विराट कोहली के नाम है भारत-श्रीलंका की एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड; सनथ जयसूर्या 571 रन के साथ दूसरे और वीरेंद्र सहवाग 491 रन के साथ तीसरे स्थान पर, अब नई सीरीज में इस रिकॉर्ड पर रहेंगी सबकी नजरें
नई दिल्ली: भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज सिर्फ दो मुकाबलों की क्रिकेट जंग नहीं है, बल्कि इस सीरीज के साथ पुराने रिकॉर्ड भी चर्चा में आ गए हैं। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज विराट कोहली के नाम भारत और श्रीलंका के बीच किसी एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज है। कोहली ने 2017 में श्रीलंका के खिलाफ खेली गई तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में ऐसा प्रदर्शन किया था, जिसे आज भी इस मुकाबले की क्रिकेट हिस्ट्री के सबसे शानदार बल्लेबाजी अभियानों में गिना जाता है।
कोहली ने उस सीरीज की पांच पारियों में 610 रन बनाए थे। उनका बल्लेबाजी औसत 152.50 रहा और उन्होंने तीन शतक तथा एक अर्धशतक लगाया। इस दौरान उनका सर्वोच्च स्कोर 243 रन रहा। ICC के रिकॉर्ड के मुताबिक, कोहली ने उस सीरीज में 610 रन बनाकर यह खास उपलब्धि हासिल की थी।
अब जब भारत और श्रीलंका के बीच नई टेस्ट सीरीज का इंतजार है, तो सवाल उठ रहा है—क्या विराट कोहली का यह महारिकॉर्ड टूट पाएगा या फिर यह रिकॉर्ड आने वाले लंबे समय तक उनके नाम ही कायम रहेगा?
610 रन का रिकॉर्ड क्यों है इतना खास?
किसी एक टेस्ट सीरीज में 600 से ज्यादा रन बनाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। लेकिन विराट कोहली का रिकॉर्ड इसलिए और खास हो जाता है क्योंकि उन्होंने यह कारनामा महज पांच पारियों में किया था।
2017 में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में कोहली का बल्ला लगातार रन बरसा रहा था। उन्होंने सीरीज में लगातार बड़ी पारियां खेलीं और तीसरे टेस्ट में 243 रन की शानदार पारी खेलकर अपने रिकॉर्ड को और मजबूत किया। इसके बाद दूसरी पारी में उन्होंने 50 रन भी बनाए। ICC ने भी उस समय उनके 610 रन और 152.50 के औसत को उनकी शानदार सीरीज का प्रमुख आंकड़ा बताया था।
Cricbuzz के सीरीज आंकड़ों के अनुसार भी कोहली 2017 की भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज में 610 रन के साथ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उनके बाद श्रीलंका के दिनेश चांदीमल 366 रन के साथ दूसरे स्थान पर थे।
यानी कोहली ने केवल व्यक्तिगत रिकॉर्ड ही नहीं बनाया, बल्कि विरोधी टीम के बाकी बल्लेबाजों से भी काफी आगे निकल गए थे।
जयसूर्या ने 1997 में मचाया था तहलका, 571 रन ठोके
विराट कोहली के रिकॉर्ड के पीछे जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा होती है, वह है श्रीलंका के महान बल्लेबाज सनथ जयसूर्या का।
1997 में भारत श्रीलंका के दौरे पर था और दोनों टीमों के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली गई थी। इस सीरीज में जयसूर्या ने केवल तीन पारियों में 571 रन बना दिए थे। उनका औसत 190.33 रहा था।
जयसूर्या का यह प्रदर्शन इसलिए भी ऐतिहासिक था क्योंकि उन्होंने सीरीज के दौरान 340 रन की अविश्वसनीय पारी खेली थी। यह उस समय श्रीलंका के किसी बल्लेबाज का टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर था।
1997 की वह सीरीज क्रिकेट इतिहास के सबसे असाधारण मुकाबलों में शामिल है। पहले टेस्ट में श्रीलंका ने 952/6 घोषित का विशाल स्कोर खड़ा किया था, जो टेस्ट क्रिकेट में आज भी सबसे बड़ा टीम स्कोर है। जयसूर्या की 340 रन की पारी उसी ऐतिहासिक मुकाबले का हिस्सा थी।
इतना ही नहीं, जयसूर्या और रोशन महानामा ने मिलकर 576 रन की साझेदारी भी की थी। उस दौर में यह टेस्ट क्रिकेट की सबसे बड़ी साझेदारियों में से एक थी।
यही वजह है कि भारत-श्रीलंका टेस्ट क्रिकेट के रिकॉर्ड की बात होती है तो जयसूर्या का नाम हमेशा सबसे ऊपर नजर आता है।
सहवाग भी नहीं रहे पीछे, 491 रन के साथ तीसरे नंबर पर
इस खास रिकॉर्ड सूची में तीसरे स्थान पर भारत के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का नाम आता है।
2009 में श्रीलंका की टीम भारत दौरे पर आई थी और दोनों टीमों के बीच तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेली गई। इस सीरीज में सहवाग ने चार पारियों में 491 रन बनाए और उनका औसत 122.75 रहा।
सहवाग का सबसे यादगार प्रदर्शन सीरीज के तीसरे टेस्ट में देखने को मिला, जब उन्होंने 293 रन की तूफानी पारी खेली। वह तिहरा शतक पूरा करने से सिर्फ सात रन दूर रह गए थे।
उनकी इस पारी में आक्रामक बल्लेबाजी का ऐसा नजारा देखने को मिला था, जिसके लिए सहवाग अपने पूरे करियर में जाने जाते रहे। वह उस समय तीन तिहरे शतक लगाने वाले दुनिया के चुनिंदा बल्लेबाजों में शामिल होने के बेहद करीब पहुंच गए थे, लेकिन 293 रन पर उनका विकेट गिर गया।
सहवाग का 491 रन का आंकड़ा भी इस सूची को बेहद खास बनाता है। यानी भारत-श्रीलंका टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में बड़ी सीरीज का रिकॉर्ड केवल तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाजों के नाम नहीं है, बल्कि जयसूर्या, कोहली और सहवाग जैसे आक्रामक और मैच बदलने वाले बल्लेबाजों ने इसे अपने नाम किया है।
भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज
| स्थान | बल्लेबाज | सीरीज | मैच | रन |
|---|---|---|---|---|
| 1 | विराट कोहली | 2017 | 3 | 610 |
| 2 | सनथ जयसूर्या | 1997 | 2 | 571 |
| 3 | वीरेंद्र सहवाग | 2009 | 3 | 491 |
इन आंकड़ों में सबसे दिलचस्प बात यह है कि कोहली और जयसूर्या के बीच सिर्फ 39 रन का अंतर है। यानी जयसूर्या का 571 रन का रिकॉर्ड लंबे समय तक इस सूची में शीर्ष पर रहा, लेकिन विराट कोहली ने 2017 में उसे पीछे छोड़ते हुए 610 रन का नया रिकॉर्ड कायम कर दिया।
अब नई सीरीज में किस पर होगी नजर?
भारत और श्रीलंका के बीच आगामी टेस्ट सीरीज को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों में खास उत्साह है। मौजूदा सीरीज में भारतीय टीम के सामने श्रीलंका की परिस्थितियों में बल्लेबाजी करना बड़ी चुनौती होगी। खासकर स्पिन गेंदबाजी और लंबे समय तक क्रीज पर टिककर बल्लेबाजी करना भारतीय बल्लेबाजों के लिए अहम होगा।
ऐसे में अगर कोई बल्लेबाज इस सीरीज में लगातार बड़ी पारियां खेलने में कामयाब होता है, तो उसकी नजर स्वाभाविक रूप से इस रिकॉर्ड पर जा सकती है।
लेकिन यहां चुनौती भी बहुत बड़ी है।
610 रन तक पहुंचने के लिए दो टेस्ट मैचों की सीरीज में बल्लेबाज को लगभग हर पारी में बड़ी पारी खेलनी होगी। अगर कोई बल्लेबाज चार पारियों में खेलता है, तो उसे औसतन 150 से ज्यादा रन प्रति पारी की जरूरत होगी। यही वजह है कि कोहली का 610 रन का रिकॉर्ड केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि निरंतरता और असाधारण फॉर्म का उदाहरण है।
क्या 610 रन का आंकड़ा पार करना संभव है?
क्रिकेट में रिकॉर्ड कभी स्थायी नहीं होते, लेकिन कुछ रिकॉर्ड ऐसे होते हैं जिन्हें तोड़ना बेहद मुश्किल होता है। विराट कोहली का यह रिकॉर्ड भी उसी श्रेणी में आता है।
अगर नई सीरीज में कोई बल्लेबाज दो टेस्ट मैचों में तीन या चार पारियों में बल्लेबाजी करता है और शुरुआत से ही शानदार फॉर्म में रहता है, तो रिकॉर्ड के करीब पहुंचना संभव है। लेकिन इसके लिए शतक, दोहरे शतक और बड़ी पारियों का सिलसिला चाहिए होगा।
दूसरी ओर, टेस्ट क्रिकेट में एक खराब पारी, जल्दी विकेट गिरना, मौसम या मैच की परिस्थितियां बल्लेबाज के रन बनाने के अवसर को काफी कम कर सकती हैं। यही वजह है कि 610 रन का आंकड़ा पार करने के लिए केवल शानदार बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि लगातार मौके और किस्मत का साथ भी जरूरी होगा।
कोहली के रिकॉर्ड के पीछे छिपी है बड़ी कहानी
विराट कोहली का 610 रन का रिकॉर्ड केवल इसलिए यादगार नहीं है कि उन्होंने सबसे ज्यादा रन बनाए। उनकी सीरीज की बल्लेबाजी में निरंतरता और बड़ी पारियों की खास झलक दिखाई दी थी।
तीन शतक, एक अर्धशतक, 152.50 का औसत और 243 का सर्वोच्च स्कोर—ये आंकड़े बताते हैं कि उन्होंने सीरीज में कितनी निरंतरता से बल्लेबाजी की थी। ICC के अनुसार उस प्रदर्शन के बाद कोहली टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग में भी दूसरे स्थान तक पहुंचे थे।
यही कारण है कि जब भी भारत-श्रीलंका टेस्ट क्रिकेट के रिकॉर्ड की चर्चा होती है, 2017 की वह सीरीज और विराट कोहली का 610 रन का आंकड़ा सबसे पहले सामने आता है।
रिकॉर्ड टूटेगा या फिर कोहली का नाम रहेगा सबसे ऊपर?
भारत-श्रीलंका टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में विराट कोहली के 610 रन फिलहाल सबसे ऊंचे शिखर पर हैं। उनके ठीक पीछे 571 रन के साथ सनथ जयसूर्या और 491 रन के साथ वीरेंद्र सहवाग हैं।
अब नई टेस्ट सीरीज में बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर सभी की नजरें रहेंगी। अगर कोई बल्लेबाज लगातार बड़ी पारियां खेलता है, तो कोहली के रिकॉर्ड को चुनौती मिल सकती है। लेकिन 610 रन की ऊंचाई तक पहुंचना आसान नहीं होगा।
एक बात तय है—भारत और श्रीलंका की टेस्ट भिड़ंत के साथ इस महारिकॉर्ड की कहानी एक बार फिर चर्चा में आ गई है। अब देखना दिलचस्प होगा कि 610 रन का विराट कोहली वाला शिखर कायम रहता है या कोई नया बल्लेबाज टेस्ट क्रिकेट के इस रिकॉर्ड को नई ऊंचाई तक पहुंचा देता है।
