रामनगर (नैनीताल): नैनीताल जिले के रामनगर कोतवाली क्षेत्र में सनसनी फैला देने वाले समीर हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। 20 वर्षीय युवक की पत्थर से सिर कूचकर की गई निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि हत्यारा कोई और नहीं, बल्कि मृतक का करीबी दोस्त ही निकला। नशे की लत और आपसी विवाद ने एक हंसते-खेलते युवक की जान ले ली।
क्या है पूरा मामला? (गुलरघट्टी में मिली थी लहूलुहान लाश)
घटनाक्रम के अनुसार, गुरुवार 15 जनवरी की सुबह रामनगर के मोहल्ला गुलरघट्टी क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब स्थानीय लोगों ने एक युवक का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतक की शिनाख्त आदर्श नगर कॉलोनी निवासी समीर उर्फ लक्की (20 वर्ष) के रूप में की।
समीर का सिर और चेहरा किसी भारी पत्थर या ईंट से बुरी तरह कुचला गया था, जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई थी। समीर के भाई रिजवान ने पुलिस को बताया कि समीर बुधवार शाम घर से निकला था, लेकिन जब वह देर रात तक वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। गुरुवार सुबह उसकी मौत की खबर ने परिवार में कोहराम मचा दिया।
CCTV फुटेज और पुलिस की 4 टीमें: ऐसे दबोचे गए हत्यारे
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नैनीताल ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक (SP) मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए चार विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया था।
जांच टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे लगभग 45 सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस को मुख्य आरोपी नजीर के बारे में अहम सुराग मिले। कड़ी घेराबंदी करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी नजीर को कोसी नदी के किनारे से गिरफ्तार कर लिया।
नशे का विवाद और वह खौफनाक रात
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी नजीर (निवासी गुलरघट्टी) ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। एसपी मनोज कुमार कत्याल के अनुसार:
-
नशे की लत: समीर और नजीर दोनों गहरे दोस्त थे और अक्सर साथ में नशे का सेवन करते थे।
-
विवाद की वजह: बुधवार रात नशे का सेवन करने के दौरान नशे की मात्रा (Dose) को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
-
हत्या का तरीका: विवाद इतना बढ़ा कि नजीर ने तैश में आकर समीर को जमीन पर पटक दिया और पास में पड़ी ईंट से उसके सिर और चेहरे पर ताबड़तोड़ कई वार किए। समीर के अचेत होने के बाद आरोपी उसे मरणासन्न हालत में छोड़कर फरार हो गया।
सह-आरोपी की गिरफ्तारी और साक्ष्य बरामदगी
पुलिस ने इस मामले में नजीर के साथ उसके एक अन्य साथी आशीष (निवासी ग्राम पूछड़ी) को भी गिरफ्तार किया है। आशीष पर आरोप है कि उसे इस जघन्य अपराध की पूरी जानकारी थी, लेकिन उसने इसे पुलिस से छुपाया।
पुलिस ने आरोपी नजीर की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त ईंट (आला-ए-कत्ल), खून से सने कपड़े और जूते भी बरामद कर लिए हैं। ये साक्ष्य न्यायालय में आरोपियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
पुलिस की सक्रियता की सराहना
रामनगर की घनी आबादी वाले क्षेत्र में हुई इस वारदात से स्थानीय लोगों में काफी रोष था। हालांकि, पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई और सटीक वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर 24 घंटे के भीतर किए गए खुलासे ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर जनता का विश्वास मजबूत किया है। पुलिस अब आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास की भी पड़ताल कर रही है।
समीर हत्याकांड एक बार फिर समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और उसके भयावह परिणामों की ओर इशारा करता है। रामनगर पुलिस ने आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजकर अपना कर्तव्य पूरा किया है, लेकिन नशे की इस गर्त में समाती युवा पीढ़ी को बचाना समाज के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।



