By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: उत्तराखंड: देवभूमि से बंगाल तक गूंजेगा ‘शक्ति’ संदेश, डाट काली मंदिर से पीएम मोदी का चुनावी संकेत
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > उत्तराखंड: देवभूमि से बंगाल तक गूंजेगा ‘शक्ति’ संदेश, डाट काली मंदिर से पीएम मोदी का चुनावी संकेत
उत्तराखंडफीचर्डराजनीति

उत्तराखंड: देवभूमि से बंगाल तक गूंजेगा ‘शक्ति’ संदेश, डाट काली मंदिर से पीएम मोदी का चुनावी संकेत

The Hill India News
Last updated: April 13, 2026 8:01 am
The Hill India News
Published: April 13, 2026
Share
SHARE

देहरादून: 14 अप्रैल को नरेंद्र मोदी का देहरादून दौरा केवल एक सरकारी कार्यक्रम भर नहीं माना जा रहा, बल्कि यह दौरा विकास, आस्था और राजनीति के त्रिकोण का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आ रहा है। देवभूमि उत्तराखंड से निकलने वाला यह संदेश पश्चिम बंगाल के चुनावी मैदान तक प्रभाव डालने की क्षमता रखता है। खास बात यह है कि इस दौरे में प्रधानमंत्री न केवल दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे, बल्कि देहरादून स्थित डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना कर ‘शक्ति’ का संदेश भी देंगे।

प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल अपने चरम पर है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस यात्रा के जरिए भारतीय जनता पार्टी एक व्यापक सांस्कृतिक और धार्मिक संदेश देने की कोशिश कर रही है, जो बंगाल के मतदाताओं को प्रभावित कर सकता है। देवभूमि उत्तराखंड, जिसे धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व प्राप्त है, वहां से दिया गया संदेश बंगाल की ‘मां दुर्गा’ की परंपरा से सीधा जुड़ाव स्थापित करता नजर आता है।

इस दौरे का सबसे प्रमुख आकर्षण दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन है। यह एक्सप्रेसवे उत्तर भारत की कनेक्टिविटी को एक नई दिशा देगा और दिल्ली से देहरादून के बीच यात्रा को पहले की तुलना में काफी तेज और सुगम बना देगा। इससे पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। लेकिन विकास के इस आयाम के साथ-साथ धार्मिक पहलू भी इस दौरे को विशेष बनाता है।

डाट काली मंदिर, जो देहरादून और उत्तर प्रदेश की सीमा के पास स्थित है, लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। इस मंदिर में स्थापित मां काली को शक्ति का प्रतीक माना जाता है और यहां जलने वाली अखंड ज्योति विशेष आकर्षण का केंद्र है। मान्यता है कि यह ज्योति वर्षों से निरंतर जल रही है और इसे कभी बुझने नहीं दिया गया। इस मंदिर से गुजरने वाले यात्रियों की परंपरा रही है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले यहां माथा टेकते हैं। प्रधानमंत्री का यहां पहुंचना केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संदेश भी माना जा रहा है।

राजनीतिक दृष्टिकोण से देखें तो पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के सामने भाजपा अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। बंगाल में दुर्गा पूजा केवल एक त्योहार नहीं बल्कि सांस्कृतिक पहचान है। ऐसे में डाट काली मंदिर से ‘शक्ति’ का संदेश देना भाजपा की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके जरिए वह बंगाल के मतदाताओं के साथ भावनात्मक जुड़ाव स्थापित करना चाहती है।

हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक विवाद भी सामने आ रहे हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री के इस दौरे को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि भाजपा धार्मिक स्थलों का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए करती रही है और यह दौरा भी उसी रणनीति का हिस्सा है। विपक्ष का कहना है कि धार्मिक आस्था को चुनावी राजनीति से जोड़ना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।

दूसरी ओर भाजपा इस दौरे को विकास और संस्कृति के संगम के रूप में पेश कर रही है। पार्टी का कहना है कि प्रधानमंत्री का मंदिर जाना उनकी व्यक्तिगत आस्था का विषय है और इसे राजनीतिक नजरिए से देखना उचित नहीं है। भाजपा नेताओं के अनुसार, यह दौरा उत्तराखंड के विकास को गति देने के साथ-साथ देश की सांस्कृतिक विरासत को भी सम्मान देने का प्रयास है।

14 अप्रैल का दिन अपने आप में भी विशेष महत्व रखता है क्योंकि इस दिन भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई जाती है। ऐसे में प्रधानमंत्री का इस दिन उत्तराखंड दौरा और मंदिर में पूजा करना सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक—तीनों स्तरों पर संदेश देने वाला कदम माना जा रहा है। यह दिन सामाजिक न्याय और समानता के प्रतीक के रूप में भी जाना जाता है, जिससे इस दौरे का महत्व और बढ़ जाता है।

प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। उत्तराखंड के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस प्रशासन ने मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं। हालांकि प्रधानमंत्री के व्यस्त कार्यक्रम और सुरक्षा प्रोटोकॉल को देखते हुए पूजा का समय सीमित रहेगा, लेकिन इसे अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह देहरादून दौरा केवल एक उद्घाटन कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक व्यापक रणनीतिक पहल है, जिसमें विकास, आस्था और राजनीति का अनोखा मिश्रण देखने को मिल रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि देवभूमि से उठी ‘शक्ति’ की यह गूंज पश्चिम बंगाल के चुनावी परिणामों में किस हद तक असर डाल पाती है।

You Might Also Like

भारत को मिला ‘न्यूक्लियर ब्रह्मास्त्र’: प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर ऐतिहासिक कदम
बड़ी ख़बर: पिथौरागढ़ हवाई अड्डे को वायु सेना करेगी विकसित: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
उत्तराखण्ड : बागेश्वर खड़िया खनन मामले में सख्त हुआ हाईकोर्ट, 160 पट्टा धारकों को नोटिस देने के साथ 124 मशीनें भी सीज करने के आदेश
आतंकियों के खात्मे के लिए भारतीय सेना का बड़ा प्लान, जम्मू रीजन में बढ़ाई फ़ौज की संख्या
Uttarakhand: अपने दो बच्चों के साथ गुम हुई महिला 07 माह बाद मिली, यहाँ का है मामला
TAGGED:Bengal PoliticsDat Kali TempleDev bhoomiElection2026PM ModiShakti MessageTemple PoliticsUttarakhand
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

हरिद्वार में रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना; 35 लाख नकद और लग्जरी कार न मिलने पर विवाहिता को पीटा, गंगा घाट पर दी जान से मारने की धमकी

The Hill India News
The Hill India News
July 13, 2026
Monsoon Rain Alert: मैदानी इलाकों में थमा मॉनसून फिर पकड़ेगा रफ्तार, उत्तराखंड-हिमाचल में ‘रेड अलर्ट’; दिल्ली समेत 18 राज्यों में आफत की बारिश की चेतावनी
कतर के ‘फादर अमीर’ शेख हमद के निधन पर भारत में आज एक दिवसीय राष्ट्रीय शोक, आधा झुका रहेगा तिरंगा; पीएम मोदी ने जताया गहरा दुख
Bankok Pub Fire: थाईलैंड की राजधानी में बड़ा हादसा, पब में आग लगने से 27 लोगों की जिंदा जलकर मौत; सोशल मीडिया पर खौफनाक वीडियो वायरल
ऋषिकेश–डोईवाला हाईवे पर 3000 से अधिक पेड़ों के प्रस्तावित कटान का विरोध तेज, कांग्रेस और सामाजिक संगठनों ने सात मोड़ पर किया प्रदर्शन
J&K में सियासी भूचाल: उमर अब्दुल्ला का बड़ा दावा- ‘NC विधायक को तोड़ने के लिए मिला ₹30 करोड़ और मंत्री पद का ऑफर’, BJP का पलटवार
देहरादून में ‘लोक संवर्धन पर्व’ का शंखनाद: उत्तराखंड बना केंद्र का पहला साझीदार, सीएम धामी और किरेन रिजिजू ने बढ़ाया शिल्पकारों का मान
सहसपुर में बोले सीएम धामी- सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटेगी जनता, अब खुद उनके द्वार पहुंचेगी सरकार
जमानत मिलते ही हैवान बना POCSO का आरोपी: तेलंगाना में पत्नी, दो मासूम बच्चों और पीड़िता समेत 6 लोगों की बेरहमी से हत्या, दहला रंगा रेड्डी
भवाली नरेश पांडे कांड में नया मोड़: मूल पीड़िता को ही पुलिस ने बनाया आरोपी, अदालत ने रिमांड अर्जी खारिज कर दी जमानत
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?