रामनगर (नैनीताल): देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल जिले के अंतर्गत आने वाले रामनगर क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ एक विधवा महिला ने अपने ही रिश्ते के भतीजे पर विश्वासघात, नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म करने और अश्लील वीडियो के जरिए सालों तक ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले ने न केवल रिश्तों की मर्यादा को तार-तार किया है, बल्कि क्षेत्र में महिला सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नैनीताल को दिए गए प्रार्थना पत्र के बाद, रामनगर कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
दुखद अतीत और भरोसे का कत्ल
पीड़िता ने पुलिस को अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि साल 2016 में उसके पति के निधन के बाद उसका जीवन दुखों के पहाड़ तले दब गया था। महिला के दो बेटे हैं, जिनमें से छोटा बेटा मानसिक रूप से अस्वस्थ है, जबकि बड़ा बेटा नशे की लत का शिकार होकर कई बार जेल जा चुका है। पति की मृत्यु और बच्चों के अंधकारमय भविष्य को लेकर महिला मानसिक रूप से अत्यंत कमजोर स्थिति में थी।
महिला का आरोप है कि इसी लाचारी और कठिन परिस्थितियों का फायदा उसके पड़ोस में रहने वाले रिश्ते के भतीजे ने उठाया। आरोपी ने सहानुभूति का ढोंग रचा और खुद को परिवार का सहारा बताते हुए महिला का विश्वास जीत लिया। उसने भरोसा दिलाया कि वह बच्चों की जिम्मेदारी उठाएगा और हर मुश्किल में उनके साथ खड़ा रहेगा।
होटल में नशीला पदार्थ और घिनौनी साजिश
घटनाक्रम के अनुसार, आरोपी ने महिला के बड़े बेटे की जेल से जमानत कराने के बहाने उसे रामनगर के प्रसिद्ध पर्यटन क्षेत्र ढिकुली स्थित एक होटल में बुलाया। पीड़िता का आरोप है कि वहां आरोपी ने उसे कोल्ड ड्रिंक में कोई नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया, जिससे वह अचेत हो गई।
बेहोशी की इसी हालत का फायदा उठाकर आरोपी ने महिला के साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, उसने इस कृत्य का अश्लील वीडियो भी बना लिया। जब महिला को होश आया, तो आरोपी ने उसे सांत्वना देने के बजाय वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। लोक-लाज और सामाजिक बदनामी के डर से पीड़िता लंबे समय तक इस जुल्म को सहती रही।
2022 की हिंसा और झूठा समझौता
महिला ने अपनी तहरीर में यह भी उल्लेख किया है कि साल 2022 में जब उसने इस प्रताड़ना का विरोध किया और आरोपी के घर जाकर शिकायत की, तो आरोपी की पत्नी और 5-6 अन्य सहयोगियों ने उसके घर में घुसकर उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज की। इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी।
उस समय स्थानीय स्तर पर एक समझौता हुआ था, जिसमें आरोपी ने भविष्य में परेशान न करने और आपत्तिजनक वीडियो डिलीट करने का वादा किया था। हालांकि, यह समझौता महज एक दिखावा साबित हुआ।
फिर शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल
कुछ समय तक शांत रहने के बाद, आरोपी ने हाल ही में फिर से महिला को फोन कर धमकाना शुरू कर दिया। उसने दावा किया कि वीडियो अभी भी उसके पास सुरक्षित है और उसने महिला को दोबारा होटल में आने का दबाव बनाया। जब महिला ने इनकार किया, तो आरोपी ने वीडियो सोशल मीडिया पर डालने और उसके बच्चों को जान से मारने की धमकी दी।
पीड़िता का यह भी सनसनीखेज आरोप है कि आरोपी उसे अन्य पुरुषों के साथ संबंध बनाने के लिए भी मजबूर कर रहा था। साथ ही, आरोपी और उसके परिजन अंधविश्वास का सहारा लेकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया
इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नैनीताल पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। रामनगर के क्षेत्राधिकारी (CO) सुमित पांडे ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है।
“पीड़िता की तहरीर के आधार पर आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं और धारा 173 BNSS के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मेडिकल रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।” — सुमित पांडे, क्षेत्राधिकारी रामनगर
समाज के लिए एक चेतावनी
यह रामनगर दुष्कर्म मामला समाज के उस स्याह पहलू को उजागर करता है जहाँ बेसहारा महिलाओं की मजबूरी का फायदा उनके अपने ही करीबियों द्वारा उठाया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल युग में ‘रिवेंज पोर्न’ और वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग के मामले बढ़ रहे हैं, जिसके खिलाफ सख्त कानूनी प्रावधानों और जागरूकता की आवश्यकता है।
न्याय की उम्मीद
फिलहाल, पीड़िता भय और गहरे मानसिक तनाव में है। उसने पुलिस प्रशासन से अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा की गुहार लगाई है। नैनीताल पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराध चाहे अपनों ने किया हो या परायों ने, कानून के हाथ उन तक पहुँचकर ही रहेंगे।

