
चंपावत/लोहाघाट: उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार इन दिनों ‘अंतिम छोर’ पर खड़े व्यक्ति तक शासन की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। इसी कड़ी में चंपावत जिले के लोहाघाट स्थित प्रसिद्ध कोली ढेक झील परिसर में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंची प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने न केवल जनता की शिकायतों को सुना, बल्कि मौके पर ही 72 जन समस्याओं का निस्तारण कर जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
न्याय पंचायत स्तर पर जनसुनवाई: विकास का नया मॉडल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार विकास की धारा को प्रदेश के सबसे दुर्गम और दूरस्थ गांवों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण बदलाव का जिक्र करते हुए कहा, “एक समय था जब जनसुनवाई केवल जिला मुख्यालय या ब्लॉक स्तर तक सीमित रहती थी, जिससे ग्रामीणों को अपनी बात रखने के लिए मीलों सफर करना पड़ता था। लेकिन आज हमारी सरकार न्याय पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर जनता के पास खुद पहुंच रही है।” मंत्री ने जोर देकर कहा कि भाजपा की राजनीति का केंद्र बिंदु हमेशा ‘विकास’ रहा है और यही कारण है कि आज जमीनी स्तर पर समस्याओं के समाधान की गति में अभूतपूर्व तेजी आई है।
स्टालों का निरीक्षण और विकास योजनाओं का लाभ
शिविर के दौरान कैबिनेट मंत्री ने विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का विस्तृत निरीक्षण किया। इन स्टालों के माध्यम से स्थानीय जनता को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई और कई पात्र लाभार्थियों का मौके पर ही पंजीकरण किया गया।
मंत्री रेखा आर्या ने इस अवसर पर प्रतीकात्मक रूप से पात्र महिलाओं को महालक्ष्मी किट वितरित किए और जरूरतमंदों को कंबलों का वितरण किया। साथ ही, श्रमिकों के कल्याण हेतु श्रम कार्ड सौंपे गए और विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता राशि के चेक लाभार्थियों को प्रदान किए गए।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें: सड़क से लेकर पेयजल तक
‘जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार’ शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी शिकायतें और मांगें लेकर पहुंचे। जनसुनवाई के दौरान प्रमुख रूप से निम्नलिखित मुद्दे छाए रहे:
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बुनियादी ढांचा: नए संपर्क मार्गों का निर्माण और पुराने पैदल रास्तों का सुधारीकरण।
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कृषि सुरक्षा: जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए खेतों के चारों ओर तारबाड़ (Fencing) लगाने की मांग।
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आवास एवं राशन: अटल आवास योजना के तहत सहायता और नए राशन कार्ड व आधार कार्ड से जुड़ी समस्याएं।
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पेयजल एवं खेल: नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना और युवाओं के लिए खेल मैदानों का निर्माण।
कैबिनेट मंत्री ने इन सभी समस्याओं को गंभीरता से दर्ज किया और संबंधित विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे तय समय सीमा के भीतर इन शिकायतों का समाधान कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
जिलाधिकारी के प्रयासों की सराहना
कार्यक्रम के दौरान रेखा आर्या ने चंपावत के जिलाधिकारी मनीष कुमार के कार्यकौशल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी द्वारा प्रत्येक सप्ताह आयोजित किए जा रहे ‘जन मिलन’ कार्यक्रम से स्थानीय जनता और प्रशासन के बीच की दूरी कम हुई है। जिले के अधिकारी जिस प्रकार सक्रिय होकर लोगों की समस्याओं को सुलझा रहे हैं, वह प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी एक उदाहरण है।
कोली ढेक झील: पर्यटन और प्रशासन का संगम
लोहाघाट की कोली ढेक झील परिसर में इस कार्यक्रम के आयोजन का एक उद्देश्य क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को भी बल देना था। प्रशासन का मानना है कि ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रमों के जरिए सुंदर स्थलों का प्रचार-प्रसार भी होता है, जिससे भविष्य में स्थानीय आर्थिकी को मजबूती मिलेगी।
सुशासन की ओर बढ़ते कदम
‘जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार’ अभियान केवल शिकायतों के निस्तारण का मंच नहीं है, बल्कि यह धामी सरकार की ‘जवाबदेह शासन’ (Accountable Governance) की मंशा को भी दर्शाता है। चंपावत के लोहाघाट में आयोजित यह सफल शिविर इस बात का प्रमाण है कि यदि सरकार और प्रशासन जनता की चौखट तक पहुंचे, तो विकास की राह में आने वाली बाधाओं को सुगमता से दूर किया जा सकता है।



