By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: चीन ने उतारा ‘रोबोटिक वुल्फ पैक’; मिसाइलों से लैस मशीनी भेड़िये अब पलक झपकते करेंगे दुश्मन का शिकार
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > फीचर्ड > चीन ने उतारा ‘रोबोटिक वुल्फ पैक’; मिसाइलों से लैस मशीनी भेड़िये अब पलक झपकते करेंगे दुश्मन का शिकार
फीचर्डविदेश

चीन ने उतारा ‘रोबोटिक वुल्फ पैक’; मिसाइलों से लैस मशीनी भेड़िये अब पलक झपकते करेंगे दुश्मन का शिकार

The Hill India News
Last updated: March 26, 2026 2:41 pm
The Hill India News
Published: March 26, 2026
Share
Photo: Global Times
SHARE

बीजिंग/नई दिल्ली: आधुनिक युद्ध का स्वरूप अब पूरी तरह बदलने वाला है। दुनिया जहां अभी आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) के नैतिक पहलुओं पर चर्चा कर रही है, वहीं चीन ने युद्ध के मैदान में एक ऐसी ‘मौत की मशीन’ उतार दी है जो रोंगटे खड़े कर देने वाली है। चीन ने बृहस्पतिवार को अपनी नई पीढ़ी के चीन का रोबोटिक वुल्फ पैक (Robotic Wolf Pack) सिस्टम का खुलासा किया है। यह कोई साधारण रोबोट नहीं, बल्कि ‘मजबूत शरीर और सुपर-इंटेलिजेंट मस्तिष्क’ से लैस एक ऐसा शिकारी है, जो शहरी इलाकों और खंडहरों में घुसकर दुश्मन का खात्मा करने में सक्षम है।

Contents
इंसानों की जगह अब ‘मशीनी भेड़िये’ संभालेंगे मोर्चाक्या है ‘भेड़िया रोबोट’ की खासियत?पिछली पीढ़ी से कई गुना तेज और घातकग्रुप थिंकिंग: जब मशीनें मिलकर लेती हैं फैसलास्वायत्तता बनाम मानवीय नियंत्रणयुद्ध के नए युग की आहट

इंसानों की जगह अब ‘मशीनी भेड़िये’ संभालेंगे मोर्चा

चीनी सैन्य मामलों के विशेषज्ञों के अनुसार, इस मानवरहित प्रणाली (Unmanned Systems) का मुख्य उद्देश्य उच्च जोखिम वाले अग्रिम मोर्चों पर इंसानी सैनिकों की जान बचाना है। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ये रोबोटिक भेड़िये न केवल वास्तविक समय में युद्धक्षेत्र की सटीक जानकारी साझा करेंगे, बल्कि दुश्मन पर जबरदस्त मनोवैज्ञानिक दबाव भी बनाएंगे।

चीन की सेना (PLA) के बारे में अक्सर यह कहा जाता रहा है कि उनके सैनिकों को वास्तविक युद्ध का अनुभव (Combat Experience) नहीं है, जिसके कारण उन्हें अमेरिका और रूस से कमतर आंका जाता था। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस ‘रोबोटिक आर्मी’ के आ जाने के बाद, चीन से पारंपरिक युद्ध करना लगभग असंभव और आत्मघाती साबित हो सकता है।

क्या है ‘भेड़िया रोबोट’ की खासियत?

चाइना साउथ इंडस्ट्रीज ग्रुप कॉर्पोरेशन के ऑटोमेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा विकसित यह सिस्टम किसी साइंस-फिक्शन फिल्म जैसा प्रतीत होता है। सीसीटीवी न्यूज़ (CCTV News) द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इन रोबोटों को तीन मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है:

  1. टोही इकाइयां (Reconnaissance Units): इनका काम गुप्त रूप से दुश्मन के इलाके में घुसकर मानचित्र तैयार करना और डेटा भेजना है।

  2. हमलावर इकाइयां (Strike Units): ये इकाइयां माइक्रो-मिसाइलों, मशीन गन और ग्रेनेड लॉन्चरों से लैस होती हैं।

  3. सहायक इकाइयां (Support Units): ये युद्ध के दौरान रसद और गोला-बारूद की आपूर्ति सुनिश्चित करती हैं।


पिछली पीढ़ी से कई गुना तेज और घातक

यह नई पीढ़ी के रोबोट पिछली प्रणालियों की तुलना में कहीं अधिक ‘फुर्तीले’ और ‘स्थिर’ हैं। इनकी तकनीकी क्षमताएं किसी भी आधुनिक सेना के लिए चिंता का विषय हो सकती हैं:

  • रफ़्तार और संतुलन: ये ऊबड़-खाबड़ रास्तों, समुद्री तटों और शहरी मलबों में 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकते हैं।

  • अतुलनीय लचीलापन: इनके अंगों के जोड़ों में ’12 डिग्री की स्वतंत्रता’ (12 Degrees of Freedom) दी गई है, जिससे ये बिल्कुल असली भेड़िये की तरह अपनी चाल बदल सकते हैं और संकरी जगहों में मुड़ सकते हैं।

  • बाधाओं को पार करने की शक्ति: 25 किलोग्राम तक का घातक वजन उठाकर भी ये रोबोट 30 सेंटीमीटर ऊंची बाधाओं को आसानी से लांघ सकते हैं। यह क्षमता इन्हें सीढ़ियां चढ़ने और पहाड़ी इलाकों में पैंतरेबाजी करने के लिए बेजोड़ बनाती है।

ग्रुप थिंकिंग: जब मशीनें मिलकर लेती हैं फैसला

इस चीन का रोबोटिक वुल्फ पैक की सबसे डरावनी खूबी इसकी ‘सामूहिक निर्णय क्षमता’ है। ये रोबोट समूह में काम करते हैं और वास्तविक समय में एक-दूसरे के साथ सेंसर डेटा साझा करते हैं। फुटेज में दिखाया गया है कि कैसे दो टोही रोबोटों ने एक शहरी इलाके का 3D मैप तैयार किया और उसे ‘ट्रिपल-स्क्रीन कमांड टर्मिनल’ पर भेज दिया।

यह कमांड सिस्टम न केवल जमीनी रोबोटों को नियंत्रित करता है, बल्कि आसमान में उड़ रहे ड्रोन्स के साथ भी इनका तालमेल बिठाता है। यानी दुश्मन पर हमला जमीन और आसमान दोनों तरफ से एक साथ, एक ही दिमाग के नियंत्रण में होता है।

स्वायत्तता बनाम मानवीय नियंत्रण

भले ही ये रोबोट लक्ष्य की पहचान करने और उस पर निशाना साधने में पूरी तरह स्वायत्त (Autonomous) हैं, लेकिन चीन का दावा है कि ‘कार्रवाई’ यानी गोली चलाने की अंतिम अनुमति मानव संचालक ही देता है। हालांकि, युद्ध की विभीषिका में यह ‘कंट्रोल’ कितना प्रभावी रहेगा, यह एक बड़ा सवाल है।

युद्ध के नए युग की आहट

चीन का यह कदम वैश्विक सैन्य संतुलन को हिला देने वाला है। चीन का रोबोटिक वुल्फ पैक न केवल तकनीक का चमत्कार है, बल्कि यह भविष्य के ‘शहरी युद्ध’ (Urban Warfare) की नई परिभाषा लिख रहा है। जहां तंग गलियों और इमारतों में सैनिकों को भेजना जानलेवा होता था, वहां अब ये मशीनी शिकारी बिना डरे मौत बांटेंगे। भारत सहित दुनिया की अन्य महाशक्तियों के लिए यह एक स्पष्ट चेतावनी है कि अब युद्ध केवल वीरता से नहीं, बल्कि बेहतर ‘एल्गोरिदम’ और ‘रोबोटिक्स’ से जीते जाएंगे।

You Might Also Like

सदन में रमेश बिधूड़ी की असंसदीय भाषा पर, हर्षवर्धन और रविशंकर प्रसाद ने दिया रिएक्शन
New Delhi: दिल्‍ली धर्मांतरण मामले में पुलिस ने खंगाला कलीम का मोबाइल, संदिग्‍ध धार्मिक कंटेंट भेजे जाने का खुलासा
उत्तर प्रदेश: नोएडा और गाजियाबाद में मजदूरी में 21% की बढ़ोतरी, योगी सरकार का बड़ा फैसला, श्रमिकों को राहत
JPSC परीक्षा विवाद ने पकड़ा तूल: हजारों अभ्यर्थी सड़कों पर, परीक्षा रद्द करने से लेकर CBI जांच तक उठीं बड़ी मांगें
मेक इन इंडिया, मेक फॉर द ग्लोब के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा भारत : प्रधानमंत्री मोदी
TAGGED:China Military TechnologyChinese Army InnovationFuture of Warfare 2026Robotic Wolf SystemUrban Warfare Robots
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखंड BJP में मंथन का दौर तेज: राज्यसभा सीट पर आज बनेगा नामों का पैनल, नई टीम के साथ कोर ग्रुप की अहम बैठक

The Hill India News
The Hill India News
September 25, 2026
छात्र संघ चुनाव में 50% आरक्षण पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सभी याचिकाएं खारिज; अब इसी व्यवस्था के तहत होंगे चुनाव
हरिद्वार से चुनाव लड़ेंगे हरीश रावत? एक बयान ने बढ़ाई सियासी हलचल, CM धामी की तारीफ और दिनेश अग्रवाल के तंज से गरमाया माहौल
होर्मुज खोलने के लिए ईरान का अमेरिका को 7 दिन का फॉर्मूला, सामने रखीं बड़ी शर्तें; क्या अब थमेगा महीनों से जारी युद्ध?
बैंक हड़ताल से पहले सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, 26 सितंबर तक खाते में आएगा सितंबर का वेतन-पेंशन; सरकार ने जारी किए निर्देश
उत्तराखंड में मौसम फिर बदलेगा करवट, 26 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट; ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना
मुख्य चुनाव आयुक्त विवाद पर सीएम धामी का बड़ा बयान, बोले- हर फैसले की होती है तय प्रक्रिया; मामले को बेवजह दिया जा रहा राजनीतिक तूल
Rajasthan Mayor Election 2026: जयपुर, जोधपुर और कोटा में BJP की जीत, 10 में से 9 नगर निगमों में भाजपा के मेयर; गहलोत के गृह क्षेत्र जोधपुर में भी कांग्रेस हारी
देहरादून पुलिस में बड़ा फेरबदल: 22 दरोगाओं के तबादले, कई थानों और चौकियों में बदली जिम्मेदारी; देखें पूरी लिस्ट
UPI Payment पर 18% GST का क्या होगा? 7 अक्टूबर को हो सकता है बड़ा फैसला, जानिए MDR से जुड़ा पूरा मामला
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?