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भाजपा स्थापना दिवस 2026: 47 साल की हुई भाजपा, 21 राज्यों में सत्ता के बावजूद कई बड़े लक्ष्य अभी बाकी

The Hill India News
Last updated: April 6, 2026 6:19 am
The Hill India News
Published: April 6, 2026
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भारतीय जनता पार्टी (BJP) आज अपना 47वां स्थापना दिवस मना रही है। 6 अप्रैल 1980 को स्थापित हुई इस पार्टी ने भारतीय राजनीति में एक लंबा और प्रभावशाली सफर तय किया है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से केंद्र की सत्ता में काबिज बीजेपी आज देश के 21 राज्यों में अकेले या अपने सहयोगियों के साथ सरकार चला रही है। दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनने का दावा करने वाली भाजपा के पास 18 करोड़ से अधिक सदस्य हैं, लेकिन इसके बावजूद कुछ राज्यों और राजनीतिक लक्ष्यों तक पहुंचना अभी बाकी है।भाजपा की जड़ें 1951 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा स्थापित भारतीय जनसंघ में मिलती हैं। आपातकाल के बाद 1977 में जनता पार्टी का गठन हुआ, जिसमें जनसंघ का विलय कर दिया गया। हालांकि वैचारिक मतभेदों के चलते 1980 में भाजपा का गठन हुआ। शुरुआत में पार्टी ने “गांधीवादी समाजवाद” को अपनाया, लेकिन समय के साथ हिंदुत्व और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद इसकी मुख्य पहचान बन गई।

दो सीटों से बहुमत तक: सत्ता का सफर

1984 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को केवल 2 सीटें मिली थीं, जो उसके राजनीतिक इतिहास का सबसे कठिन दौर माना जाता है। लेकिन इसके बाद पार्टी ने धीरे-धीरे अपने संगठन को मजबूत किया और 1998-2004 के बीच अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में पहली स्थिर गैर-कांग्रेसी सरकार दी।
2014 में भाजपा ने पहली बार अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल किया और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाई। इसके बाद 2019 और फिर 2024 में भी पार्टी ने केंद्र में अपनी सत्ता बरकरार रखी।

 21 राज्यों में सत्ता, लेकिन दक्षिण और पूर्व में चुनौती

वर्तमान में भाजपा या NDA की सरकार हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार, असम, त्रिपुरा, मणिपुर, उत्तराखंड समेत 21 राज्यों में है।
गुजरात में 1995 से लगातार भाजपा का शासन है, जबकि मध्य प्रदेश में भी लंबे समय से पार्टी का दबदबा बना हुआ है। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 2017 से भाजपा की मजबूत सरकार है।

हालांकि, केरल, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना जैसे राज्यों में भाजपा अब तक सरकार नहीं बना सकी है। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में भी पार्टी को गठबंधन पर निर्भर रहना पड़ता है। इन क्षेत्रों में संगठन विस्तार और स्थानीय नेतृत्व की चुनौती भाजपा के सामने बनी हुई है।

चुनावी रणनीति और आने वाली चुनौतियां

भाजपा इस समय पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों पर फोकस कर रही है। असम में पार्टी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश में है। वहीं तमिलनाडु में AIADMK के साथ वापसी की रणनीति पर काम चल रहा है।
पश्चिम बंगाल और केरल में भाजपा पहली बार सत्ता हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।

इसके अलावा, 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भी भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। यहां सत्ता बनाए रखना पार्टी के राष्ट्रीय समीकरण के लिहाज से अहम होगा।

दिलचस्प तथ्य और रिकॉर्ड: भाजपा की पहचान

भाजपा को दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी माना जाता है, जिसने सदस्य संख्या के मामले में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी को भी पीछे छोड़ने का दावा किया है।
नरेंद्र मोदी देश के सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले नेताओं में शामिल हो चुके हैं, जिन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में लंबा कार्यकाल पूरा किया है।
पार्टी का चुनाव चिन्ह “कमल” भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक माना जाता है।

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