देहरादून/सेलाकुई: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई से अंधविश्वास और ठगी का एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने समाज में फैले ढोंग और अंधविश्वास की जड़ों को एक बार फिर उजागर कर दिया है. थाना सेलाकुई पुलिस ने एक ऐसे शातिर ‘तांत्रिक बाबा’ को गिरफ्तार किया है, जो अमीर लोगों को उनके परिवार पर आने वाले कथित ‘अनिष्ट’ का खौफ दिखाता था और फिर संकट निवारण के नाम पर उनके जीवनभर की जमा-पूंजी साफ कर देता था. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में सोना और नकदी बरामद करने में सफलता हासिल की है.
एसएसपी देहरादून की सख्ती: शिकायत के बाद त्वरित एक्शन
मामले का खुलासा करते हुए देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि इस हाई-प्रोफाइल ठगी की शिकायत 31 मई 2026 को ओशीन गुंरग (निवासी शहीद किशन थापा मार्ग, सेलाकुई) द्वारा दर्ज कराई गई थी. पीड़िता ने पुलिस को बताया कि करीब ढाई महीने पहले उनके दूर के रिश्तेदार और कथित महंत राहुल थापा ने उनके परिवार पर किसी बड़े संकट या अनिष्ट होने का डर दिखाया था. इस संकट को टालने के लिए घर पर एक गुप्त महा-अनुष्ठान करने का झांसा दिया गया और इसी पूजा-पाठ की आड़ में धोखाधड़ी कर उनके घर से करीब 65 तोला सोना गायब कर दिया गया.
शिकायत की गंभीरता और ठगी की विशाल रकम को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर 10 जून को आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया. आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के लिए सेलाकुई पुलिस की दो अलग-अलग विशेष टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से 11 जून को आरोपी राहुल थापा (निवासी तेलपुरा अटक फार्म, सेलाकुई, देहरादून) को हिरासत में ले लिया. कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया.
ज्यादा पैसे कमाने की भूख: ऐसे बना ‘भविष्यवक्ता’ से शातिर ठग
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी राहुल थापा ने पूछताछ के दौरान जो खुलासे किए, वे किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसे हैं. आरोपी ने बताया कि वह साल 2013 से सेलाकुई और आसपास के क्षेत्रों में पंडिताई, माता की चौकी लगाने और लोगों का भविष्य देखने का काम करता था. शुरुआत में उसकी कुछ बातें सच साबित होने पर समाज में उसका भरोसा बढ़ा और लोग उसे मोटी दक्षिणा देने लगे.
लेकिन पिछले कुछ समय से रातों-रात अमीर बनने और ज्यादा पैसे कमाने के लालच ने उसे एक शातिर अपराधी बना दिया. उसने अपने ही अमीर शिष्यों को ठगने की एक फुलप्रूफ योजना तैयार की. वह रात के अंधेरे में अपने अमीर शिकार के घरों के बाहर तंत्र-मंत्र की डरावनी सामग्री से भरी पोटली फेंक आता था और अगले दिन खुद ही संकटमोचक बनकर उन्हें अपने जाल में फंसा लेता था.
योजनाबद्ध तरीके से रिश्तेदार को ही बनाया शिकार
आरोपी राहुल थापा जानता था कि ओशीन गुंरग उसके ही दूर के रिश्तेदार परिवार से है और वह अपने माता-पिता की इकलौती बेटी है, जिसके पास पैतृक और निजी आभूषणों का बड़ा भंडार है. लालच में अंधे हो चुके राहुल ने 1 मार्च 2026 की रात करीब 11 बजे अपनी स्कूटी से ओशीन के घर का रुख किया. उसने काले कपड़े में बंधी एक पोटली, जिसमें उड़द की दाल, रोली, लौंग, नींबू का टुकड़ा और तंत्र-मंत्र का अन्य सामान था, ओशीन के घर के मुख्य गेट के अंदर फेंक दी.
अगली सुबह, आरोपी ने ओशीन को फोन कर एक मनगढ़ंत कहानी सुनाई. उसने कहा, “मुझे रात में माता ने आभास कराया है कि तुम्हारे घर पर किसी दुश्मन ने बहुत बड़ा और खतरनाक टोना-टोटका किया है. तुरंत बाहर गेट के पास जाकर देखो.” डरी हुई ओशीन जब गेट पर गई, तो वहां वाकई काली पोटली पड़ी थी. घबराहट में उसने तांत्रिक राहुल को वीडियो कॉल कर वह पोटली दिखाई. जाल बिछ चुका था; राहुल ने उसे पोटली खोलने से मना किया और कहा कि वह खुद आकर इस संकट को दूर करेगा.
हाथ की सफाई: संदूक से ऐसे गायब किया 65 तोला सोना
ओशीन के घर पहुंचकर आरोपी राहुल थापा ने घर के सभी सदस्यों को डरा दिया कि यदि तुरंत अनुष्ठान नहीं किया गया, तो परिवार में किसी की जान जा सकती है. उसने पूजा की सामग्री के साथ-साथ एक बड़ा संदूक (बॉक्स) मंगवाया. अनुष्ठान के दौरान उसने ओशीन और उसकी मां के सारे आभूषण (लगभग 65 तोला सोना) एक कपड़े में बंधवाकर संदूक के अंदर रखवा दिए. आभूषणों के ऊपर तीन नारियल, चावल और फूल रखे गए.
इसके बाद, असली खेल शुरू हुआ. राहुल ने मां-बेटी को सम्मोहित और भयभीत कर कुछ अभिमंत्रित चावल के दाने दिए और उन्हें शुद्धि के लिए मकान की छत की परिक्रमा करने भेज दिया. जैसे ही दोनों महिलाएं छत पर गईं, राहुल ने पलक झपकते ही संदूक खोलकर सोने की पोटली अपने बैग में रख ली और संदूक को दोबारा लॉक कर दिया. जब महिलाएं नीचे आईं, तो राहुल ने धार्मिक पाखंड रचते हुए कहा कि इस संदूक को सीधे घर के मंदिर में रख दें और इसे पूरे 62 दिनों के बाद ही खोला जाए, अन्यथा पूजा खंडित हो जाएगी. महिलाएं उसके झांसे में आ गईं और राहुल सोने की पोटली लेकर रफूचक्कर हो गया.
150 ग्राम का गोल्ड बिस्कुट और ₹5 लाख कैश बरामद; आगे की जांच जारी
जब निर्धारित समय बीतने के बाद संदूक खोला गया, तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई; संदूक खाली था. पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगे गए आभूषणों को गलाकर बनाया गया 150 ग्राम का एक ठोस सोने का बिस्कुट और कुछ अन्य आभूषणों को बेचने से प्राप्त हुए ₹5 लाख नगद बरामद कर लिए हैं.
एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल ने बताया, “चूंकि घटना करीब तीन महीने पुरानी है, इसलिए शत-प्रतिशत बरामदगी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है. अब तक जो बरामद हुआ है, उसके अलावा बाकी के बचे हुए आभूषणों का पता लगाने के लिए पुलिस आरोपी राहुल थापा की पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) की मांग अदालत से करेगी.” देहरादून एसएसपी ने यह भी साफ किया कि पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इस काले धंधे में राहुल के साथ कोई और सहयोगी शामिल था या नहीं, और क्या उसने पूर्व में भी इस तरह की अन्य वारदातों को अंजाम दिया है.
