हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार ने न केवल स्वच्छता की दिशा में बल्कि सामाजिक समावेश (Social Inclusion) की दिशा में भी एक नया अध्याय लिख दिया है। हरिद्वार नगर निगम ने एक अभूतपूर्व निर्णय लेते हुए किन्नर समुदाय की प्रमुख प्रतिनिधि सोनिया, जिन्हें स्थानीय स्तर पर ‘सोनिया बुआ’ के नाम से जाना जाता है, को स्वच्छता अभियान का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया है। उत्तराखंड के किसी भी नगर निकाय द्वारा ट्रांसजेंडर समुदाय के किसी व्यक्ति को इस महत्वपूर्ण पद पर बैठाने का यह पहला मामला है।
समावेशी सोच के साथ ‘स्वच्छ हरिद्वार’ का संकल्प
बुधवार को हरिद्वार के नगर आयुक्त नंदन कुमार ने अपने कार्यालय में सोनिया किन्नर को आधिकारिक नियुक्ति पत्र सौंपा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य समाज के उस वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ना है, जिसकी पहुंच और प्रभाव हर घर तक होता है। नगर निगम का मानना है कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं है, बल्कि एक व्यवहारिक परिवर्तन है, और इस परिवर्तन को लाने में किन्नर समाज एक सेतु का कार्य कर सकता है।
सोनिया किन्नर की नई भूमिका और जिम्मेदारियां
ब्रांड एंबेसडर के रूप में सोनिया किन्नर केवल एक चेहरा नहीं होंगी, बल्कि वे धरातल पर उतरकर लोगों के बीच जागरूकता फैलाएंगी। उनकी मुख्य भूमिकाओं में शामिल हैं:
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घर-घर जनसंवाद: विभिन्न मोहल्लों और बस्तियों में जाकर लोगों को कचरा पृथक्करण (Segregation of Waste) के प्रति प्रेरित करना।
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प्लास्टिक मुक्त अभियान: बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के बहिष्कार के लिए व्यापारियों और तीर्थयात्रियों को जागरूक करना।
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स्वच्छता पाठशाला: स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों में स्वच्छता के महत्व पर चर्चा करना।
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सार्वजनिक स्थलों की देखरेख: घाटों और मंदिर परिसरों के आसपास सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करना।
नगर आयुक्त का विजन: “स्वच्छता एक सामाजिक जिम्मेदारी”
नियुक्ति पत्र सौंपने के दौरान नगर आयुक्त नंदन कुमार ने इस पहल के पीछे की मंशा स्पष्ट की। उन्होंने कहा:
“स्वच्छता एक साझा जिम्मेदारी है। किन्नर समाज को इस मुहिम से जोड़कर हम न केवल शहर को साफ रखना चाहते हैं, बल्कि समाज में समानता का संदेश भी देना चाहते हैं। सोनिया जी का व्यक्तित्व और उनकी बातें लोगों के दिल तक पहुंचती हैं, हमें विश्वास है कि उनकी अपील का व्यापक असर होगा।”
नगर निगम प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि इस अभियान के संचालन के लिए सोनिया किन्नर को आवश्यक प्रचार सामग्री, वाहन सुविधा और पूर्ण प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
“पूरा हरिद्वार मेरा घर है”: सोनिया किन्नर
शहर में ‘सोनिया बुआ’ के नाम से विख्यात सोनिया ने इस नई जिम्मेदारी को एक सेवा के अवसर के रूप में स्वीकार किया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि किन्नर समाज हमेशा से समाज के मांगलिक कार्यों और खुशियों का हिस्सा रहा है, अब समय है कि वे समाज की सेवा में भी अग्रणी भूमिका निभाएं।
उन्होंने संकल्प लेते हुए कहा, “पूरा हरिद्वार मेरा घर है। मैं घर-घर जाकर लोगों को बताऊंगी कि जैसे हम अपने मंदिर साफ रखते हैं, वैसे ही अपनी गलियां और गंगा घाट भी साफ रखने हैं। हमारा लक्ष्य हरिद्वार को देश का नंबर एक स्वच्छ शहर बनाना है।”
सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने की सराहना
नगर निगम की इस पहल का हरिद्वार के प्रबुद्ध वर्ग, सामाजिक संगठनों और तीर्थ पुरोहितों ने स्वागत किया है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यह कदम स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को पूरा करने के साथ-साथ ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रति सामाजिक नजरिए को बदलने में मील का पत्थर साबित होगा।
क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
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सामाजिक न्याय: ट्रांसजेंडर समुदाय को प्रशासनिक स्तर पर पहचान और सम्मान देना।
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प्रभावी संदेश: किन्नर समाज की बातों का पारंपरिक रूप से समाज में गहरा सम्मान और प्रभाव होता है।
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व्यवहार परिवर्तन: विशेषज्ञों का मानना है कि सोनिया किन्नर जैसे प्रभावशाली लोग लोगों की आदतों (जैसे खुले में कचरा फेंकना) को बदलने में अधिक सफल हो सकते हैं।
स्वच्छता का नया ‘हरिद्वार मॉडल’
हरिद्वार नगर निगम ने यह दिखा दिया है कि स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए केवल मशीनों और बजट की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि समावेशी नेतृत्व और नवीन विचारों की भी जरूरत होती है। यदि सोनिया किन्नर के नेतृत्व में यह अभियान सफल रहता है, तो यह देश के अन्य नगर निगमों के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल बन सकता है।



