By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: उत्तराखंड में ‘हर घर नल’ योजना को मिली संजीवनी: केंद्रीय बजट 2026 से ठेकेदारों की भुगतान राह आसान, सीएम धामी ने जताया आभार
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > उत्तराखंड में ‘हर घर नल’ योजना को मिली संजीवनी: केंद्रीय बजट 2026 से ठेकेदारों की भुगतान राह आसान, सीएम धामी ने जताया आभार
उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखंड में ‘हर घर नल’ योजना को मिली संजीवनी: केंद्रीय बजट 2026 से ठेकेदारों की भुगतान राह आसान, सीएम धामी ने जताया आभार

The Hill India News
Last updated: February 4, 2026 12:40 pm
The Hill India News
Published: February 4, 2026
Share
SHARE

देहरादून: उत्तराखंड के ग्रामीण अंचलों में ‘हर घर नल-हर घर जल’ पहुंचाने का सपना अब पूर्णता की ओर अग्रसर है। लंबे समय से बजट की कमी और तकनीकी बाधाओं के कारण अधर में लटकी जल जीवन मिशन उत्तराखंड की योजनाओं को केंद्रीय बजट 2026 ने नई ऑक्सीजन दी है। केंद्र सरकार द्वारा इस मिशन के लिए 67,670 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किए जाने के बाद, राज्य में रुके हुए कार्यों और ठेकेदारों के लंबित भुगतानों का रास्ता साफ हो गया है।

Contents
बजट के अभाव में अंतिम चरण में अटकी थी योजनामुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का केंद्र को आभारराज्य की वित्तीय स्थिति और 90:10 का समीकरणठेकेदारों में जगी उम्मीद की किरणभविष्य की राह

बजट के अभाव में अंतिम चरण में अटकी थी योजना

उत्तराखंड में जल जीवन मिशन अपनी सफलता के करीब तो था, लेकिन ‘फिनिशिंग लाइन’ पर आकर इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई थी। केंद्र से अपेक्षित किश्तें जारी न होने के कारण योजनाओं का ‘कम्प्लिशन सर्टिफिकेट’ जारी नहीं हो पा रहा था। सबसे बड़ी चुनौती उन ठेकेदारों के सामने थी, जिन्होंने अपनी जमा-पूंजी लगाकर धरातल पर पाइपलाइन बिछाने और बुनियादी ढांचा तैयार करने का काम पूरा किया था।

आंकड़ों के मुताबिक, केंद्र सरकार से उत्तराखंड को अभी 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि मिलना बाकी है। विडंबना यह रही कि राज्य सरकार ने अपने निर्धारित अंशदान से 650 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च कर दिए थे, ताकि काम न रुके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का केंद्र को आभार

केंद्रीय बजट में जल जीवन मिशन के लिए फंड आवंटित होने और योजना की समय सीमा बढ़ाए जाने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बजट केवल एक वित्तीय आंकड़ा नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के उन हजारों परिवारों के लिए उम्मीद है जो शुद्ध पेयजल की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

“ठेकेदार लंबे समय से अपने बकाये को लेकर संपर्क कर रहे थे। हमने केंद्र को कई बार रिमांडर भेजे थे। अब बजट में प्रावधान और समय सीमा बढ़ने से न केवल काम पूरे होंगे, बल्कि राज्य द्वारा अग्रिम भुगतान की गई राशि भी वापस मिल पाएगी।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

राज्य की वित्तीय स्थिति और 90:10 का समीकरण

उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्यों के लिए जल जीवन मिशन के तहत केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी 90:10 के अनुपात में है। यानी 90 प्रतिशत पैसा केंद्र को और 10 प्रतिशत राज्य को देना होता है। हालांकि, विपरीत परिस्थितियों में राज्य ने अपनी वित्तीय सीमाओं से बाहर जाकर भुगतान किया। अब केंद्रीय बजट में की गई घोषणा से राज्य के खजाने पर पड़ा अतिरिक्त बोझ कम होने की उम्मीद है।

ठेकेदारों में जगी उम्मीद की किरण

राज्य के विकास में रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले ठेकेदारों के लिए यह खबर किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। देवभूमि कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने इस कदम का स्वागत किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने कहा कि ठेकेदारों ने अपनी पूंजी लगाकर इस राष्ट्रीय मिशन को धरातल पर उतारा है।

ठेकेदारों की प्रमुख मांगें और स्थिति:

  • पिछले एक साल से रुके हुए भुगतानों का तत्काल निस्तारण।

  • कम्प्लिशन सर्टिफिकेट की प्रक्रिया में तेजी लाना।

  • जीएसटी और अन्य तकनीकी कटौतियों में पारदर्शिता।

अग्रवाल का मानना है कि यदि यह बजट समय पर उत्तराखंड के जल संस्थान और जल निगम तक पहुँचता है, तो उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बन सकता है जो ‘हर घर जल’ के लक्ष्य को शत-प्रतिशत प्राप्त कर लेगा।


भविष्य की राह

जल जीवन मिशन केवल पाइप बिछाने का अभियान नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की मातृशक्ति को मीलों दूर से पानी लाने के श्रम से मुक्ति दिलाने का संकल्प है। अब जबकि केंद्र ने अपनी तिजोरी खोल दी है, गेंद राज्य के विभागीय अधिकारियों के पाले में है।

समयबद्ध तरीके से काम पूरा करना और गुणवत्ता सुनिश्चित करना अब बड़ी चुनौती होगी। क्या उत्तराखंड इस बजट का लाभ उठाकर 2026 के भीतर ‘पूर्ण सैचुरेशन’ हासिल कर पाएगा? यह आने वाले महीनों में विभागीय कार्यप्रणाली पर निर्भर करेगा।

You Might Also Like

उत्तराखण्ड : नरेंद्र सिंह नेगी ने दिया निमंत्रण बोले 6 मार्च को गैरसैंण में पहाड़ी स्वाभिमान रैली में जरुर पहुचे
शशि थरूर का BJP पर तंज: ‘आखिरकार ‘अब की बार, 400 पार’ हुआ, लेकिन दूसरे देश में..’
अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुआ बिधानसभा का सत्र ..
उत्तराखंड पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट का रुख साफ – मंशा चुनाव टालने की नहीं, नियमों का पालन जरूरी
Uttarakhand: होमगार्ड्स स्थापना दिवस पर सीएम धामी ने किया रैतिक परेड का निरीक्षण, भत्ता बढ़ोतरी से लेकर नई सुविधाओं की बड़ी घोषणाएँ
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर नैनीताल जिला प्रशासन का बड़ा प्रहार; डीएम का सख्त आदेश- अतिरिक्त शुल्क लौटाएं या एडजस्ट करें, उल्लंघन पर 5 लाख तक जुर्माना

The Hill India News
The Hill India News
June 27, 2026
अंगदान मानव सेवा का सर्वोच्च व पुनीत कार्य, जनभागीदारी से इसे राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन बनाना आवश्यक: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा
फीफा वर्ल्ड कप 2026: डेम्बेले की खौफनाक हैट्रिक से फ्रांस ने नॉर्वे को उड़ाया, सेनेगल ने इराक को 5-0 से रौंदकर जिंदा रखीं उम्मीदें
अलीगढ़ में AIMIM नेता का खौफनाक एलान, BJP नेता नाजिया इलाही की जुबान काटने वाले को 1 लाख का इनाम
रुड़की में मामा की बेटी से लव मैरिज की खौफनाक सजा, सगे मामा ने बीच बाजार भांजे को चाकुओं से गोदकर मार डाला
मध्य भारत को पार कर यूपी-उत्तराखंड की ओर बढ़ा मानसून, मुंबई में भारी आफत का ‘ऑरेंज अलर्ट’, दिल्ली-NCR में भी बदलेगा मौसम
वेनेजुएला में कुछ ही मिनटों में आए दो शक्तिशाली भूकंप, राजधानी काराकास में इमारतें जमींदोज, सुनामी का हाई अलर्ट
हरिद्वार में बड़ा हादसा टला: BHEL क्षेत्र में नर्सिंग छात्राओं से भरी कॉलेज बस का CNG सिलेंडर लीक, मची अफरा-तफरी
डिजिटल गवर्नेंस की ओर देहरादून के बढ़ते कदम: सरकारी दफ्तरों को पूरी तरह ‘पेपरलेस’ बनाने की तैयारी, अफसरों को मिला ई-ऑफिस का व्यावहारिक पाठ
उत्तराखंड में हाई अलर्ट: चारधाम समेत धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी, अभेद्य किले में तब्दील हुए केदारनाथ-बदरीनाथ; सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैद
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?