
नई दिल्ली: उत्तर भारत इस समय कुदरत के दोहरे वार—भीषण शीतलहर और जानलेवा कोहरे—की चपेट में है। राजधानी दिल्ली समेत समूचा उत्तर-पश्चिम भारत कड़ाके की ठंड से कांप रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। पिछले कई दिनों से जारी सूर्यदेव की लुकाछिपी और बर्फीली हवाओं ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
दिल्ली में टूटा 16 साल का रिकॉर्ड, पालम बना ‘शिमला’
राजधानी दिल्ली में गुरुवार का दिन सीजन का सबसे सर्द दिन दर्ज किया गया। दिल्ली के पालम इलाके में न्यूनतम तापमान गिरकर महज 2.3 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस कम है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पालम में साल 2010 के बाद यह जनवरी का सबसे न्यूनतम तापमान है। वहीं, आयानगर में पारा 2.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो दिल्ली का दूसरा सबसे ठंडा इलाका रहा।
दिल्ली की सड़कों पर सुबह के वक्त विजिबिलिटी शून्य के करीब पहुंच रही है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पर व्यापक असर पड़ा है। कई ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं, तो वहीं उड़ानों के परिचालन में भी बाधा आ रही है।
हिसार और पंतनगर में शून्य के करीब पारा
शीतलहर का सबसे भीषण रूप हरियाणा और उत्तराखंड में देखने को मिल रहा है। 15 जनवरी को देश के मैदानी इलाकों में हरियाणा का हिसार सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 0.2 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। उत्तराखंड के पंतनगर में भी स्थिति ऐसी ही रही, जहां तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इन इलाकों में सुबह के वक्त खेतों में ओस की बूंदें बर्फ की चादर जैसी जमी हुई नजर आईं।
5 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट: IMD की चेतावनी
मौसम विभाग ने अपनी ताजा बुलेटिन में चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक राहत के आसार कम हैं। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में “भीषण ठंड” (Severe Cold Day) और “बहुत घने कोहरे” (Very Dense Fog) की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जब दृश्यता 50 मीटर से कम हो और तापमान सामान्य से काफी नीचे चला जाए, तब ऑरेंज अलर्ट जारी कर प्रशासन और जनता को सावधान रहने की सलाह दी जाती है।
शीतलहर का विस्तार: ओडिशा से राजस्थान तक असर
शीतलहर का यह प्रकोप केवल दिल्ली-एनसीआर तक सीमित नहीं है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार:
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अगले 2 दिन: पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड में तीव्र शीतलहर जारी रहेगी।
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अगले 5 दिन: उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार के बड़े हिस्से में सुबह और रात के वक्त घना कोहरा छाया रहेगा।
पश्चिमी विक्षोभ लाएगा बदलाव: क्या कोहरे से मिलेगी निजात?
कड़ाके की ठंड के बीच राहत की एक खबर भी सामने आ रही है। हिमालयी क्षेत्र में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) दस्तक देने वाला है। इसके प्रभाव से दिल्ली में 16 जनवरी की शाम से आसमान में बादल छाने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार बदलाव के संकेत:
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बादलों की आवाजाही: अगले पांच दिनों तक आंशिक तौर पर बादल छाए रह सकते हैं।
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कोहरे में कमी: बादलों के आने से कोहरे की तीव्रता में कमी आएगी, जिससे दृश्यता (Visibility) में सुधार होगा।
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तापमान में वृद्धि: बादलों की चादर के कारण रात का तापमान (Minimum Temperature) बढ़कर 6-8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे रात की कंपकंपी कम होगी।
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अधिकतम तापमान: दिन का तापमान भी 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जिससे धूप निकलने पर राहत महसूस होगी।
स्वास्थ्य और सुरक्षा की सलाह
भीषण ठंड और शीतलहर को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। कोहरे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं से बचने के लिए वाहन चालकों को ‘फॉग लाइट’ का उपयोग करने और गति सीमा नियंत्रित रखने को कहा गया है।
उत्तर भारत इस समय प्राकृतिक चुनौती के दौर से गुजर रहा है। हालांकि, आगामी पश्चिमी विक्षोभ से तापमान में मामूली बढ़ोतरी की उम्मीद है, लेकिन जनवरी का अंत होते-होते ठंड के और भी कई स्पेल देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल, लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें।



