पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी और सबसे बड़े शहरों में शामिल कराची इन दिनों गंभीर बिजली और पानी संकट से जूझ रहा है। लंबे समय तक और कथित तौर पर बिना पूर्व सूचना के हो रही बिजली कटौती से परेशान लोगों का गुस्सा अब सड़कों पर खुलकर दिखाई देने लगा है। बिजली और पानी की कमी के खिलाफ शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन कई इलाकों में उग्र हो गया, जहां प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कीं, टायर जलाए और यातायात व्यवस्था को ठप कर दिया। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब गुस्साई भीड़ ने मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रविवार को कराची के न्यू नाजिमाबाद के पास मंगहोपीर इलाके में लंबे समय से जारी बिजली कटौती और पानी की सप्लाई बाधित होने के खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन शुरू किया। स्थानीय निवासियों का आरोप था कि लगातार बिजली जाने और पानी की उपलब्धता न होने से उनका सामान्य जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। भीषण गर्मी और रोजमर्रा की जरूरतों के बीच बिजली-पानी की समस्या ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरकर कई रास्तों को बंद कर दिया। जगह-जगह टायर जलाए गए और बिजली तथा पानी की बेहतर व्यवस्था की मांग को लेकर नारेबाजी की गई। सड़कें जाम होने के कारण कई इलाकों में यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और हजारों लोगों को घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थिति को नियंत्रित करने और किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस बल को प्रदर्शन स्थल के आसपास तैनात किया गया था। हालांकि, विरोध प्रदर्शन के दौरान माहौल अचानक हिंसक हो गया। आरोप है कि गुस्साई भीड़ ने तीन पुलिसकर्मियों को घेर लिया और उनके साथ मारपीट की। इस घटना में तीनों पुलिसकर्मी घायल हो गए। रिपोर्टों के अनुसार, घायल पुलिसकर्मियों में हेड कांस्टेबल साद गुल, कांस्टेबल शहबाज और अरसलान शामिल बताए गए हैं।
कराची में बिजली संकट को लेकर लोगों का आक्रोश कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी शहर के पाक कॉलोनी, लियाकताबाद, गरीबाबाद, नश्तर रोड, भीमपुरा और रैंचोर लाइन सहित कई इलाकों में लोगों ने बिजली कटौती के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख चौराहों और सड़कों को जाम कर दिया था, जिसके कारण शहर की ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई और कई लोग रास्तों में फंस गए।
लियाकताबाद सहित कई प्रमुख इलाकों में प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बार-बार और लंबे समय तक होने वाली बिजली कटौती ने उनकी दिनचर्या को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। बिजली न होने से घरों में पानी की समस्या भी गंभीर हो रही है, क्योंकि कई क्षेत्रों में पानी की सप्लाई और पंपिंग व्यवस्था बिजली पर निर्भर है। लोगों का कहना है कि बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है।
पाकिस्तान पहले से ही गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। महंगाई, ऊर्जा संकट और बुनियादी सुविधाओं की कमी से आम लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में कराची जैसे बड़े और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण शहर में बिजली और पानी की समस्या ने प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन लोगों का गुस्सा अभी शांत होता नहीं दिख रहा। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि बिजली कटौती की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए और पानी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। कराची में लगातार बढ़ता जनआक्रोश इस बात का संकेत है कि यदि बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन और भी व्यापक रूप ले सकता है।
