
नई दिल्ली। उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और बीच में बढ़ी हल्की गर्मी के बाद अब मौसम एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। हिमालयी क्षेत्रों में एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो गया है, जिसका सीधा असर दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, आगामी 24 से 48 घंटों के भीतर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी और मैदानी राज्यों जैसे यूपी, पंजाब और दिल्ली में गरज के साथ बारिश की प्रबल संभावना है।
बसंत पंचमी पर बरसेगा ‘बादलों का आशीर्वाद’
इस साल बसंत पंचमी के पावन पर्व पर मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा। शुक्रवार को जब पूरा देश ज्ञान की देवी माँ सरस्वती की पूजा कर रहा होगा, तब दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मैदानी इलाकों में न केवल बारिश होगी, बल्कि कुछ स्थानों पर बिजली गिरने और ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
पहाड़ों पर बर्फबारी का ‘तांडव’, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अलर्ट
पश्चिमी विक्षोभ का सबसे ज्यादा असर पहाड़ी राज्यों में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने 22 और 23 जनवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में भारी बारिश के साथ भारी हिमपात की संभावना जताई है।
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उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: इन दोनों राज्यों के ऊपरी इलाकों में बर्फ की सफेद चादर बिछने के आसार हैं, जबकि निचले इलाकों में मूसलाधार बारिश हो सकती है।
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पाला और शीत लहर: उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में पाला (Frost) पड़ने की स्थिति बनी हुई है, जो कृषि के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है। वहीं, हिमाचल में भीषण शीत लहर (Severe Cold Wave) का प्रकोप जारी रहने का अनुमान है।
मैदानी इलाकों का हाल: पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में ओलावृष्टि
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में मौसम विभाग ने 22 और 23 जनवरी के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। इन राज्यों में गरज-चमक के साथ ओले गिर सकते हैं।
“उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। यह स्थिति रबी की फसलों के लिए कहीं संजीवनी तो कहीं ओलों के कारण नुकसानदेह साबित हो सकती है।” – मौसम विभाग विशेषज्ञ।
इसके अलावा, पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में 22 से 26 जनवरी के बीच सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे गणतंत्र दिवस की तैयारियों और यातायात पर असर पड़ सकता है।
दिल्ली-एनसीआर: गर्मी से राहत या फिर बढ़ेगी ठिठुरन?
देश की राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही थी, जिससे लोगों को समय से पहले गर्मी का अहसास होने लगा था। बुधवार को अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री तक पहुंच गया था। हालांकि, अब मौसम बदलने से दिल्लीवासियों को राहत मिलने वाली है।
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22 जनवरी: न्यूनतम तापमान 6 से 8 डिग्री और अधिकतम 24 से 26 डिग्री के बीच रहेगा।
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23 जनवरी: इस दिन मौसम में बड़ा बदलाव आएगा। न्यूनतम तापमान बढ़कर 12 से 14 डिग्री के आसपास पहुंच सकता है, लेकिन बादलों और बारिश के कारण अधिकतम तापमान गिरकर 19 से 21 डिग्री सेल्सियस तक आ जाएगा।
इससे दिन के समय उमस भरी गर्मी से निजात मिलेगी, लेकिन वातावरण में नमी बढ़ने से हल्की ठंडक महसूस होगी।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी बदलेगा मिजाज
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान के जिलों में भी शुक्रवार को बारिश की संभावना जताई गई है। राजस्थान में जहां शीत लहर का असर कम हुआ है, वहीं इस बारिश से तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है। यूपी के बागपत, मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा जैसे इलाकों में गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
किसानों के लिए सलाह और सावधानी
मौसम विभाग ने इस बदलाव को देखते हुए किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। तेज हवाओं और ओलावृष्टि से सरसों और गेहूं की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। जहां हल्की बारिश फसलों के लिए फायदेमंद है, वहीं जलभराव और ओले चिंता का विषय हैं। विभाग ने बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे न रुकने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
मौसम डायरी: एक नज़र में (22-24 जनवरी)
| क्षेत्र | मौसम की स्थिति | मुख्य चेतावनी |
| जम्मू-कश्मीर/लद्दाख | भारी बर्फबारी | लैंडस्लाइड और रास्तों का बंद होना |
| हिमाचल/उत्तराखंड | हिमपात और बारिश | भीषण शीत लहर और पाला |
| पंजाब/हरियाणा | हल्की से मध्यम वर्षा | ओलावृष्टि और तेज हवाएं |
| दिल्ली/एनसीआर | बादल और बारिश | तापमान में गिरावट |
| उत्तर प्रदेश | हल्की वर्षा | बिजली गिरना (Thunderstorm) |
कुल मिलाकर, उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर अगले तीन से चार दिनों तक बना रहेगा। जहां पहाड़ों पर सैलानियों के लिए बर्फबारी खुशखबरी लेकर आएगी, वहीं मैदानी इलाकों में रहने वालों को बारिश और कोहरे के कारण सावधानी बरतनी होगी। बसंत पंचमी का त्योहार इस बार भीगे हुए मौसम के बीच मनाया जाएगा।


