पटना: चर्चित शिक्षक और खान ग्लोबल स्टडीज से जुड़े फैजल खान उर्फ खान सर को लेकर एक महिला की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों ने बिहार की राजधानी पटना में हलचल बढ़ा दी है। उत्तर प्रदेश की रहने वाली हुस्नारा खातून नाम की महिला ने पुलिस को आवेदन देकर दावा किया है कि उसे खान सर से अपनी जान का खतरा है। महिला ने अपनी सुरक्षा की मांग करते हुए पुलिस से शिकायत की है। पुलिस ने आवेदन मिलने के बाद महिला का बयान दर्ज किया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
महिला की शिकायत सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। दूसरी ओर, खान ग्लोबल स्टडीज से जुड़े लोगों ने पूरे मामले को साजिश बताते हुए आरोपों पर सवाल खड़े किए हैं।
महिला ने पुलिस से क्यों मांगी सुरक्षा?
हुस्नारा खातून का कहना है कि उसे आशंका है कि उसे नुकसान पहुंचाया जा सकता है। इसी डर के चलते उसने पटना के पीरबहोर थाने में आवेदन देकर पुलिस से सुरक्षा की मांग की। महिला के मुताबिक, उसे लगातार इस बात की चिंता बनी हुई है कि उसके खिलाफ कोई अप्रिय घटना हो सकती है।
महिला ने पुलिस को बताया कि उसे ऐसा महसूस हो रहा है कि उसके बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है। उसने आशंका जताई कि यदि उसके किसी रिश्तेदार या परिचित के साथ कोई अनहोनी होती है तो उसे भी निशाना बनाया जा सकता है। इन्हीं आशंकाओं को लेकर उसने पुलिस से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
पुलिस की ओर से महिला को सुरक्षा को लेकर आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई है। उसे बताया गया है कि यदि किसी प्रकार की परेशानी होती है तो वह तत्काल पुलिस से संपर्क कर सकती है। थाना स्तर से संपर्क के लिए आवश्यक नंबर भी उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई है।
2017 की घटना का महिला ने किया जिक्र
शिकायत में महिला ने एक पुरानी घटना का जिक्र किया है। उसका दावा है कि वर्ष 2017 में उसकी रूम पार्टनर का खान सर से संपर्क था। महिला के मुताबिक, खान सर करीब छह महीने तक उसकी रूम पार्टनर के कमरे पर आते-जाते थे।
हुस्नारा का आरोप है कि उसे इस तरह की आवाजाही को लेकर आपत्ति थी। उसने दावा किया कि इस विषय को लेकर उसने कई बार अपनी रूम पार्टनर के सामने विरोध जताया। महिला के मुताबिक, इस दौरान करीब दो महीने तक उनके बीच विवाद और झगड़े की स्थिति बनी रही।
महिला ने यह भी दावा किया कि मामला बाद में थाना-पुलिस तक पहुंचा था। उसका कहना है कि उस समय भी उसने अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। हालांकि, इस पुराने घटनाक्रम से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
रिश्तेदार के हस्तक्षेप का भी दावा
महिला ने पुलिस को दिए आवेदन में दावा किया है कि उसे खान सर की ओर से संभावित नुकसान की आशंका के बारे में उसने अपने एक रिश्तेदार को भी जानकारी दी थी। महिला के अनुसार, उसका यह रिश्तेदार पुलिस विभाग में थानेदार के पद पर है।
महिला का दावा है कि रिश्तेदार की ओर से खान सर को डांटने के बाद उन्होंने माफी मांगी थी। इसके बाद कुछ समय तक उसे परेशान नहीं किया गया। हालांकि, महिला का आरोप है कि बाद में भी उसके बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की जाती रही।
इसी कथित गतिविधि के कारण महिला का डर और बढ़ गया। उसका कहना है कि उसे आशंका है कि भविष्य में उसके साथ या उसके किसी करीबी के साथ कोई अप्रिय घटना हो सकती है। इसी वजह से उसने पुलिस से औपचारिक तौर पर सुरक्षा की मांग की है।
रूम पार्टनर और खान सर के रिश्ते को लेकर आरोप
हुस्नारा खातून ने अपनी शिकायत में अपनी रूम पार्टनर और खान सर के बीच कथित करीबी संबंधों का भी जिक्र किया है। महिला का दावा है कि कई बार खान सर और उसकी रूम पार्टनर कमरे के अंदर रहते थे और दरवाजा नहीं खोला जाता था।
महिला के मुताबिक, ऐसे मौकों पर उसे कई-कई घंटे कमरे के बाहर इंतजार करना पड़ता था। उसने दावा किया कि उस दौरान उसे कुछ ऐसी बातें पता चलीं, जिनकी वजह से आज भी वह खुद को असुरक्षित महसूस करती है।
हालांकि, महिला द्वारा बताए गए इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस के सामने मुख्य सवाल यह है कि महिला की सुरक्षा को लेकर जताई गई आशंका का वास्तविक आधार क्या है और पुराने घटनाक्रम तथा वर्तमान शिकायत के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध है या नहीं।
खान ग्लोबल स्टडीज ने बताया साजिश
मामले में खान ग्लोबल स्टडीज से जुड़े लोगों की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। संस्थान से जुड़े लोगों ने महिला के आरोपों को साजिश करार दिया है। उनका सवाल है कि यदि घटना वर्ष 2017 की है तो करीब आठ-नौ साल बाद इस तरह की शिकायत अब क्यों की जा रही है?
खान ग्लोबल स्टडीज से जुड़े लोगों का यह भी कहना है कि वर्तमान समय में खान सर और महिला के बीच किसी तरह की बातचीत नहीं है। ऐसे में इतने वर्षों बाद अचानक शिकायत किए जाने को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
हालांकि, किसी शिकायत के पुराने होने मात्र से उसके आरोप स्वतः सही या गलत साबित नहीं होते। इस मामले में आरोपों की वास्तविकता और महिला की सुरक्षा को लेकर उसकी आशंका की जांच करना पुलिस की जिम्मेदारी है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति अधिक स्पष्ट हो पाएगी।
पुलिस ने महिला का बयान किया दर्ज
महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने उसका बयान दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है और पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों तथा महिला द्वारा बताए गए पुराने घटनाक्रम की जानकारी जुटा सकती है।
पुलिस के सामने फिलहाल महिला की सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। महिला ने अपनी शिकायत में सीधे तौर पर जान का खतरा जताया है, इसलिए उसे सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है। उसे किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस से संपर्क करने के लिए कहा गया है।
जांच के दौरान पुलिस यह भी देख सकती है कि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेज, पुरानी शिकायत, बातचीत या अन्य प्रमाण उपलब्ध हैं या नहीं। यदि पुराने विवाद को लेकर कभी थाने में शिकायत हुई थी तो उससे संबंधित रिकॉर्ड भी जांच का हिस्सा बन सकते हैं।
क्या है इस पूरे मामले का अगला कदम?
फिलहाल मामला शिकायत और जांच के स्तर पर है। महिला ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका जताई है, जबकि खान ग्लोबल स्टडीज से जुड़े लोगों ने आरोपों को साजिश बताया है। दोनों पक्षों के दावों के बीच अब पुलिस की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।
जांच में यह पता लगाना जरूरी होगा कि वर्ष 2017 में वास्तव में क्या हुआ था, क्या उस समय कोई पुलिस शिकायत दर्ज हुई थी, महिला की ओर से लगाए गए वर्तमान आरोपों का कोई ठोस आधार है या नहीं और क्या वर्तमान समय में महिला को किसी प्रकार का वास्तविक खतरा है।
जब तक पुलिस की जांच पूरी नहीं होती, तब तक महिला द्वारा लगाए गए आरोपों को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा। इसी तरह, संस्थान की ओर से इसे साजिश बताए जाने के दावे की भी स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम बात यह है कि एक महिला ने अपनी सुरक्षा को लेकर पुलिस के सामने गंभीर आशंका जताई है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर उसका बयान लिया है और सुरक्षा का भरोसा दिया है। अब जांच के परिणाम से ही यह स्पष्ट होगा कि इस मामले के पीछे वास्तविक घटनाक्रम क्या है और महिला की ओर से जताए गए खतरे का आधार कितना मजबूत है।
