नैनीताल/भवाली। उत्तराखंड के नैनीताल जिले से पिछले तीन महीनों से लापता एक युवती के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने युवती को उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी सुहैल को गिरफ्तार किया है, जिस पर अपहरण, दुष्कर्म और जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल है, जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
तीन महीने पुराना है मामला, शनिवार को दर्ज हुई तहरीर
मामले के अनुसार, युवती पिछले तीन महीनों से लापता थी, लेकिन परिजनों ने लोक-लाज और अन्य कारणों से पहले पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। हालांकि, जब स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को इसकी भनक लगी, तो उन्होंने परिजनों को हिम्मत दी। इसके बाद बीते शनिवार को युवती के पिता ने भवाली कोतवाली में औपचारिक तहरीर दी।
तहरीर में पिता ने बताया कि इलाके में ही एक नाई की दुकान पर काम करने वाला युवक, सुहैल, उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। परिजनों ने आरोप लगाया कि आरोपी उनकी बेटी पर धर्म परिवर्तन करने के लिए लगातार दबाव बना रहा था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: बिजनौर से हुई बरामदगी
मामले की संवेदनशीलता और हिंदूवादी संगठनों के बढ़ते दबाव को देखते हुए कोतवाल प्रकाश सिंह मेहरा ने तुरंत दो विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस ने सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की, जो उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में मिली।
बिजनौर पहुँची पुलिस टीम ने छापेमारी कर युवती को सकुशल बरामद किया और आरोपी सुहैल को हिरासत में ले लिया। पुलिस दोनों को लेकर नैनीताल पहुँची, जहाँ युवती का मेडिकल परीक्षण कराया गया और आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
पीड़िता की मां का खुलासा: “फोन पर रो रही थी बेटी”
युवती की मां ने इस मामले में बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि गायब होने के दौरान उनकी बेटी का एक बार फोन आया था। फोन पर युवती काफी डरी हुई थी और उसने बताया कि सुहैल उसे जबरन अपने साथ ले गया है और उसके साथ मारपीट की जा रही है। मां के अनुसार, युवती ने यह भी संकेत दिया था कि उस पर अपनी धार्मिक पहचान बदलने का दबाव डाला जा रहा है।
भवाली कोतवाली में भाजपा का प्रदर्शन और आक्रोश
जैसे ही युवती की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी की खबर फैली, भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में भवाली कोतवाली पहुँच गए। भाजपा नेताओं ने इस घटना को ‘लव जिहाद’ से जोड़ते हुए आरोपी सुहैल पर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना है कि बाहरी जिलों से आकर यहां काम करने वाले लोग स्थानीय भोली-भाली युवतियों को निशाना बना रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विधायक सरिता आर्या ने दिए ‘सत्यापन’ के निर्देश
क्षेत्रीय विधायक सरिता आर्या ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कोतवाल से फोन पर बात कर मामले की पूरी जानकारी ली और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विधायक ने कहा:
“नैनीताल जैसे शांत पर्यटन क्षेत्र में इस तरह की अराजक और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली घटनाएं बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। मैंने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में रह रहे ऐसे सभी संदिग्ध और बाहरी लोगों का तत्काल सत्यापन (Verification) किया जाए। बिना पहचान पत्र और वेरिफिकेशन के किसी भी बाहरी व्यक्ति को क्षेत्र में काम करने या रहने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।”
सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस का पक्ष
कोतवाल प्रकाश सिंह मेहरा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं (अपहरण और दुष्कर्म) के साथ-साथ अन्य सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब युवती के बयानों के आधार पर मामले की आगे की जांच कर रही है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
स्थानीय निवासियों में डर और चिंता
इस घटना ने नैनीताल के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाहर से आने वाले नाई, मजदूरी करने वाले या फेरी लगाने वालों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य होना चाहिए। लोगों ने मांग की है कि बाहरी व्यक्तियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के लिए ग्राम स्तर पर भी कमेटियां बनाई जानी चाहिए।
उत्तराखंड में ‘बाहरी व्यक्तियों’ के बढ़ते हस्तक्षेप और इस तरह की आपराधिक घटनाओं ने सरकार और प्रशासन के सामने नई चुनौतियां पेश कर दी हैं। नैनीताल पुलिस की यह तत्परता सराहनीय है, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सत्यापन अभियान को और अधिक प्रभावी बनाना होगा।



