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देहरादून: पत्रकार पंकज मिश्रा की मौत का खुलासा, दो आरोपियों को किया गिरफ्तार, दोबारा किया गया मृतक का पोस्टमार्टम

देहरादून, 17 दिसंबर 2025। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत दून विहार में किराए पर रह रहे युवक पंकज मिश्रा की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला जानलेवा मारपीट से जुड़ा हुआ है और मृतक के परिजनों की शिकायत के आधार पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गहन एवं बहुआयामी जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच और गवाहों के बयानों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ है कि मृतक के साथ घटना से एक दिन पहले मारपीट और धमकी दी गई थी, जिसके चलते उसकी मौत हुई।


अचेत अवस्था में मिला पत्रकार, अस्पताल में मृत घोषित

पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, 16 दिसंबर 2025 की सुबह कंट्रोल रूम के माध्यम से थाना राजपुर को सूचना मिली कि दून विहार क्षेत्र में एक किराएदार व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा हुआ है और कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची।

पुलिस ने बताया कि मौके पर पहुंचने पर पंकज मिश्रा अपने घर के पीछे वाले कमरे में बेड के पास फर्श पर मुंह के बल अचेत अवस्था में पड़े मिले। तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से उन्हें दून अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कराई।


परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, एसएसपी से की मुलाकात

घटना की सूचना मिलने पर 16 दिसंबर की रात मृतक के भाई अरविंद मिश्रा, निवासी लखनऊ, अन्य परिजनों के साथ देहरादून पहुंचे और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून से मुलाकात की। परिजनों ने पुलिस को दी गई तहरीर में गंभीर आरोप लगाए।

परिजनों के अनुसार, 15 दिसंबर 2025 को आरोपियों ने मृतक के घर में घुसकर पंकज मिश्रा और उनकी पत्नी के साथ गाली-गलौज की, दोनों के मोबाइल फोन छीन लिए और जान से मारने की नीयत से मारपीट की। परिजनों का आरोप है कि इसी मारपीट के चलते पंकज मिश्रा की मौत हुई।


गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज, जांच में तेजी

परिजनों की शिकायत के आधार पर एसएसपी देहरादून के निर्देश पर थाना राजपुर में मुकदमा संख्या 234/25 दर्ज किया गया। यह मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103, 304, 333 और 352 के तहत अमित सहगल और अन्य आरोपियों के खिलाफ पंजीकृत किया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह धाराएं गंभीर आपराधिक कृत्य, जानलेवा हमला और मारपीट से संबंधित हैं, जिनमें कड़ी सजा का प्रावधान है।


परिजनों की मांग पर दोबारा पोस्टमार्टम

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए और परिजनों की मांग पर एसएसपी देहरादून ने शव का दोबारा पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराने के निर्देश दिए। यह पोस्टमार्टम 17 दिसंबर 2025 को कराया गया।

पुलिस के अनुसार, दोबारा पोस्टमार्टम का उद्देश्य मौत के कारणों को लेकर किसी भी तरह की शंका को दूर करना और पुख्ता चिकित्सीय साक्ष्य जुटाना था।


गवाहों के बयान और साक्ष्य बने गिरफ्तारी की वजह

पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान

  • मृतक के भाई (वादी),
  • मृतक की पत्नी,
  • मकान मालिक,
  • और आसपास के स्थानीय गवाहों के बयान दर्ज किए गए।

इसके साथ ही घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कर भौतिक साक्ष्य एकत्र किए गए। इन साक्ष्यों और बयानों के आधार पर पुलिस ने 17 दिसंबर 2025 को लंबी पूछताछ के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।


गिरफ्तार आरोपियों का विवरण

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है—

  1. अमित सहगल
    • पिता: स्व. अशोक सहगल
    • निवासी: विजयपुर गोपीवाला अनारवाला, थाना कैंट, देहरादून
    • उम्र: 51 वर्ष
  2. पार्थोशील
    • पिता: मनिंद्रनाथ सील
    • निवासी: मकान नंबर 11, पांच बावड़ी, गोरेगांव ईस्ट, मुंबई-400063
    • उम्र: 45 वर्ष

साइबर, एसओजी और फोरेंसिक टीम जांच में जुटी

पुलिस के अनुसार, अभी तक प्राप्त साक्ष्यों और बयानों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। मामले की विस्तृत, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए

  • साइबर सेल,
  • एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप)
  • और फोरेंसिक टीम को भी जांच में लगाया गया है।

एसएसपी देहरादून ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हर पहलू की गहन जांच की जाए और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


इलाके में चर्चा, परिजनों को न्याय का भरोसा

घटना के बाद दून विहार क्षेत्र में दहशत और चर्चा का माहौल बना हुआ है। वहीं, पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी से मृतक के परिजनों ने निष्पक्ष जांच और न्याय मिलने की उम्मीद जताई है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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