
हरिद्वार (रोशनाबाद): उत्तराखंड के सबसे चर्चित और संवेदनशील अंकिता भंडारी हत्याकांड में शुक्रवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। कथित ‘वीआईपी’ (VIP) के नाम का खुलासा करने का दावा करने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर आज भारी सुरक्षा के बीच हरिद्वार के रोशनाबाद स्थित न्यायालय पहुंचीं। उर्मिला ने कोर्ट के समक्ष वह मोबाइल फोन जमा कराया है, जिसे इस केस में सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी आवाज के नमूने (Voice Samples) भी दर्ज कराए हैं।
उर्मिला का दावा: “इस फोन में छिपा है अंकिता के कातिलों का सच”
अदालत परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए उर्मिला सनावर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने वह डिवाइस (मोबाइल फोन) माननीय न्यायालय को सौंप दी है, जिसमें अंकिता हत्याकांड से जुड़े महत्वपूर्ण ऑडियो और वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं। उर्मिला का दावा है कि इस फोन में पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उनके बीच हुई बातचीत रिकॉर्ड है, जिसमें कथित तौर पर उस ‘वीआईपी’ का नाम लिया गया है, जिसका जिक्र अंकिता भंडारी केस की शुरुआत से ही होता रहा है।
उर्मिला ने कहा, “मैं अंकिता को न्याय दिलाने के लिए यह लड़ाई लड़ रही हूं। यह साक्ष्य अब न्यायपालिका की कस्टडी में हैं और मुझे उम्मीद है कि अब सच सामने आएगा।”
सुरेश राठौर नहीं हुए पेश, उर्मिला के साथ पहुंचे स्वामी दर्शन भारती
तय कार्यक्रम के अनुसार, इस मामले में भाजपा से निष्कासित ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को भी आज अदालत में हाजिर होना था। हालांकि, उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए कोर्ट आने में असमर्थता जताई। दूसरी ओर, उर्मिला सनावर के समर्थन में कट्टरपंथी और सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी दर्शन भारती भी रोशनाबाद कोर्ट पहुंचे।
कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इंस्पेक्टर आरके सकलानी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा। वॉयस सैंपल और मोबाइल जमा करने की प्रक्रिया के दौरान जांच टीम के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
क्या है ‘कथित VIP’ का पूरा विवाद?
करीब तीन साल पहले हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया था। लंबे समय तक यह मामला शांत रहा, लेकिन हाल ही में उर्मिला सनावर ने एक ऑडियो और वीडियो क्लिप जारी कर उत्तराखंड की सियासत में ‘भूचाल’ ला दिया।
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ऑडियो लीक: ऑडियो में कथित तौर पर सुरेश राठौर और उर्मिला के बीच बातचीत हो रही है, जिसमें एक प्रभावशाली नेता (VIP) का नाम अंकिता केस से जोड़ा गया है।
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राजनीतिक दबाव: इस ऑडियो के वायरल होने के बाद बहादराबाद और झबरेड़ा थानों में मुकदमे दर्ज हुए और विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
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CBI जांच की मांग: भारी जन-आक्रोश और विपक्षी घेराबंदी के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई (CBI) जांच की सिफारिश कर दी है।
“अभी अंकिता को मिला है केवल आधा न्याय”
उर्मिला सनावर ने मुख्यमंत्री धामी द्वारा सीबीआई जांच की संस्तुति करने के फैसले का स्वागत किया है, लेकिन उन्होंने इसे ‘अधूरा न्याय’ करार दिया। उर्मिला ने भावुक होते हुए कहा, “अंकिता की आत्मा को तब तक शांति नहीं मिलेगी जब तक उस वीआईपी का चेहरा दुनिया के सामने नहीं आ जाता जिसने एक मासूम की जिंदगी छीन ली। अभी लड़ाई बाकी है, और मुझे उत्तराखंड की जनता का साथ चाहिए।”
SIT और पुलिस जांच की दिशा
एसआईटी (SIT) पहले ही उर्मिला सनावर से लंबी पूछताछ कर चुकी है। अब कोर्ट में जमा कराए गए मोबाइल की फोरेंसिक जांच और वॉयस सैंपल के मिलान से यह स्पष्ट हो पाएगा कि ऑडियो के साथ कोई छेड़छाड़ हुई है या नहीं। यदि ऑडियो सही पाया जाता है, तो यह अंकिता भंडारी केस में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होगा और कई बड़े नामों पर गाज गिर सकती है।
अंकिता भंडारी केस: अब तक का घटनाक्रम
| तिथि/चरण | महत्वपूर्ण घटना |
| सितंबर 2022 | अंकिता भंडारी की ऋषिकेश के वनंतरा रिसॉर्ट में हत्या। |
| 2023-24 | ‘VIP’ के नाम को लेकर लगातार आंदोलन और कोर्ट में सुनवाई। |
| दिसंबर 2025 | उर्मिला सनावर का ऑडियो-वीडियो वायरल, सुरेश राठौर पर आरोप। |
| 16 जनवरी 2026 | उर्मिला ने कोर्ट में मोबाइल और वॉयस सैंपल जमा कराए। |
| वर्तमान स्थिति | सीएम धामी द्वारा सीबीआई जांच की सिफारिश, कोर्ट की निगरानी में जांच जारी। |
अंकिता भंडारी हत्याकांड अब महज एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि उत्तराखंड के स्वाभिमान की लड़ाई बन चुका है। उर्मिला सनावर द्वारा साक्ष्य जमा कराए जाने के बाद अब गेंद सीबीआई और न्यायपालिका के पाले में है। क्या वाकई वह ‘वीआईपी’ बेनकाब होगा या यह मामला फिर से फाइलों में दब जाएगा? यह आने वाला वक्त ही बताएगा।



