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उत्तराखंड: CM धामी के दिशा-निर्देशों में आवास सचिव ने ली प्राधिकरण की समीक्षा बैठक, विकास कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘सरलीकरण, समाधान और निस्तारण’ के मंत्र को धरातल पर उतारने के लिए उत्तराखंड का आवास विभाग अब नए तेवरों में नजर आ रहा है। नवनियुक्त आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कार्यभार संभालते ही विकास कार्यों की कमान संभाल ली है। बुधवार को सचिवालय में मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) की पहली समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

परियोजनाओं की सघन मॉनिटरिंग: फाइलों से बाहर निकलकर होगा स्थलीय निरीक्षण

समीक्षा बैठक के दौरान आवास सचिव ने एमडीडीए की सभी गतिमान परियोजनाओं—जैसे पार्किंग निर्माण, पार्कों का विकास और आवासीय योजनाओं—की वर्तमान स्थिति का बारीकी से आकलन किया। उन्होंने घोषणा की कि वे केवल कागजी रिपोर्ट पर निर्भर नहीं रहेंगे, बल्कि खुद निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करेंगे।

डॉ. कुमार ने कहा, “मौके पर जाकर वास्तविकता का आकलन करने से न केवल समस्याओं की पहचान आसान होती है, बल्कि ठेकेदारों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जा सकती है।”

आम जन को राहत: अब आसान होगी मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया

शहरी क्षेत्रों में घर बनाने वाले आम नागरिकों के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर मानचित्र स्वीकृति (Map Approval) को लेकर आई है। आवास सचिव ने निर्देश दिए हैं कि इस प्रणाली को और अधिक सरल, पारदर्शी और त्वरित बनाया जाए।

  • अवैध निर्माण पर लगाम: सुगम प्रक्रिया से लोग अवैध निर्माण के बजाय कानूनी तरीके से मानचित्र पास कराने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

  • निवेशक अनुकूल वातावरण: मानचित्र पास होने में लगने वाले समय को कम करने से शहरी विकास के क्षेत्र में निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।

पार्कों में गंदगी फैलाने वालों की अब खैर नहीं

शहरी सुंदरता और स्वच्छता को लेकर आवास सचिव ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने एमडीडीए द्वारा संचालित पार्कों के रखरखाव के लिए निर्देश दिए कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने या गंदगी फैलाने वालों पर प्रभावी पेनल्टी (जुर्माना) लगाई जाए। उन्होंने जोर दिया कि प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों को भी इन संपत्तियों के संरक्षण में जिम्मेदारी निभानी होगी।

प्राथमिकता में शामिल हैं ये मेगा प्रोजेक्ट्स

बैठक में देहरादून और ऋषिकेश के कायाकल्प से जुड़ी कुछ प्रमुख परियोजनाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया:

  1. आढ़त बाजार पुनर्विकास: देहरादून के ऐतिहासिक बाजार को व्यवस्थित करने की योजना।

  2. इंदिरा मार्केट प्रोजेक्ट: आधुनिक सुविधाओं से लैस कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण।

  3. ऋषिकेश-देहरादून तहसील क्षेत्र: इन क्षेत्रों के सुव्यवस्थित विकास के लिए कार्ययोजना।

मास्टर प्लान और लैंड पूलिंग: भविष्य का रोडमैप

उत्तराखंड के कई शहरों के मास्टर प्लान लंबे समय से लंबित हैं। डॉ. आर. राजेश कुमार ने इसे प्राथमिकता पर लेते हुए कहा कि सभी प्राधिकरणों के साथ माहवार (Monthly) समीक्षा बैठकें होंगी।

  • लैंड बैंक में वृद्धि: लैंड पूलिंग नीति के माध्यम से सरकारी आवासीय योजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

  • समयबद्ध निस्तारण: शासन स्तर पर लंबित महत्वपूर्ण फाइलों का त्वरित निस्तारण कर विकास को गति दी जाएगी।

“मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के तहत आवास विभाग प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करेगा। हमारी प्राथमिकता विकास योजनाओं को पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करना है।” — डॉ. आर. राजेश कुमार, सचिव, आवास विभाग

अधिकारियों की उपस्थिति

बैठक की शुरुआत में एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने आवास सचिव का स्वागत किया और परियोजनाओं का प्रेजेंटेशन दिया। इस दौरान वित्त नियंत्रक संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता सुनील कुमार सहित तकनीकी टीम के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

डॉ. आर. राजेश कुमार की इस पहली बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले दिनों में देहरादून और मसूरी सहित पूरे प्रदेश के शहरी बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। अब देखना यह है कि सचिव के ये कड़े निर्देश धरातल पर कितनी जल्दी रंग लाते हैं।

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