
देहरादून/गैरसैंण: उत्तराखंड की धामी सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट सत्र को लेकर अपनी रणनीति साफ कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि राज्य का आगामी बजट सत्र चमोली जिले के गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में आहूत किया जाएगा। इस फैसले के साथ ही राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी में एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज होने की उम्मीद है।
भराड़ीसैंण में सत्र: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट की मंशा
बजट सत्र के आयोजन स्थल को लेकर मंत्रिमंडल ने पहले ही मुख्यमंत्री को अधिकृत किया था। मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार जनभावनाओं के अनुरूप गैरसैंण के विकास और वहां सत्र आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया, “पिछले साल भी हमारी प्राथमिकता गैरसैंण में ही सत्र कराने की थी, लेकिन विधानसभा परिसर के भीतर तकनीकी रखरखाव (Maintenance) का कार्य चलने के कारण मजबूरीवश सत्र वहां आयोजित नहीं हो सका था। लेकिन इस बार सरकार ने पहले ही सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और बजट सत्र भराड़ीसैंण में ही होगा।” हालांकि, सत्र की सटीक तारीखों का ऐलान अभी होना बाकी है।
बजट 2026-27: विभागवार चर्चाओं का दौर शुरू
वित्त विभाग ने आगामी वित्तीय वर्ष के बजट को अंतिम रूप देने के लिए कसरत तेज कर दी है। वित्त सचिव दिलीप जावलकर के अनुसार, सभी विभागों से उनकी मांगों का ब्योरा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त कर लिया गया है।
बजट निर्माण की प्रमुख प्रक्रियाएं:
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ऑनलाइन डेटा संग्रह: सभी विभागों ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपनी मांगों की सूचना वित्त विभाग के पोर्टल पर अपलोड कर दी है।
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विभागीय परीक्षण: प्राप्त मांगों का वर्तमान में गहन परीक्षण किया जा रहा है ताकि फिजूलखर्ची को रोककर विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा सके।
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एक महीने का चर्चा कार्यक्रम: अगले एक महीने तक वित्त विभाग प्रत्येक विभाग के साथ अलग-अलग बैठकें करेगा, जिसमें उनकी प्राथमिकताओं और पिछले बजट के खर्च का लेखा-जोखा देखा जाएगा।
केंद्रीय बजट का रहेगा प्रभाव
वित्त सचिव ने यह भी रेखांकित किया कि 1 फरवरी को केंद्र सरकार द्वारा पेश किया जाने वाला ‘आम बजट’ उत्तराखंड के लिए दिशा-निर्देशक का कार्य करेगा। केंद्र से मिलने वाले अनुदान और नई योजनाओं के आधार पर ही राज्य के बजट को फाइनल शेप दी जाएगी। इसके बाद इसे अंतिम अनुमोदन के लिए प्रदेश मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा।
एक नजर: पिछले सत्र (2025) में पारित हुए महत्वपूर्ण विधेयक
पिछले सत्र के दौरान धामी सरकार ने विधायी कार्यों में तेजी दिखाते हुए कई महत्वपूर्ण बिल पास किए थे, जो राज्य के विकास और नीतिगत ढांचे में बदलाव के लिए अहम हैं:
| विधेयक का नाम | उद्देश्य/प्रभाव |
| उत्तराखंड क्रीड़ा विश्वविद्यालय विधेयक | राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने हेतु विवि की स्थापना। |
| जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था संशोधन | राज्य की भूमि व्यवस्था में सुधार और सरलीकरण। |
| कुशल खिलाड़ियों हेतु क्षैतिज आरक्षण | सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों के लिए आरक्षण का प्रावधान। |
| नगर एवं ग्राम नियोजन संशोधन विधेयक | शहरी और ग्रामीण नियोजन को बेहतर बनाने हेतु। |
| विनियोग विधेयक, 2025 | सरकारी खर्चों के लिए विधायी स्वीकृति। |
इसके अतिरिक्त माल और सेवा कर (GST) संशोधन, निजी विश्वविद्यालय संशोधन और नगर निकायों से जुड़े कई अहम बिलों पर सदन की मुहर लगी थी।
विपक्ष की घेराबंदी और सुरक्षा चुनौतियां
भराड़ीसैंण में सत्र होने की घोषणा के साथ ही प्रशासन ने सुरक्षा और लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं का जायजा लेना शुरू कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्र और कड़ाके की ठंड के बीच सत्र आयोजित करना हमेशा से एक चुनौती रहा है। वहीं, विपक्षी दल कांग्रेस भी बेरोजगारी, भर्ती घोटालों और गैरसैंण के स्थायी बुनियादी ढांचे को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
गैरसैंण में बजट सत्र का आयोजन केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड के जनमानस की भावनाओं से जुड़ा एक राजनीतिक संदेश भी है। मुख्यमंत्री धामी का यह फैसला उनकी सरकार की ‘पहाड़ केंद्रित’ सोच को दर्शाता है। अब सबकी निगाहें वित्त मंत्री द्वारा पेश किए जाने वाले उस ‘पिटारे’ पर हैं, जो वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उत्तराखंड के विकास का रोडमैप तय करेगा।



