमा इलाके में ड्यूटी पर थे। गोली लगने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक ऐसे संगठन का नाम सामने आया, जिसका जिक्र पिछले कुछ महीनों में पंजाब और उत्तर भारत में सामने आए कुछ आपराधिक और आतंकी मामलों की जांच के दौरान हुआ है। यह नाम है ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ (TTH)। संगठन की ओर से ASI हरजीत सिंह की हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया है, लेकिन इस दावे की सत्यता और हमले में संगठन की वास्तविक भूमिका की जांच अभी जारी है।

क्या है तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान?

‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ यानी TTH का नाम भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की जांच में वर्ष 2026 के दौरान प्रमुखता से सामने आया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इसे किसी पुराने और व्यापक रूप से स्थापित आतंकी संगठन के बजाय एक ऐसे कथित नेटवर्क या छद्म पहचान के रूप में देखा जा रहा है, जिसका इस्तेमाल सोशल मीडिया प्रचार, धमकी, पोस्टर लगाने और हिंसक गतिविधियों की जिम्मेदारी लेने के लिए किया जाता है।

जांच एजेंसियों से जुड़ी रिपोर्टों में TTH का नाम पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर और कथित आतंकी नेटवर्क संचालक शहजाद भट्टी से जोड़ा गया है। हालांकि TTH की वास्तविक संरचना, कमांड सिस्टम और अमृतसर की इस घटना में उसकी भूमिका को लेकर जांच एजेंसियां अभी तथ्य जुटा रही हैं।

इस कथित नेटवर्क का एक अहम पहलू यह बताया गया है कि स्थानीय स्तर पर युवाओं या आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में लाने, छोटे-छोटे काम सौंपने और धीरे-धीरे गंभीर आपराधिक गतिविधियों की ओर धकेलने की कोशिश की गई। द प्रिंट की रिपोर्ट के मुताबिक जांच में ऐसे आरोप सामने आए कि कुछ लोगों को TTH के नाम से पोस्टर लगाने और उनकी तस्वीर या वीडियो भेजने के लिए पैसे दिए गए।

शहजाद भट्टी का नाम क्यों सामने आ रहा है?

TTH की चर्चा के साथ सबसे ज्यादा जिस नाम का उल्लेख किया जा रहा है, वह है शहजाद भट्टी। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की जांच से जुड़ी रिपोर्टों में उसे पाकिस्तान स्थित नेटवर्क का प्रमुख चेहरा बताया गया है।

रिपोर्टों के अनुसार, भट्टी से जुड़े कथित नेटवर्क पर भारत में युवाओं की ऑनलाइन भर्ती, हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी तथा पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने जैसी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के जरिए भारत में मौजूद लोगों से संपर्क स्थापित किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।

इसी नेटवर्क से TTH नाम को जोड़कर देखा जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस नाम का इस्तेमाल कथित तौर पर स्थानीय स्तर पर की गई हिंसक गतिविधियों को एक अलग आतंकी पहचान देने के लिए किया जा सकता है। हालांकि किसी भी घटना में संगठन की भूमिका साबित करने के लिए जांच, डिजिटल साक्ष्य और गिरफ्तार आरोपियों से प्राप्त जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

सोशल मीडिया के जरिए भर्ती का आरोप

शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियों ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, युवाओं को इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से संपर्क किया जाता था। पहले छोटे कामों के बदले पैसे दिए जाने और बाद में उन्हें रेकी, हथियारों की आवाजाही या हिंसक गतिविधियों से जुड़े काम सौंपे जाने के आरोप हैं।

कुछ मामलों में कथित तौर पर TTH के पोस्टर लगवाने और उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग संबंधित हैंडल तक पहुंचाने की बात सामने आई। इससे जांच एजेंसियां इस संभावना को भी देख रही हैं कि TTH का नाम केवल एक संगठनात्मक पहचान के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा हो।

यही वजह है कि अमृतसर में ASI हरजीत सिंह की हत्या के बाद सामने आए TTH के दावे को जांच एजेंसियां केवल एक सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर स्वीकार नहीं कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले के पीछे वास्तव में कौन लोग थे, उन्हें निर्देश किससे मिले और क्या उनका संबंध किसी बड़े नेटवर्क से था।

पंजाब में पहले भी सामने आया TTH का नाम

TTH का नाम पंजाब में इससे पहले भी कुछ पुलिसकर्मियों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं के संदर्भ में सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों में अमृतसर के मजीठा क्षेत्र में ASI जोगा सिंह की हत्या और पंजाब के अन्य इलाकों में पुलिसकर्मियों पर हुए हमलों के मामलों में भी TTH के दावों का उल्लेख किया गया है।

अजनाला में पुलिसकर्मी पर हुए हमले के बाद भी इसी नाम से जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया था। उस मामले में भी सुरक्षा एजेंसियों ने संगठन की वास्तविकता और उसके पीछे मौजूद नेटवर्क की जांच शुरू की थी।

इन घटनाओं को देखते हुए जांच एजेंसियों के सामने अब यह सवाल महत्वपूर्ण है कि क्या TTH वास्तव में एक अलग संगठन के रूप में काम कर रहा है या फिर किसी बड़े सीमा पार नेटवर्क की छद्म पहचान के तौर पर इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।

शहजाद भट्टी नेटवर्क पर केंद्र की बड़ी कार्रवाई

इस पूरे मामले को इसलिए भी गंभीरता से देखा जा रहा है क्योंकि केंद्र सरकार ने हाल ही में शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया है।

गृह मंत्रालय ने 16 सितंबर 2026 को यह कार्रवाई की। गृह मंत्रालय के अनुसार, नेटवर्क पर सीमा पार हथियार, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की तस्करी, युवाओं और अपराधियों को आतंकवादी गतिविधियों की ओर उकसाने तथा डिजिटल माध्यम से नफरत फैलाने वाली सामग्री के प्रसार जैसे आरोप हैं।

गृह मंत्रालय की कार्रवाई के बाद शहजाद भट्टी नेटवर्क को लेकर जांच और कानूनी कार्रवाई का दायरा और बढ़ गया है। ऐसे में अमृतसर में पुलिस अधिकारी की हत्या और TTH के कथित दावे को भी सुरक्षा एजेंसियां व्यापक नेटवर्क के संदर्भ में देख रही हैं।

पंजाब पुलिस ने बढ़ाई सक्रियता

ASI हरजीत सिंह की हत्या के बाद पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी गई है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, हमले के तरीके, हमलावरों की गतिविधियों और संभावित भागने के रास्तों की जांच की जा रही है।

इसके साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश होगी कि हमलावरों को हथियार कहां से मिले और क्या उन्हें किसी सीमा पार नेटवर्क से सहायता मिली थी। पुलिस के लिए सबसे महत्वपूर्ण कड़ी वह डिजिटल और तकनीकी साक्ष्य होंगे, जिनसे कथित TTH दावे और वास्तविक हमलावरों के बीच कोई संबंध स्थापित हो सके।

परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता

ASI हरजीत सिंह की मौत पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शोक व्यक्त किया है। राज्य सरकार की ओर से उनके परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। रिपोर्टों के अनुसार, HDFC Bank की ओर से भी परिवार को एक करोड़ रुपये का बीमा भुगतान मिलने की जानकारी सामने आई है।

हरजीत सिंह की मौत ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि सीमावर्ती राज्य पंजाब में अपराध, ड्रग्स, हथियारों की तस्करी और सीमा पार से संचालित कथित नेटवर्क किस तरह एक-दूसरे से जुड़ सकते हैं।

जांच के बाद ही साफ होगी TTH की असली भूमिका

फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि TTH द्वारा ASI हरजीत सिंह की हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा और हमले में उसकी वास्तविक भूमिका—दोनों अलग-अलग बातें हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियों को यह स्थापित करना होगा कि दावा करने वाला व्यक्ति या समूह वास्तव में उसी नेटवर्क का हिस्सा है या केवल घटना के बाद प्रचार हासिल करने के लिए संगठन के नाम का इस्तेमाल कर रहा है।

जांच एजेंसियां शहजाद भट्टी नेटवर्क, सोशल मीडिया गतिविधियों, कथित स्थानीय मॉड्यूल, हथियारों की आपूर्ति और हमले में शामिल संदिग्धों के बीच संभावित कड़ियों की पड़ताल कर रही हैं। आने वाले दिनों में गिरफ्तारियां, डिजिटल साक्ष्य और आधिकारिक जांच से यह तस्वीर ज्यादा स्पष्ट हो सकती है कि अमृतसर के ASI हत्याकांड के पीछे कौन था और TTH नाम का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।

फिलहाल अमृतसर में पुलिसकर्मी की हत्या ने पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था के सामने गंभीर चुनौती जरूर खड़ी की है। लेकिन इस मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और आधिकारिक साक्ष्यों के सामने आने के बाद ही निकाला जाना चाहिए।

You Might Also Like

Uttarakhand: ‘डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड एनर्जी कॉन्क्लेव’ में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में हुए 40 हजार करोड़ से अधिक के एमओयू
महिला सुरक्षा एवं महिला सशक्तिकरण की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए- मुख्यमंत्री
UP Panchayat Chunav 2026: इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्ती के बीच मंत्री राजभर का ऐलान, जुलाई तक होंगे उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव
दिल्ली: अप्रैल की शुरुआत में बदला मौसम, बारिश से गिरा तापमान, उत्तर भारत में फिर बरसात के आसार
दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश से बदला मौसम, अगले 5 दिन उत्तर भारत में आंधी-तूफान का तांडव; जानें यूपी में कब आएगा मॉनसून
TAGGED:AmritsarPunjab.Shahzad BhattiTehreek-e-Taliban Hindustan
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

‘अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं’, देहरादून में प्रशासन का बड़ा एक्शन! औचक निरीक्षण में 4 जन सेवा केंद्र सील, कंप्यूटर-लैपटॉप भी अभिरक्षा में

The Hill India News
The Hill India News
September 18, 2026
बंगाल उपचुनाव से पहले TMC में बड़ा सियासी संकट! चुनाव आयोग ने ‘तृणमूल कांग्रेस’ का नाम और ‘जोड़ाफूल’ सिंबल किया फ्रीज
अमृतसर में ASI की हत्या के बाद ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ का नाम सुर्खियों में! कौन है TTH और शहजाद भट्टी से क्या है कनेक्शन?
गंगा किनारे दो नवजात बच्चियों के शव मिलने से ऋषिकेश में हड़कंप! नाव घाट और साई घाट पर मिले शव, जांच में जुटी पुलिस
अब पहाड़ों में ट्रैकिंग होगी और भी सुरक्षित! उत्तराखंड के 100 ट्रेक रूट्स की GPS/GIS मैपिंग शुरू, बनेगा ऑफलाइन नेविगेशन ऐप
उत्तराखंड में 2027 का चुनावी बिगुल तेज! सहसपुर पर हरक सिंह रावत का बड़ा दावा—कहा, कांग्रेस को 20 हजार से ज्यादा वोटों से जिताऊंगा
देहरादून में म्यूल अकाउंट का बड़ा खेल! 6 बैंकों के ATM से निकले 5.61 लाख रुपये, साइबर ठगों ने ऐसे दिया वारदात को अंजाम
लैंसडाउन में जुटेंगे देश के दो बड़े सुरक्षा रणनीतिकार! NSA अजीत डोभाल और CDS जनरल सुब्रमणि गढ़वाल राइफल्स के कार्यक्रम में होंगे शामिल
अंकिता भंडारी और मोहम्मद दीपक केस के अधिवक्ता को जान से मारने की धमकी! तीन भाषाओं में आया पत्र, हाईकोर्ट में मचा हड़कंप
UPI चार्ज पर सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा मामला! ₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट पेमेंट पर MDR को चुनौती, सरकार के फैसले पर उठे सवाल
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?