
देहरादून | विशेष ब्यूरो उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने नए साल की शुरुआत के साथ ही प्रशासनिक तंत्र में एक बड़ी ‘सर्जरी’ की है। लंबे समय से प्रतीक्षित इस फेरबदल के तहत शासन ने शुक्रवार देर रात 18 आईएएस (IAS) और 11 पीसीएस (PCS) अधिकारियों के स्थानांतरण और उनकी जिम्मेदारियों में व्यापक बदलाव के आदेश जारी कर दिए हैं।
इस भारी फेरबदल का मुख्य उद्देश्य शासन की कार्यप्रणाली में गति लाना, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और आगामी विकास योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना माना जा रहा है। विशेष रूप से आवास, स्वास्थ्य, पेयजल और कुंभ जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नई तैनाती की गई है।
IAS तबादले: दिग्गजों के विभागों में कटौती और नई जिम्मेदारियां
तबादला सूची पर गौर करें तो राज्य के कई कद्दावर अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बड़ा परिवर्तन हुआ है।
मीनाक्षी सुंदरम और शैलेश बगौली के कद में बदलाव:
प्रमुख सचिव मीनाक्षी सुंदरम से आवास विभाग जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वापस ले ली गई है। वहीं, सचिव शैलेश बगौली से पेयजल विभाग का प्रभार हटा दिया गया है। इन दोनों अधिकारियों को अब अन्य रणनीतिक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य और आवास विभाग में बड़ा उलटफेर:
सचिव आर राजेश कुमार को अब स्वास्थ्य विभाग से हटाकर आवास विभाग की कमान सौंपी गई है। उनकी जगह सचिन कुर्वे को स्वास्थ्य विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है, जो राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने का जिम्मा संभालेंगे।
अन्य महत्वपूर्ण बदलाव:
-
बीवीआरसी पुरुषोत्तम: इनसे सहकारिता विभाग वापस लिया गया है।
-
अहमद इकबाल: इन्हें सहकारिता विभाग की नई जिम्मेदारी दी गई है।
-
रंजना राजगुरु: इन्हें आयुष विभाग का नया प्रभारी बनाया गया है।
-
दीपेंद्र चौधरी: इनसे सचिवालय प्रशासन और आयुष विभाग का अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिया गया है।
-
देव कृष्ण तिवारी: इन्हें नियोजन सचिव की महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है।
प्रशासनिक फेरबदल: मुख्य IAS अधिकारियों की नई तैनाती (टेबल)
| अधिकारी का नाम | नया विभाग/पदभार | पूर्व विभाग (हटाया गया) |
| आर राजेश कुमार | आवास विभाग | स्वास्थ्य विभाग |
| सचिन कुर्वे | स्वास्थ्य विभाग | – |
| रणवीर सिंह चौहान | सचिवालय प्रशासन | खाद्य एवं राज्य संपत्ति |
| आनंद स्वरूप | खाद्य विभाग | – |
| उमेश नारायण पांडे | पुनर्गठन और भाषा विभाग | – |
| राजेंद्र कुमार | सचिव सामान्य प्रशासन | – |
| विजय कुमार जोगदंडे | अपर सचिव निर्वाचन (अतिरिक्त) | – |
| प्रवीण कुमार | अपर निदेशक शहरी विकास | – |
PCS अधिकारियों को फील्ड और कुंभ की जिम्मेदारी
शासन ने केवल सचिवालय ही नहीं, बल्कि फील्ड स्तर पर भी व्यापक बदलाव किए हैं। 11 पीसीएस अधिकारियों के तबादलों में कुंभ मेले और जिला प्रशासन पर विशेष ध्यान दिया गया है।
-
कुंभ की तैयारी: आकाश जोशी को डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार के साथ-साथ उप मेला अधिकारी कुंभ की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। उनके साथ ही मनजीत सिंह को भी उप मेला अधिकारी कुंभ नियुक्त किया गया है, जो आगामी धार्मिक आयोजनों की व्यवस्था देखेंगे।
-
नैनीताल और हरिद्वार में बदलाव: अरविंद पांडे को नैनीताल का मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बनाया गया है। वहीं, अनिल कुमार को हरिद्वार का नया डिप्टी कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
-
चीनी मिल और अन्य विभाग: पीसीएस अधिकारी नूपुर को अधिशासी निदेशक (चीनी मिल) की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि प्रत्यूष सिंह को संयुक्त सचिव, एमडीडीए (MDDA) बनाया गया है।
-
जिला स्तरीय तैनाती: राहुल शाह को उधम सिंह नगर, संदीप कुमार को पौड़ी और ललित मोहन तिवारी को पिथौरागढ़ का डिप्टी कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
सत्यापन और जवाबदेही पर सरकार का कड़ा रुख
शासन के सूत्रों का कहना है कि यह फेरबदल केवल रूटीन प्रक्रिया नहीं है। पिछले कुछ समय से कुछ विभागों में फाइलों की गति धीमी होने और विकास कार्यों में देरी की शिकायतें मिल रही थीं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जो अधिकारी प्रदर्शन नहीं करेंगे, उन्हें फील्ड से हटाकर प्रतीक्षा में रखा जाएगा। इसी क्रम में अनामिका को फिलहाल ‘बाध्य प्रतीक्षा’ (Waiting) में रखा गया है।
साथ ही, वित्त सेवा के अधिकारी मनमोहन मनाली को निदेशक ऑडिट की जिम्मेदारी सौंपकर वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है।
कुंभ और विकास योजनाओं पर फोकस
इस तबादला सूची का एक बड़ा हिस्सा हरिद्वार और कुंभ मेले की तैयारियों से प्रेरित है। राज्य सरकार चाहती है कि कुंभ जैसे वैश्विक आयोजन के लिए अनुभवी और ऊर्जावान अधिकारियों की टीम तैनात रहे। हरिद्वार में तीन नए डिप्टी कलेक्टरों और दो उप मेला अधिकारियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है।
क्या एक और सूची आएगी?
सचिवालय के गलियारों में चर्चा है कि यह केवल पहली किस्त है। माना जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में एक और सूची जारी हो सकती है, जिसमें कुछ और जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस कप्तानों (SSP) के कार्यक्षेत्र बदले जा सकते हैं। विशेष रूप से उन जिलों में जहां विकास कार्यों की गति धीमी है, वहां नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है।
प्रशासनिक कुशलता की दिशा में बड़ा कदम
उत्तराखंड जैसे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य के लिए प्रशासनिक स्थिरता और गतिशीलता दोनों अनिवार्य हैं। 29 अधिकारियों के इस व्यापक फेरबदल से शासन ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह 2026 के लक्ष्यों को लेकर गंभीर है। अब देखना यह होगा कि नई जिम्मेदारियों के साथ ये अधिकारी धरातल पर कितना बदलाव ला पाते हैं।



