अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण के बाद जहां पूरा देश आध्यात्मिक उल्लास में डूबा हुआ था, वहीं पिछले कुछ दिनों से सामने आए एक विवाद ने अयोध्या से लेकर दिल्ली तक की सियासत को गरमा दिया है। राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान (चढ़ावे) की चोरी का मामला सामने आने के बाद देश के करोड़ों सनातनियों की आस्था को गहरा धक्का लगा है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच आज का दिन बेहद निर्णायक होने वाला है। इस महाविवाद के पटाक्षेप और मंदिर प्रबंधन के भविष्य को तय करने के लिए आज यानी सोमवार को Ram Mandir Trust Meeting (श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक) होने जा रही है।
यह महत्वपूर्ण बैठक सोमवार दोपहर 3 बजे से राम मंदिर परिसर में ही आयोजित की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में न केवल सुरक्षा और पारदर्शिता के नए आयाम तय किए जाएंगे, बल्कि स्वेच्छा से इस्तीफे की पेशकश कर चुके ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और वरिष्ठ सदस्य अनिल मिश्रा के भविष्य पर भी अंतिम मुहर लगेगी।
महंत नृत्य गोपाल दास करेंगे अध्यक्षता, सभी 14 सदस्यों को बुलावा
चढ़ावा चोरी विवाद सामने आने के बाद यह पहली बार है जब ट्रस्ट के सभी शीर्ष पदाधिकारी एक छत के नीचे जमा हो रहे हैं। इस आपातकालीन और बेहद महत्वपूर्ण बैठक को लेकर ट्रस्ट के विशेष रूप से आमंत्रित सदस्य गोपाल राव ने अयोध्या में मीडिया से औपचारिक बातचीत की।
गोपाल राव ने बताया कि सोमवार दोपहर 3 बजे होने वाली इस Ram Mandir Trust Meeting के लिए सभी 14 कानूनी और नामित सदस्यों को बाकायदा सूचना और निमंत्रण भेज दिया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी सदस्यों से इस बैठक में अनिवार्य रूप से भाग लेने की अपील की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मंदिर की साख और व्यवस्था से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर सभी सदस्य अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इस पूरी बैठक की अध्यक्षता श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूज्य अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास महाराज स्वयं करेंगे।
इन 5 बड़े एजेंडों पर टिकी हैं पूरे देश की नजरें
आज होने वाली इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य रूप से पांच ऐसे एजेंडे शामिल हैं, जो आने वाले समय में राम मंदिर के पूरे प्रशासनिक और आध्यात्मिक ढांचे की दिशा तय करेंगे:
1. चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर अंतिम निर्णय
इस समय देश की जनता और राजनीतिक हलकों में सबसे बड़ा कौतूहल चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के भविष्य को लेकर है। चढ़ावा चोरी का विवाद जैसे ही राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में आया, नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए दोनों शीर्ष पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफे की पेशकश कर दी थी। ट्रस्ट के भीतर और बाहर इस पर दो फाड़ नजर आ रहे हैं। जहां एक धड़ा इस विकट परिस्थिति में उनके इस्तीफे को स्वीकार करने के पक्ष में है, वहीं दूसरा बड़ा धड़ा इसे विपक्षी दलों और बाहरी ताकतों के अनावश्यक दबाव का नतीजा बता रहा है। आज की बैठक में सभी सदस्य सर्वसम्मति या बहुमत से तय करेंगे कि इन दोनों दिग्गजों के इस्तीफे का क्या करना है।
2. SIT की अंतरिम रिपोर्ट होगी पेश
चढ़ावे की चोरी का सुराग लगाने और इसके पीछे सक्रिय नेक्सस को बेनकाब करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। इस मामले में अब तक 8 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। एसआईटी की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य और डिजिटल सबूत हाथ लगे हैं। आज की Ram Mandir Trust Meeting में एसआईटी अपनी अंतरिम रिपोर्ट ट्रस्ट के सदस्यों के सामने रखेगी, जिसके बाद ट्रस्ट इस कानूनी लड़ाई और आंतरिक जांच पर अपना अगला कड़ा रुख स्पष्ट करेगा।
प्रबंधन के ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी
3. अभेद्य होगी सुरक्षा, लागू होगी नई डिजिटल व्यवस्था
राम मंदिर करोड़ों सनातनी हिंदुओं की अगाध श्रद्धा का केंद्र है। चोरी की घटना ने कहीं न कहीं मंदिर की आंतरिक सुरक्षा और मैन्युअल काउंटिंग (चढ़ावा गिनने की प्रक्रिया) की खामियों को उजागर किया है। बैठक में इस बात पर गहन चर्चा होगी कि चढ़ावे को सीधे बैंक के डिजिटल लॉकर या अत्याधुनिक मशीनों के जरिए कैसे प्रबंधित किया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी परिंदा भी इस पवित्र राशि पर अपनी कुदृष्टि न डाल सके।
4. भविष्य के प्रबंधन ढांचे में व्यापक फेरबदल
दिन-प्रतिदिन अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में हो चुकी है। ऐसे में वर्तमान व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है। हाल ही में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी सार्वजनिक रूप से राम मंदिर के प्रबंधन ढांचे में आमूलचूल बदलाव और इसे अधिक कॉर्पोरेट व पारदर्शी बनाने की वकालत की थी। आज की बैठक में इस नए प्रशासनिक मॉडल का खाका खींचा जा सकता है।
5. नए CEO की नियुक्ति और वित्तीय ऑडिट रिपोर्ट को मंजूरी
बैठक का एक अन्य महत्वपूर्ण एजेंडा राम मंदिर के सुचारू संचालन के लिए एक पेशेवर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति करना है। यह सीईओ सीधे ट्रस्ट को रिपोर्ट करेगा और दैनिक प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जिम्मा संभालेगा। इसके अतिरिक्त, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बिना ऑडिट वाली आय-व्यय रिपोर्ट, बैलेंस शीट और अन्य आवश्यक वित्तीय दस्तावेजों को भी मंजूरी के लिए पटल पर रखा जाएगा।
साख बचाने और आस्था को अक्षुण्ण रखने की चुनौती
इस अभूतपूर्व Ram Mandir Trust Meeting से यह साफ संदेश देने की कोशिश की जाएगी कि ट्रस्ट सनातन धर्म की आस्था के साथ किसी भी प्रकार का समझौता करने के मूड में नहीं है। राम भक्तों की ओर से समर्पित एक-एक पाई का हिसाब पारदर्शी रखना ट्रस्ट की वैधानिक और नैतिक जिम्मेदारी है। अब देखना यह होगा कि आज शाम 3 बजे शुरू होने वाले इस महामंथन से अयोध्या के इस पावन मंदिर की सुरक्षा, सुशासन और शुचिता को लेकर क्या ‘अमृत’ निकलता है।
