
नई दिल्ली | डिजिटल डेस्क: उत्तर भारत के राज्यों में मौसम एक बार फिर अपनी चाल बदलने को तैयार है। पहाड़ों पर सक्रिय हुए एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण उत्तर प्रदेश, दिल्ली और बिहार समेत पूरे उत्तर-पश्चिम भारत के तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आज यानी 9 फरवरी से पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में घने कोहरे का प्रभाव देखने को मिलेगा।
पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ का असर: बारिश और बर्फबारी की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर शशिकांत मिश्रा के अनुसार, ओमान और उसके आसपास के क्षेत्रों से उठा एक पश्चिमी विक्षोभ अब हिमालयी क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव 9 से 11 फरवरी के बीच देखने को मिलेगा।
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जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में गरज के साथ छिटपुट बारिश की संभावना है।
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हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: पर्यटन स्थलों पर बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। उत्तराखंड के कुछ इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा रहने का भी अनुमान है।
दिल्ली-NCR का हाल: धुंध और प्रदूषण बढ़ाएगा चिंता
देश की राजधानी दिल्ली का मौसम फिलहाल मिला-जुला बना हुआ है। सोमवार सुबह दिल्ली और आसपास के इलाकों में हल्की धुंध (Mist) दर्ज की गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज दिल्ली में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।
विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि हवा की गति कम होने और वातावरण में नमी बढ़ने के कारण प्रदूषण का स्तर (AQI) बढ़ सकता है। इससे बुजुर्गों और सांस के मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, दोपहर के समय धूप निकलने से राहत मिलेगी और आने वाले दिनों में ठंड का प्रभाव कम होने की उम्मीद है।
UP और बिहार में कोहरे का ‘येलो अलर्ट’
उत्तर प्रदेश के मौसम की बात करें तो यहाँ पश्चिमी विक्षोभ का सीधा असर तो नहीं दिखेगा, लेकिन पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
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उत्तर प्रदेश: राज्य में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। 9 और 10 फरवरी को सुबह के वक्त यूपी के कई जिलों में ‘घना कोहरा’ छाए रहने की उम्मीद है। 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं वातावरण में थोड़ी सिहरन पैदा कर सकती हैं।
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बिहार: बिहार में अगले तीन दिनों तक स्थिति चुनौतीपूर्ण रह सकती है। यहाँ घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है, जिससे विजिबिलिटी कम हो सकती है और यातायात (ट्रेन और फ्लाइट्स) पर असर पड़ सकता है।
तापमान का गणित: अगले 4 दिनों में क्या बदलेगा?
डॉक्टर मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में उत्तर भारत का अधिकतम तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री सेल्सियस ऊपर चल रहा है। लेकिन अगले 4 दिनों में इसमें बदलाव दिखेगा:
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न्यूनतम तापमान: उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 24 से 48 घंटों में रात के तापमान में 2 डिग्री की वृद्धि होगी, जिसके बाद फिर से 2 डिग्री की गिरावट आएगी।
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मध्य भारत: यहाँ अगले 24 घंटों तक तापमान स्थिर रहेगा, लेकिन उसके बाद अगले 4 दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
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शीतलहर (Cold Wave): राहत की बात यह है कि फिलहाल उत्तर भारत के किसी भी हिस्से में शीतलहर चलने का कोई अनुमान नहीं है। मौसम धीरे-धीरे सामान्य की ओर बढ़ रहा है।
इस बदलते मौसम में सावधानी बरतना आवश्यक है। कोहरे के कारण सड़कों पर विजिबिलिटी कम होने से वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं, पहाड़ों पर जा रहे पर्यटकों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा शुरू करनी चाहिए। डॉ. मिश्रा का कहना है कि अगले एक सप्ताह के भीतर उत्तर भारत का तापमान पूरी तरह सामान्य हो जाएगा और कड़ाके की ठंड से मुक्ति मिलने लगेगी।



