लक्सर (हरिद्वार): उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां ‘बैंड-बाजा और बारात’ का उल्लास चंद मिनटों में हाई-वोल्टेज ड्रामे और कानूनी पेचीदगियों में बदल गया। खानपुर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव में आई एक बारात को बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा। वजह बनी दुल्हन की वह अडिग जिद, जिसमें उसने एक ‘बेरोजगार’ युवक के साथ अपना जीवन बिताने से साफ इनकार कर दिया।
जयमाला की रस्म और अचानक बदला माहौल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रुड़की से एक बारात लक्सर के सिकंदरपुर गांव पहुंची थी। स्वागत-सत्कार का दौर चला, बाराती झूम रहे थे और वधु पक्ष मेहमाननवाजी में व्यस्त था। लेकिन जैसे ही जयमाला की रस्म का समय आया, खुशियों का माहौल तनाव में बदल गया। मंच पर दूल्हा और दुल्हन के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बात इतनी बढ़ गई कि दुल्हन ने सबके सामने शादी करने से मना कर दिया।
“झूठ बोलकर की जा रही थी शादी” – दुल्हन के गंभीर आरोप
शादी टूटने की मुख्य वजह दूल्हे की नौकरी को लेकर बोला गया कथित झूठ बताया जा रहा है। दुल्हन ने भरे मंडप में आरोप लगाया कि उससे दूल्हे के रोजगार को लेकर सच्चाई छिपाई गई थी। दुल्हन का कहना था, “मैं एक बेरोजगार व्यक्ति के साथ अपना भविष्य नहीं देख सकती। जिस बुनियादी बात को शादी से पहले छुपाया गया, वह धोखेबाजी है।” दुल्हन के इस कड़े रुख ने न केवल दूल्हा पक्ष बल्कि खुद लड़की वालों को भी सन्न कर दिया।
बंधक बनाए गए दूल्हा और पिता, अखाड़ा बना मंडप
दुल्हन के इनकार के बाद मामला शांत होने के बजाय और बिगड़ गया। लड़की पक्ष के लोग इस बात से आक्रोशित हो गए कि उनके साथ छल किया गया और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा दांव पर लग गई। देखते ही देखते शादी का मंडप रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। आरोप है कि उग्र हुए लड़की पक्ष के लोगों ने दूल्हे, उसके पिता और एक अन्य करीबी बाराती को बंधक बना लिया। गांव में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और बाराती अपनी जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे।
पुलिस की एंट्री और भारी हर्जाने पर हुआ समझौता
घटना की सूचना मिलते ही खानपुर थाना अध्यक्ष डी.एस. कोहली पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को शांत कराया और बंधक बनाए गए लोगों को मुक्त कराया। हालांकि, लड़की पक्ष अपनी जिद पर अड़ा रहा कि शादी की तैयारियों में जो भारी खर्च हुआ है, उसकी भरपाई दूल्हा पक्ष को करनी होगी।
देर रात तक चली पंचायत और पुलिस की मध्यस्थता के बाद, दोनों पक्षों के बीच एक समझौता हुआ। सूत्रों के मुताबिक, अपनी जान और इज्जत बचाने के लिए दूल्हा पक्ष को भारी हर्जाना चुकाना पड़ा। मोटी रकम की अदायगी के बाद ही बारात को गांव से सुरक्षित निकलने की अनुमति मिली।
पुलिस प्रशासन का आधिकारिक बयान
इस पूरे प्रकरण पर खानपुर थाना अध्यक्ष डी.एस. कोहली ने बताया:
“मामला हमारे संज्ञान में आया था। जयमाला के दौरान किसी बात पर विवाद हुआ, जिसके बाद युवती ने विवाह से मना कर दिया। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों को सख्त हिदायत दी। बाद में ग्राम प्रधान द्वारा सूचित किया गया कि आपसी सहमति से समझौता हो गया है और बारात बिना दुल्हन के वापस लौट गई है।”
सामाजिक विमर्श: शादियों में बढ़ती पारदर्शिता की मांग
यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। जानकारों का मानना है कि आधुनिक समय में युवा अब अपने भविष्य को लेकर अधिक सचेत हैं। शादी जैसे महत्वपूर्ण फैसले में यदि करियर या रोजगार से जुड़ी जानकारी छिपाई जाती है, तो उसके परिणाम इसी तरह विस्फोटक हो सकते हैं। लक्सर का यह मामला समाज के लिए एक सबक भी है कि रिश्तों की नींव झूठ पर नहीं, बल्कि पारदर्शिता पर टिकी होनी चाहिए।



