श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने बल्ले से ऐसी ऐतिहासिक पारी खेली, जिसने उन्हें भारतीय क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में खास जगह दिला दी है। जुरेल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 115 रन बनाए और श्रीलंका की धरती पर नंबर-7 के बल्लेबाज के तौर पर शतक लगाने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज बन गए। उनकी इस पारी के साथ ही उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज एमएस धोनी का श्रीलंका में नंबर-7 पर बल्लेबाजी करते हुए बनाया गया रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।
ध्रुव जुरेल की यह पारी इसलिए भी बेहद खास रही, क्योंकि उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। जुरेल ने अपनी पारी में 9 चौके और 2 छक्के लगाए और 115 रन बनाकर नाबाद रहे। उनकी बल्लेबाजी ने न सिर्फ भारतीय पारी को मजबूती दी, बल्कि श्रीलंकाई गेंदबाजों पर भी लगातार दबाव बनाए रखा।
जुरेल से पहले श्रीलंका में नंबर-7 पर बल्लेबाजी करते हुए किसी भारतीय विकेटकीपर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन एमएस धोनी के नाम था। धोनी ने श्रीलंका में नंबर-7 पर बल्लेबाजी करते हुए 76 रन की पारी खेली थी। अब जुरेल ने 115 रन की नाबाद पारी खेलकर इस आंकड़े को काफी पीछे छोड़ दिया है। इस सूची में रिद्धिमान साहा 67 रन के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
धोनी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़कर बनाया नया इतिहास
ध्रुव जुरेल की पारी का सबसे बड़ा आकर्षण उनका रिकॉर्ड तोड़ना रहा। भारतीय क्रिकेट में एमएस धोनी का नाम विकेटकीपिंग और निचले क्रम की बल्लेबाजी के कई बड़े रिकॉर्ड से जुड़ा रहा है। ऐसे में जुरेल का श्रीलंका की धरती पर नंबर-7 पर बल्लेबाजी करते हुए धोनी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ना उनके करियर की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
जुरेल ने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की, उससे यह भी साफ हुआ कि वह केवल विकेट के पीछे ही टीम के लिए उपयोगी खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर बल्ले से भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। उनकी 115 रन की नाबाद पारी भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई।
श्रीलंका में नंबर-7 या उससे नीचे शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय
ध्रुव जुरेल ने श्रीलंका में नंबर-7 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए टेस्ट शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में भी अपना नाम दर्ज करा लिया है। जुरेल इस उपलब्धि को हासिल करने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बने हैं।
उनसे पहले हार्दिक पंड्या ने साल 2017 में पल्लेकेले टेस्ट में नंबर-8 पर बल्लेबाजी करते हुए शानदार 108 रन की पारी खेली थी। अब जुरेल ने 115 रन की नाबाद पारी खेलकर इस सूची में अपनी जगह बना ली है। खास बात यह है कि जुरेल विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर इस उपलब्धि तक पहुंचे हैं, जिससे उनकी पारी का महत्व और भी बढ़ जाता है।
जुरेल के शतक से पहले भी चमके भारतीय बल्लेबाज
कोलंबो टेस्ट में भारतीय टीम की बल्लेबाजी की बात करें तो ध्रुव जुरेल अकेले ऐसे बल्लेबाज नहीं रहे जिन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। भारत की ओर से देवदत्त पडिक्कल ने भी शानदार 117 रन की पारी खेली। पडिक्कल की बल्लेबाजी ने भारतीय पारी को मजबूत आधार दिया और इसके बाद जुरेल ने निचले क्रम में आकर पारी को शानदार तरीके से संभाला।
इसके अलावा शुभमन गिल ने 50 रन का महत्वपूर्ण योगदान दिया, जबकि ऋषभ पंत ने 63 रन की पारी खेली। इन सभी पारियों की बदौलत भारतीय टीम पहली पारी में बड़े स्कोर तक पहुंचने में सफल रही।
भारत ने अपनी पहली पारी 9 विकेट पर 503 रन के स्कोर पर घोषित की। इस दौरान ध्रुव जुरेल 115 रन बनाकर नाबाद रहे। उनकी नाबाद पारी ने भारतीय टीम को निचले क्रम से वह मजबूती दी, जिसकी टेस्ट क्रिकेट में अक्सर जरूरत होती है।
ऋषभ पंत ने भी धोनी को छोड़ा पीछे
कोलंबो टेस्ट में ध्रुव जुरेल के रिकॉर्ड के साथ ही ऋषभ पंत का नाम भी रिकॉर्ड बुक में चर्चा में रहा। पंत विदेशी धरती या तटस्थ मैदानों पर भारत की ओर से विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस मामले में एमएस धोनी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा।
धोनी ने भारत के बाहर खेलते हुए कुल 2,496 रन बनाए थे। वहीं इस सूची में फारुख इंजीनियर 1,209 रन के साथ तीसरे स्थान पर बताए गए हैं। इस तरह भारतीय क्रिकेट के दो युवा विकेटकीपर बल्लेबाजों ने एक ही मुकाबले के दौरान धोनी से जुड़े बड़े रिकॉर्ड को पीछे छोड़कर अपनी अलग पहचान बनाई।
भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी उम्मीद बने जुरेल
ध्रुव जुरेल के लिए यह शतक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि टेस्ट क्रिकेट में यह उनका दूसरा शतक है। जिस तरह उन्होंने निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए टीम को संभाला और फिर तेजी से रन बनाते हुए अपना शतक पूरा किया, उससे उनकी बल्लेबाजी क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
जुरेल की इस पारी में आक्रामक शॉट्स के साथ-साथ शानदार संयम भी देखने को मिला। उन्होंने परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी की और अंत तक क्रीज पर टिके रहे। यही वजह रही कि भारतीय टीम 500 रन के आंकड़े को पार करने में सफल रही।
कोलंबो में भारतीय टीम के लिए यह पारी कई मायनों में यादगार बन गई है। एक तरफ टीम ने पहली पारी में विशाल स्कोर खड़ा किया, वहीं दूसरी ओर ध्रुव जुरेल ने 115 रन की नाबाद पारी खेलकर एमएस धोनी का रिकॉर्ड तोड़ा और श्रीलंका में नंबर-7 पर शतक लगाने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया। जुरेल की यह पारी आने वाले समय में उनके टेस्ट करियर के सबसे यादगार प्रदर्शनों में जरूर गिनी जाएगी।
