उत्तराखंड के धर्मनगरी क्षेत्र से सटे लक्सर में एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में डर और सनसनी का माहौल पैदा कर दिया है। पथरी थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित प्रसिद्ध ‘पथरेश्वर महादेव मंदिर’ में रहने वाले दो साधुओं की नृशंस हत्या कर दी गई। शातिर अपराधियों ने जुर्म को छिपाने के लिए दोनों साधुओं के शवों को मंदिर के पास स्थित घने जंगल में गड्ढा खोदकर दफना दिया था।
घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने जमीन की खुदाई करवाकर दोनों शवों को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। प्राथमिक जांच में इस जघन्य वारदात का संदेह मंदिर के ही मुख्य पुजारी पर जताया जा रहा है, जो घटना के बाद से ही रहस्यमय परिस्थितियों में गायब है।
सेवादार के शक ने खोला खौफनाक राज: जंगल में हुई खुदाई तो उड़े होश
कहावत है कि ‘पाप का घड़ा कितना भी गहरा हो, एक न एक दिन भर ही जाता है’ और ‘जुर्म कभी छिपता नहीं’। इस वारदात का खुलासा भी कुछ इसी तरह हुआ। जानकारी के अनुसार, मंदिर में आने-जाने वाले एक सेवादार को पिछले कुछ समय से दोनों साधुओं के अचानक गायब होने पर गहरा संदेह हुआ। सेवादार को किसी अनहोनी की आशंका सताने लगी, जिसके बाद उसने तुरंत स्थानीय पथरी थाना पुलिस को मामले की जानकारी दी।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए पथरी थाना प्रभारी रविंद्र सिंह पुलिस बल और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम के साथ तत्काल पथरेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। पुलिस ने जब मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में बारीकी से छानबीन शुरू की, तो मंदिर से सटे जंगल की ओर कुछ संदिग्ध मिट्टी खुदी हुई दिखाई दी। जब फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में वहां खुदाई कराई गई, तो नीचे से दोनों साधुओं के शव बरामद हुए। दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए।
साक्ष्य मिटाने के लिए रची गई साजिश: पुलिस ने शुरू की गहन जांच
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश के मुताबिक, यह साफ तौर पर हत्या का मामला है। हत्यारों ने बेहद योजनाबद्ध तरीके से इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया और फिर कानूनी कार्रवाई व साक्ष्य (Evidence) से बचने की नीयत से शवों को जंगल के सन्नाटे में गहरा गड्ढा खोदकर दफना दिया।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण (SP Dehat) शेखर चंद सुयाल भी खुद भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया, फॉरेंसिक टीम द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों का जायजा लिया और मामले की त्वरित जांच के लिए दिशा-निर्देश जारी किए।
“साधुओं की हत्या कर शव गड्ढा खोदकर दबाए जाने का अत्यंत गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस हर एक पहलू की गहनता से पड़ताल कर रही है। फॉरेंसिक साक्ष्य एकत्र कर लिए गए हैं और बहुत जल्द इस पूरे मामले का पर्दाफाश कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”
— शेखर चंद सुयाल, एसपी देहात (हरिद्वार)
संदेह के घेरे में मुख्य पुजारी: घटना के बाद से मोबाइल बंद, पुलिस दबिश जारी
इस दोहरे हत्याकांड में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब पुलिस ने मंदिर में रहने वाले अन्य लोगों की पड़ताल शुरू की। जांच में सामने आया कि मंदिर का मुख्य पुजारी वारदात के समय से ही गायब है और उसका फोन भी स्विच ऑफ आ रहा है।
प्रारंभिक जांच और परिस्थितियों के आधार पर पुलिस का मुख्य शक इसी पुजारी पर गहरा गया है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि क्या मंदिर के वर्चस्व, संपत्ति या किसी व्यक्तिगत रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया है। मुख्य पुजारी की धरपकड़ के लिए पुलिस प्रशासन ने विशेष टीमों का गठन किया है, जो उसके संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों और परिचितों के घर ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं।
इलाके में तनाव और दहशत का माहौल: श्रद्धालुओं में भारी रोष
पथरेश्वर महादेव मंदिर में साधुओं की हत्या और उनके शवों के जंगल में दबे मिलने की खबर जैसे ही लक्सर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में फैली, लोगों का गुस्सा और डर दोनों बढ़ गए। स्थानीय निवासियों और मंदिर में आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं में इस घिनौने अपराध को लेकर भारी रोष है।
धर्मस्थल के भीतर इस तरह की नृशंस घटना होना सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल पुलिस ने मंदिर परिसर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है और स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि फरार मुख्य पुजारी की गिरफ्तारी के साथ ही इस सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड की पूरी गुत्थी सुलझा ली जाएगी।
