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Uttarakhand Weather Update: उत्तराखंड के इन 7 जिलों में करवट बदलेगा मौसम, मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी

देहरादून/रुद्रपुर: उत्तराखंड में मौसम का मिजाज लगातार उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहा है। एक तरफ जहां पर्वतीय क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक असर के चलते बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है, वहीं दूसरी तरफ मैदानी इलाकों में सूर्यदेव के तल्ख तेवरों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र (IMD), देहरादून के अनुसार, राज्य के मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के सात महत्वपूर्ण जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि विभाग द्वारा फिलहाल किसी भी प्रकार का गंभीर अलर्ट (जैसे येलो या ऑरेंज अलर्ट) जारी नहीं किया गया है।

इन 7 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार

प्रादेशिक मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के बुलेटिन के मुताबिक, राज्य के ऊपरी हिमालयी और मध्य-पहाड़ी क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर मौसमी प्रणालियां सक्रिय हो रही हैं। इसके प्रभाव से आज देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जनपदों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में गरज वाले बादल विकसित हो सकते हैं और तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह प्री-मानसून सीजन की सामान्य प्रक्रिया है, जिससे पर्वतीय इलाकों में तापमान पर कुछ हद तक नियंत्रण रहेगा। इसके विपरीत, राज्य के शेष मैदानी और कम ऊंचाई वाले जनपदों में मौसम पूरी तरह से शुष्क रहने की संभावना है, जिससे वहां तापमान में और बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

राजधानी देहरादून में कैसा रहेगा मिजाज?

यदि बात राज्य की प्रशासनिक राजधानी देहरादून की करें, तो यहाँ का मौसम मिलाजुला रहने वाला है। सुबह से ही आसमान मुख्यतः साफ रहने से लेकर आंशिक रूप से बादल छाए रहने की उम्मीद है। दोपहर या शाम के समय शहर के कुछ चुनिंदा हिस्सों में गरज वाले बादलों (Thunder Clouds) का विकास हो सकता है, जिससे स्थानीय स्तर पर हल्की बूंदाबांदी की स्थिति बन सकती है। तापमान के मोर्चे पर देहरादून में गर्मी का असर साफ देखा जा रहा है। आज राजधानी का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है, जो सामान्य से थोड़ा अधिक है।

मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी का प्रकोप, स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद

पहाड़ों में जहां हल्की बारिश की उम्मीद है, वहीं ऊधमसिंह नगर (रुद्रपुर) और हरिद्वार जैसे मैदानी जिले भीषण गर्मी और लू की चपेट में आने लगे हैं। लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए उत्तराखंड का स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह से हाई-अलर्ट पर आ गया है। रुद्रपुर और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते पारे ने प्रशासनिक अमले की चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिसके बाद सरकारी स्तर पर त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं।

सीएमओ के सख्त निर्देश: 24 घंटे संचालित होंगे ‘हीट स्ट्रोक वार्ड’

भीषण गर्मी के इस प्रकोप को देखते हुए ऊधमसिंह नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. के. के. अग्रवाल ने एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक की। इस उच्च स्तरीय बैठक में जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) और जिला अस्पतालों के प्रभारियों ने भाग लिया।

सीएमओ डॉ. अग्रवाल ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए हैं कि जिले की सभी स्वास्थ्य इकाइयों में हीट स्ट्रोक (लू लगना) से निपटने के लिए पुख्ता और चाक-चौबंद इंतजाम किए जाएं। उन्होंने आदेश जारी किया कि:

  • सभी अस्पतालों में स्थापित विशेष ‘हीट स्ट्रोक वार्ड’ को चौबीसों घंटे (24×7) पूरी सक्रियता के साथ संचालित किया जाए।

  • इन वार्डों में भर्ती होने वाले मरीजों की सुविधा के लिए एयर कंडीशनर (AC), कूलर और पंखों की पर्याप्त और निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लू से प्रभावित मरीजों को तत्काल राहत मिल सके।

  • दवाओं और जीवन रक्षक संसाधनों की उपलब्धता में किसी भी स्तर पर कोई कमी न आए।

“गर्मी के इस सीजन में अस्पतालों की तैयारियों और मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी केंद्र पर आवश्यक दवाओं का स्टॉक कम है, तो उसे तुरंत रीफिल किया जाए।”

डॉ. के. के. अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

आम जनता के लिए स्वास्थ्य विभाग की एडवाइज़री: क्या करें और क्या न करें

बढ़ते तापमान और लू के खतरों को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आम जनता से भी बेहद सतर्क रहने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर हीट स्ट्रोक जैसी जानलेवा स्थिति से बचा जा सकता है।

बचाव के मुख्य उपाय:

  1. दोपहर में बाहर निकलने से बचें: आम जनता, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।

  2. पहनावे पर दें ध्यान: धूप में निकलते समय हमेशा हल्के रंग के, ढीले और सूती (कॉटन) कपड़े पहनें ताकि शरीर को हवा मिलती रहे। सिर को ढकने के लिए टोपी, डपट्ठे या छाते का प्रयोग अवश्य करें।

  3. हाइड्रेटेड रहें: शरीर में पानी की कमी (Dehydration) न होने दें। भले ही प्यास न लगी हो, फिर भी नियमित अंतराल पर पानी, ओआरएस (ORS) घोल, नींबू पानी, छाछ या लस्सी का सेवन करते रहें।

  4. लक्षणों को न करें नजरअंदाज: यदि किसी व्यक्ति को अचानक चक्कर आना, तेज बुखार, उल्टी होना, सिर में असहज दर्द या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो इसे सामान्य थकान न समझें। यह हीट स्ट्रोक के लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी हुई व्यापक समीक्षा

इस महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक का उद्देश्य केवल गर्मी से निपटना ही नहीं था, बल्कि जिले की समग्र स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना भी था। हीट स्ट्रोक की तैयारियों की समीक्षा के साथ-साथ सीएमओ ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे अन्य राष्ट्रीय और महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी प्रगति जानी।

बैठक के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई:

  • राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP): जिले में टीबी मुक्त अभियान की वर्तमान स्थिति और मरीजों को दी जा रही डॉट्स (DOTS) थेरेपी की उपलब्धता को जांचा गया।

  • मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम: संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और गर्भवती महिलाओं व नवजातों को दी जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की गई।

  • गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NCD): ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कैंसर जैसे गैर-संक्रामक रोगों की स्क्रीनिंग और उनके प्रबंधन के लिए जमीनी स्तर पर चल रहे कार्यों का मूल्यांकन किया गया।

बैठक के अंत में सीएमओ ने सभी संबंधित नोडल अधिकारियों और चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वे फील्ड स्तर पर जाकर इन कार्यक्रमों की निरंतर मॉनिटरिंग करें ताकि समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें।

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