उत्तराखंडफीचर्डशिक्षा

HNB गढ़वाल विश्वविद्यालय में CDS जनरल अनिल चौहान का ऐतिहासिक संबोधन, स्वामी मनमथन प्रेक्षागृह में सामरिक सोच और राष्ट्रीय सुरक्षा पर मंथन, 227 पुस्तकों का दान

श्रीनगर गढ़वाल, 21 फरवरी। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर स्थित स्वामी मनमथन प्रेक्षागृह में देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) Anil Chauhan का भव्य स्वागत हुआ। शनिवार को मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जनरल चौहान ने “सामरिक सोच एवं राष्ट्रीय सुरक्षा” विषय पर प्रेरक एवं ऐतिहासिक संबोधन दिया। कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार के स्वास्थ्य एवं उच्च शिक्षा मंत्री Dhan Singh Rawat विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने की। दीप प्रज्ज्वलन एवं राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कुलपति ने स्वागत वक्तव्य में कहा कि वीर भूमि उत्तराखंड जनरल अनिल चौहान के आगमन से गौरवान्वित है। उन्होंने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि सेना के साथ अग्निवीर प्रशिक्षण कार्यक्रमों हेतु एमओयू किए गए हैं तथा विश्वविद्यालय “विकसित भारत 2047” के संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

राष्ट्रीय सुरक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी

अपने संबोधन में जनरल अनिल चौहान ने राष्ट्रीय सुरक्षा को केवल सेना का दायित्व न मानते हुए इसे प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय चेतना की शुरुआत विद्यालयों और विश्वविद्यालयों से होनी चाहिए। वैदिक साहित्य, चाणक्य नीति और धनुर्वेद जैसी परंपराओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने भारत की प्राचीन सामरिक सोच को रेखांकित किया।

उन्होंने बदलती युद्ध अवधारणाओं, तकनीक-प्रधान संघर्षों और आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय सुरक्षा का केंद्रीय तत्व बताया। 1971 के युद्ध का उदाहरण देते हुए उन्होंने मजबूत सरकार, सशक्त सेना और रणनीतिक तैयारी की आवश्यकता पर बल दिया। परमाणु शक्ति संपन्न पड़ोसी देशों और सीमाई चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवाओं को सजग और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्ध रहने का संदेश दिया।

छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद

समापन सत्र में जनरल चौहान ने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। पल्लवी उनियाल द्वारा सेना में महिलाओं की भूमिका पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना में महिलाओं को समान अवसर और जिम्मेदारियां प्रदान की जा रही हैं तथा चयन का आधार केवल योग्यता और प्रतिबद्धता है। अन्य विद्यार्थियों ने भी राष्ट्रीय सुरक्षा, सैन्य सेवा और कैरियर से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया।

227 पुस्तकों का दान, ‘रंगभूमि दर्शन’ का विमोचन

कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि के रूप में जनरल अनिल चौहान ने विश्वविद्यालय पुस्तकालय को 227 सामरिक, ऐतिहासिक एवं शोधपरक पुस्तकों का दान किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे ज्ञान-संपदा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती अनुपमा चौहान भी उपस्थित रहीं। उन्होंने सैन्य सोसाइटी (AWWA) के माध्यम से नीति गांव को गोद लेकर सामाजिक एवं शैक्षिक विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने की जानकारी साझा की।

इसी क्रम में प्रो. एम.पी.एस. बिष्ट द्वारा संपादित पुस्तक ‘रंगभूमि दर्शन’ का विमोचन जनरल चौहान, डॉ. धन सिंह रावत और कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह सहित अन्य गणमान्यों द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में विधायक विनोद कंडारी, ब्रिगेडियर विनोद नेगी, कर्नल गौरव बत्रा, प्रो. ओ.पी. गुसाईं सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

शनिवार 21 फरवरी का यह दिन गढ़वाल विश्वविद्यालय के इतिहास में एक यादगार अध्याय के रूप में दर्ज हो गया।

May be an image of one or more people, dais and text that says "ቲት ሞሞ krin"

May be an image of one or more people and speaker

May be an image of one or more people and hospital

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button